Uncategorized

एनसीएसके अध्यक्ष के आदेश की भी परवाह नहीं निगम को! 7200 रुपये पर काम करने को विवश हैं निगम के सफाईकर्मी

Nitesh ojha

Ranchi  :  रांची नगर निगम में कार्यरत मैला ढोने व झाडू लगाने वाले करीब 600 सफाईकर्मी आज भी सम्मानजनक वेतन पाने की उम्मीद लगाये हुए हैं, जबकि निगम के अधिकारी इस दिशा में सक्रियता से काम करने और उनकी स्थिति सुधारने को लेकर सजग नहीं दिखते हैं. लगभग दो माह पूर्व  राष्‍ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (एनसीएसके) के अध्यक्ष मनहर वालजी भाई जाला ने रांची आगमन के दौरान निगम के अधिकारियों को आदेश दिया था कि वे हर दो माह में सफाईकर्मियों के साथ बैठक कर उनके कल्याण पर काम करें. उक्त समय सीमा समाप्त होने में कुछ ही दिन बचे है, लेकिन इसे लेकर निगम ने अभी तक एक भी बैठक आयोजित नहीं की है.  इस मामले में नगर आयुक्त शांतनु अग्रहरि का कहना है कि जल्द ही इन कर्मियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ एक बैठक आयोजित की जायेगी. लेकिन  रांची नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नरेश राम कहते हैं कि निगम के आला अधिकारी आज भी कर्मियों के हितों की  अनदेखी कर रहे हैं.  

इसे भी पढ़ें-जॉर्ज जोनास तिड़ू का आरोप- पत्थलगड़ी समर्थकों को बदनाम करने के लिए रेप केस में डाला गया नाम

Sanjeevani

बैठक करें अधिकारी, इससे कर्मियों का बढ़ेगा मनोबल :  अध्यक्ष 

मालूम हो कि गत दो जून को रांची दौरे पर आये राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग अध्यक्ष ने निगम को कहा था कि निगम से जुड़े सफाई कर्मचारी को करीब 7200 रुपये ही वेतन दिया जा रहा है. इतने कम पैसों में न तो कोई व्यक्ति अपने परिवार का पालन पोषण कर सकता है, न ही अपने बच्चों को शिक्षा दे सकता है. इसलिए निगम से जुड़े अधिकारी हर दो माह में सफाईकर्मियों के साथ एक बैठक करें. इससे कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ेगा. साथ ही गंदगी ढोनेवाले परिवारों के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण व उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने और इन्हीं कर्मियों को प्रमोशन देकर जमादार या सैनिटरी इंस्पेक्टर बनाने की दिशा में भी काम करें. 

इसे भी पढ़ें- लोकसभा और विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही बेचैन हुए सांसद और विधायक, निर्माण कार्यों में अधिकारियों की सुस्ती देखकर भड़के

ईएसआई, वेतन बढ़ोतरी पर काम कर रहा निगम :  नगर आयुक्त 

 नगर आयुक्त का कहना है कि अभी दो माह की अवधि पूरी नहीं हुई है. इस माह के अंत में या जुलाई की शुरुआत में निगम इन सफाईकर्मियों के साथ एक बैठक करेगा. कम वेतन देने के सवाल पर उनका कहना था कि न्यूनतम मजूदरी अधिनियम के तहत ही निगम इन सफाईकर्मियों को वेतन देता है. वैसे एक्ट में दिये एक उपबंध के तहत कर्मियों को हर तीन माह में वेतन इंक्रीमेंट करने पर भी काम शुरु किया गया है. साथ ही कर्मियों को ईएसआई यानी एप्लॉयज स्टेट इंश्योरेंस देने पर भी काम चल रहा है. 

समय समय पर होती रहती है बैठक : स्वास्थ्य पदाधिकारी 

नगर आयुक्त द्वारा दिये गये बयान के विपरीत निगम की स्वास्थ्य अधिकारी किरण कुमारी का कहना है कि दो माह में बैठक करने जैसी कोई समय सीमा निर्धारित नहीं थी. निगम तो पहले से ही एक निश्चित अंतराल पर कर्मियों के साथ बैठक करता रहा है. कर्मियों को मिल रहे कम वेतन पर उनका कहना था कि सरकार के सर्कुलेशन के तहत ही उन्हें करीब 242 रुपये प्रतिदिन वेतन दिया जा रहा है. 

पहले भी हमने  हड़ताल की है, लेकिन कोई फायदा नहीं  :  नरेश राम

नगर निगम सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नरेश राम का कहना है कि निगम ने अभी तक वेतन बढ़ाने, कौशल प्रशिक्षण शुरु करने, मेडिकल जांच की सुविधा देने जैसी कोई पहल नहीं की है. संघ ने तो राष्ट्रीय अध्यक्ष के रांची आने के कुछ माह पहले ही  हड़ताल की थी.  हड़ताल समाप्त करने को लेकर नगर आयुक्त ने वादा भी किया था कि उनकी  मांगों को जल्द पूरा किया जायेगा. लेकिन अभी भी मांगों की फाइल निगम के किसी कमरे में दबी पडी है, शायद मालूम नहीं.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button