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कंपनी बनाना, लोगों का ठगना, फिर अॉफिस बंद कर फरार हो जाना फितरत है संजय तिवारी का

NEWS WING
Ranchi, 03 October :
एसबीअाई ने मिड डे मिल का 100 करोड़ रुपया जिस भानु कंस्ट्रक्शन कंपनी के खाते में ट्रांसफर किया था, उस कंपनी ने रांची में अपने कार्यालय को बंद करने की घोषणा कर दी. भानु कंंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक संजय तिवारी को जानने वालों का कहना है कि यह कोई पहली व नई घटना नहीं है. कंपनी बनाना, लोगों को ठगना अौर फिर किसी बहाने से अाफिस बंद करके फरार हो जाना ही संजय तिवारी की फितरत है. 

धनबाद में बनाया था ई-अाक्टोपस कंपनी

संजय तिवारी ने करीब चार साल पहले धनबाद में ई-अाक्टोपस नामक कंपनी बनायी थी. इस कंपनी का कार्यालय धनबाद के बैंक मोड़ में खोला था. बाद में फरजीवाड़ा करके उसने कंपनी को बंंद कर दिया अौर खुद कोलकाता शिफ्ट हो गया. धनबाद में भी उसने कई लोगोंं से ठगी की थी. कोलकाता में भी उसने कई गड़बड़ियां की अौर फिर भाग कर रांची अा गया. 

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लाईफ केयर सोसाइटी नाम से एनजीअो चलाता है

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संजय तिवारी के बारे में उसको जानने वाले बताते हैं कि फरजीवाड़ा को अागे बढ़ाने के लिए उसने लाइफ केयर सोसाइटी के नाम से एनजीअो खोल रखा है. एनजीअो क्या काम करता है, इसकी जानकारी वह किसी को नहीं देता है.

काम देने के नाम पर कई लोगोंं को ठगा

भानु कंस्ट्रक्शन कंपनी की वेबसाईट पर चौंकाने वाली जानकारियां है. उसने यह बताया है कि बिहार-झारखंड में वह कई सड़कों को बनाने का काम पेटी कांट्रेक्टर के रुप में कर चुका है. जबकि सच्चाई यह है कि उसके द्वारा वेबसाईट पर दी गयी अधिकांश जानकारी गलत है. उसने कई कंपनियोंं का पेटी कांट्रेक्टर होने की बात करके कई लोगों से ठगी की है. भोपाल के महुअाड़ डैम की मरम्मती का काम मुंबई की कंपनी यूनिटी इंफ्रा लिमिटेड को मिला था. संजय तिवारी ने भोपाल के किसी शर्मा जी से यह कह कर 30 लाख की ठगी कर ली कि डैम का काम उसे मिला है. इसी तरह संजय तिवारी ने हजारीबाग-बरही रोड के काम को भी खुद का काम बताकर एक व्यक्ति से ठगी कर ली थी. उसने रांची-टाटा रोड बनाने वाली कंपनी का फरजी कागज बनाकर भी एक व्यक्ति से लाखों  रुपये ठग लिए थे. 

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