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हमारा लक्ष्य राष्ट्रमंडल में 2002 के स्वर्णिम सफलता को दोहराना : रानी रामपाल

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NEWS WING DESK

भारतीय महिला हॉकी टीम 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में वेल्स के खिलाफ अपने अभियान की शुरूआत करेगी. पिछले कुछ समय से बेहतर प्रदर्शन कर रही भारतीय टीम का लक्ष्य 2006 के बाद पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों के महिला हॉकी में पदकों के 12 सालों के अकाल को खत्म करना है.

मेलबर्न 2002 में जीती थी पहली बार स्वर्ण

2014 ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत पांचवे पायदान पर रही थी. भारतीय टीम ने अंतिम बार 2006 में मेलबर्न राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था . भारत ने 2002 में मैनचेस्टर में इंग्लैंड को 3-2 से हराकर पहली बार महिला हॉकी मे स्वर्ण पदक जीता था.

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टीम के हौसले सातवें आसमान पर

पिछले साल एशिया कप जीतने के बाद दक्षिण कोरिया दौरे पर अपने से वरीय रैकिंग वाली टीम को हराने के बाद भारतीय टीम के हौसले सातवें आसमान पर हैं. पूल ए में उसका सामना विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम इंग्लैंड के अलावा दक्षिण अफ्रीका और मलेशिया से होगा.

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भारतीय टीम का विश्व रैकिंग में दसवां स्थान

भारतीय टीम का विश्व रैकिंग में दसवां स्थान है, हालांकि टीम ने रियो ओलंपिक 2016 में आखिरी स्थान में रहने के बाद अपने खेल में काफी सुधार किया और पिछले साल एशिया कप में चीन को फाइनल में शूटआउट में 5-4 से हराकर दूसरी बार स्वर्ण पदक जीता था. टीम के कोच हरेंद्र सिंह हैं जिन्होंने दो साल पहले लखनऊ में जूनियर पुरूष टीम को अपनी कोचिंग में विश्व कप दिलाया था. उन्होंने कहा कि हमारे खिलाड़ी लंबे समय से साथ खेल रहे हैं और टीम में युवाओं तथा अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा तालमेल है, जो एशिया कप में देखने को मिला और दक्षिण कोरिया में भी हमने अपने से बेहतर रैंकिंग वाली टीम को हराया, इसी तरह हम फिर चौंकाने वाले नतीजे लाकर पोडियम तक पहुंचेगे.

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2002 की सफलता को दोहराने का लक्ष्य

भारतीय कप्तान रानी रामपाल बेहद शानदार फॉर्म में चल रही हैं, उन्होंने कहा कि हम पिछले दो बार इन खेलों में पांचवे स्थान पर रहे हैं ,इस बार बेहतर तैयारी के साथ हमारा लक्ष्य सिर्फ पोडियम नहीं, बल्कि 2002 की सुनहरी सफलता को दोहराने का भी है. इन खेलों में दोनों पूलों से दो-दो शीर्ष टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी. पूल बी में न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, स्कॉटलैंड, कनाडा और घाना की टीमें हैं. अगर भारतीय टीम पोडियम सफलतापूर्वक समाप्त कर देती है तो इस साल होने वाले एशिया कप और विश्व कप से पहले उनका मनोबल बढ़ेगा.

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