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आरबीआर्इ ब्याज दरों में कोर्इ कटौती नहीं

नई दिल्ली: रिजर्व बैंक ने कर्ज नीति की तिमाही समीक्षा की. इस बीच आरबीआर्इ ने ब्याज दरों में कोर्इ कटौती नहीं की. आरबीआर्इ गवर्नर के सुब्बाराव ने कहा, सरकार का घाटा और मंहगार्इ दर बहुत ज्यादा होने के कारण यह फैसला लिया गया है. इससे पहले कयास लगाये जा रहे थे कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी आरबीआई मंगलवार को क्रेडिट पॉलिसी का एलान करने वाला है और ऐसे आसार हैं कि रिजर्व बैंक ब्याज दरों में कटौती करेगा.

इस बीच बाजार की नजर आरबीआई की क्रेडिट पॉलिसी पर रहेगी. उम्मीद तो ब्याज दरों में कटौती के फैसले की है लेकिन ये फैसला लेना अपने आप में टेढ़ी खीर होगा.
दरअसल, महंगाई के मामले में अब आरबीआई भी मजबूर दिख रहा है. रिजर्व बैंक की नजरें आर्थिक सुधारों पर है, लेकिन सरकार के टालमटोल वाले रवैये के चलते मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा में वो महत्वपूर्ण दरों में किसी तरह की कटौती से बच सकता है. मतलब ये कि आपके होम, कार लोन या दूसरे लोन की किस्त कम होने वाली नहीं है.

हालांकि, इससे पहले कारोबारी हफ्ते के पहले दिन ब्याज दरों में कटौती के उम्मीद में शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल आया और ये 17000 के आंकड़े को पार कर गया.
सोमवार को बीएसई का सेंसेक्स 304 अंक चढ़कर 17144 और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 100 अंक चढ़कर 5200 पर बंद हुआ. सोमवार को ही आरबीआई ने वित्त वर्ष 2013 के पूर्वानुमान जारी कर दिए जिसमें वित्त वर्ष 2013 में महंगाई दर का अनुमान 6.9 फीसदी से बढ़ाकर 7.3 फीसदी किया है. वहीं, जीडीपी दर का अनुमान 7.2 फीसदी से घटाकर 6.5 फीसदी किया है.

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आरबीआई का कहना है कि विकास धीमा पड़ने, मॉनसून की लुका छिपी और न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ने की वजह से फिलहाल महंगाई में कमी की उम्मीद कम है. जानकारों के मुताबिक ऐसे में ब्याज दरों में कमी मुमकिन नहीं दिखती. हालांकि लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ब्याज दरों में कटौती जरूरी है.

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