Uncategorized

  इशरत जहां मुठभेड़  : गुजरात के पूर्व प्रभारी पुलिस महानिदेशक पांडे आरोप मुक्त 

Ahmedabad :   गुजरात के पूर्व प्रभारी पुलिस महानिदेशक पीपी पांडे को  विशेष सीबीआई अदालत ने इशरत जहां और तीन अन्य के कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में आरोप मुक्त कर दिया.  विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश जेके पांड्या ने पांडे को आरोप मुक्त करने की अर्जी इस आधार पर स्वीकार कर ली कि इशरत जहां एवं तीन अन्य के अपहरण एवं उनकी हत्या के संबंध में उनके  खिलाफ कोई सबूत नहीं है.  सीबीआई ने इस मामले की जांच की थी और उसने अहमदाबाद अपराध शाखा के तत्कालीन प्रमुख पांडे पर कथित फर्जी मुठभेड़ में शामिल होने का आरोप लगाया था. 

इसे भी पढ़ेंः कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए पंजीकरण शुरु, इस साल नाथुला व लिपुलेख दर्रों से होगी यात्रा

गवाहों की गवाही विरोधाभासी  

उसने यह भी कहा कि गवाहों की गवाही विरोधाभासी है, क्योंकि उन्होंने विभिन्न जांच एजेंसियों के सामने अलग अलग गवाही दी. अदालत ने यह भी कहा कि पांडे सरकारी सेवक थे,  लेकिन सीआरपीसी की धारा 197 के अनुसार उनके विरुद्ध आरोपपत्र दायर करने से पहले जांच अधिकारी ने सरकार से उन पर मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं ली. सीबीआई ने 2013 में अपना पहला आरोपपत्र दायर कर आईपीएस अधिकारी पी पी पांडे, डीजी वंजारा और जीएल सिंहल समेत गुजरात पुलिस के सात अधिकारियों पर नामजद किया था_ 

इसे भी पढ़ेंः मुंबई की लोकल ट्रेन में टीवी पत्रकार पर हमला, हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग

अपहरण, हत्या एवं साजिश का आरोप  था

इन अधिकारियों  पर अपहरण, हत्या एवं साजिश का आरोप लगाया था. सीबीआई ने पूरक आरोपपत्र में आईबी के विशेष निदेशक राजिंदर कुमार और अधिकारी एम एस सिन्हा समेत उसके चार अधिकारियों को नामित किया था.  इस पर केंद्र की मंजूरी का अब भी इंतजार है. अहमदाबाद अपराध शाखा के अधिकारियों ने 15 जून, 2004 को शहर के बाहरी इलाके में महाराष्ट्र के मुम्ब्रा की 19 वर्षीय कॉलेज छात्रा इशरत जहां, उसके दोस्त जावेद शेख उर्फ प्रणेश, जीशान जोहर और अमजद राणा को कथित फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया था.  

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button