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आमजन की अभिव्यक्ति है ‘आप’, मगर.. – दीपांकर भट्टाचार्य

रांची: न्यूज विंग (साप्ताहिक) का नया अंक बुक स्टॉल पर पहुंच चुका है। इस अंक की कवर स्टोरी भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य का इंटरव्यू। दीपांकर भट्टाचार्य मानते हैं कि आज देश की कुव्यवस्था से लोगों का जो मोहभंग हो रहा है उसकी एक अभिव्यक्ति है ‘आप’। साथ ही, वह जोड़ते हैं ‘..लेकिन, एकमात्र अभिव्यक्ति नहीं।’ दरअसल दीपांकर बताना चाहते हैं कि ‘आप’ आज जो कुछ कर रहा है वह तो मार्क्सवाद का बुनियादी चरित्र रहा है। तब सवाल उठता है, फिर देश में मार्क्सवादी पार्टियां क्यों हासिये पर दिखने लगी हैं? जबकि उधर, कुछ उत्साही लोगों का समूह ‘आम आदमी पार्टी’ बनाकर सड़क पर उतरता है और ‘उन्हीं’ जनमुद्दों को लेकर चंद महीनों में देश की राजधानी दिल्ली के आम लोगों का पसंदीदा बन जाता है। दिल्ली की कुर्सी हासिल कर लेता है। आखिर, क्या और कहां चूक रहा है वापपंथ? इसी अनबुझ कारण को समझने के लिए न्यूज विंग ने लंबी बातचीत की भाकपा (माले) के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य से। असम में जनमे, बंगाल में पले बढ़े दीपांकर ने 1979 में राजनीति ज्वायन की थी। बिहार उनका कार्यस्थल रहा। बातचीत में, भट्टाचार्य ने हमारे कई सवालों पर असहमति जतायी, तो साथ ही, बड़ी ईमानदारी से वामपंथ की चूक को भी स्वीकारा। और, सुधार की दिशा में चल रहे प्रयत्नों पर आशांवित दिखे। कहते हैं, वाम दलों का संकट जल्द खत्म होगा।

पढ़िये दीपाकंर भट्टाचार्य से न्यूज विंग की खास बातचीत यहां .. 

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