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अफ्रीकी नागरिकों पर हमले के सिलसिले में पांच गिरफ्तार

नई दिल्ली : देश की राजधानी में अफ्रीकी नागरिकों पर हमले की केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह द्वारा निंदा के कुछ ही घंटे बाद दिल्ली पुलिस ने रविवार को कहा कि चार अफ्रीकी नागरिकों पर हमले के सिलसिले में एक किशोर सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। लेकिन, साथ ही पुलिस ने इन हमलों के नियोजित या नस्लीय होने से इनकार किया है। पुलिस ने कहा कि जिन इलाकों में अधिक संख्या में अफ्रीकी नागरिक रहते हैं, वहां लोगों को इनके प्रति संवेदनशील बनाने के लिए कार्यक्रम भी शुरू किया गया है। मैदानगढ़ी एवं राजपुर खुर्द इलाके में यह कार्यक्रम शुरू किया गया है जहां 300 से अधिक अफ्रीकी रहते हैं।

दिल्ली पुलिस के उपायुक्त ईश्वर सिंह ने कहा, “चार अफ्रीकी नागरिकों पर हमले के सिलसिले में हम लोगों ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। एक किशोर को भी पकड़ा गया है। कुछ और लोग जल्द ही पकड़े जाएंगे।”

पुलिस के अनुसार, दक्षिण दिल्ली के महरौली इलाके में गुरुवार की रात एक किलोमीटर के दायरे में घटी हमलों की चार अलग-अलग घटनाओं में चार मामले दर्ज किए गए हैं।

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पुलिस उपायुक्त ने कहा, “न तो ये हमले नस्लीय हैं और न ही सुनियोजित। ये छिटपुट घटनाएं हैं। एक घटना तेज संगीत बजाने को लेकर हुई है। दूसरी रात में रास्ते में शराब पीने को लेकर हुई। हम लोगों ने खुद संज्ञान लेकर प्राथमिकी दर्ज की है। कोई भी पीड़ित मामला दर्ज कराने आगे नहीं आया।”

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कुछ पीड़ितों ने कहा है कि हमले के समय उन पर नस्लीय टिप्पणियां की गईं।

हमलों की प्रकृति के बारे में स्पष्ट करते हुए पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) ईश्वर सिंह ने आईएएनएस से कहा, “ये छिटपुट घटनाएं हैं, नियोजित हमले नहीं। इन हमलों में नस्लीयता की कोई बात नहीं है, न ही ऐसा है कि अफ्रीकी नागरिकों खिलाफ सार्वजनिक मुहिम चलाई जा रही है।”

उन्होंने कहा, “सभी चार घटनाएं अलग-अलग स्थानों (करीब एक किलोमीटर की दूरी) पर, अलग-अलग समय में और अलग-अलग कारणों से हुईं। यदि हमले नियोजित होते तो पीड़ितों को गहरा जख्म लगा होता।”

पुलिस के अनुसार, केवल एक अफ्रीकी लॉकी को सड़क पर मुंह के बल गिर जाने के कारण नाक पर चोट आई है।

दिल्ली पुलिस के नियंत्रण कक्ष को गुरुवार रात दो बार फोन किए गए थे, जिसमें महरौली के राजपुर खुर्द इलाके में झगड़े की सूचना दी गई थी, जहां अफ्रीकी नागरिक रहते हैं।

एक पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि पहला फोन रात 11 बजे केनेथ नामक व्यक्ति ने किया था, जिसका अपनी कार से दवा की दुकान जाते समय स्थानीय नागरिकों से झगड़ा हो गया था।

दूसरा फोन नाइजीरिया के नागरिक लॉकी ने किया था, जिसे कथित तौर पर उस ऑटो-रिक्शा के चालक को बचाने के कारण पीटा गया, जिसमें वह सफर कर रहा था। आरोप है कि एक कार चालक ने ऑटो-रिक्शा से पास नहीं मिलने पर उसे रोककर उसकी पिटाई शुरू दी। लॉकी जब बीच-बचाव करने लगा तो कार सवारों ने उसकी भी पिटाई कर दी। इसी बीच वह सड़क पर औंधे मुंह गिर गया और उसकी नाक में चोट आ गई।

इससे पहले दिन में राजनाथ सिंह ने अफ्रीकी नागरिकों पर हमले की निंदा करते हुए शहर की पुलिस को जहां अफ्रीकी आबादी अधिक है, वहां गश्त बढ़ाने को कहा था।

उन्होंने एक ट्वीट किया, “दिल्ली के पुलिस आयुक्त को हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और सबकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इन इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने का निर्देश दिया है।”

राजनाथ ने एक अन्य ट्वीट में इन हमलों को निंदनीय बताया।

इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न इलाकों में अफ्रीकी समुदाय के खिलाफ हमलों की रपटों पर उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग से बात की है।

सुषमा ने एक ट्वीट में कहा था, “मैंने दक्षिण दिल्ली में अफ्रीकी समुदाय के लोगों के साथ हुई घटनाओं के संदर्भ में कल (शनिवार) राजनाथ सिंह और दिल्ली के उपराज्यपाल से बात की है। उन्होंने मुझे आश्वस्त किया है कि दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी।”

बकौल सुषमा, “जिन इलाकों में अफ्रीकी नागरिक रहते हैं, वहां जल्द ही लोगों को इनके प्रति संवेदनशील बनाने के लिए अभियान चलाए जाएंगे।”

अफ्रीकी नागरिकों पर हमले की ये घटनाएं कांगो गणराज्य के एक नागरिक मसोंडा केटादा ओलिवर (29) की 20 मई को दक्षिण दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में एक ऑटो रिक्शा लेने के दौरान हुई कहासुनी के बाद पीट-पीट कर हत्या के सप्ताह भर बाद सामने आई है।

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