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स्वास्थ्य मंत्री ने 23 नवंबर को दिया आयुष अनुबंध परीक्षा की जांच का आदेश, 30 नवंबर को विभाग ने कर दी पोस्टिंग

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Ranchi, 01 November: मंत्री, मंत्रालय और विभाग के बीच सामंजस्य की बात हो, तो बेझिझक झारखंड के स्वास्थ्य विभाग का उदाहरण दिया जा सकता है. मामला इतना गंभीर है कि जिस परीक्षा की जांच का आदेश मंत्री 23 नवंबर को देते हैं, उसी मामले में विभाग 30 नवंबर को 418 क्वालीफायी उम्मीदवारों की पोस्टिंग कर देता है. केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से 741 आयुष चिकित्सकों की बहाली अनुबंध पर करनी थी. टेंडर के बाद सैम्स (Strategic alliance management sevices) को बहाली का काम दिया गया. बहाली में मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी को उम्मीदवारों की तरफ से अनियमितता की शिकायत मिली थी. मंत्री विभाग को मामले की जांच करने के लिए चिट्ठी लिखते हैं. मंत्री ने अपनी चिट्ठी में पूरे मामले को संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी से जांच कराने का आदेश दिया. लेकिन, मंत्री की बात को नजरअंदाज कर विभाग की तरफ से 418 आयुष चिकित्सकों की पोस्टिंग कर दी गयी. मंत्री की चिट्ठी के बाद ना ही कोई जांच कमेटी बनायी गयी और ना ही किसी ने आदेश को गंभीरता से लिया.

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क्या लगा था आरोप

स्वास्थ्य विभाग को 741 आयुष चिकित्सकों की बहाली अनुबंध पर करनी थी. केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय में दर्ज (Impanel) दस एजेंसियों के बीच टेंडर प्रक्रिया के तहत सैम्स (Strategic alliance management sevices) कंपनी को बहाली का काम दिया गया था. एजेंसी ने अगस्त 2017 में विज्ञापन निकाला. बहाली के लिए करीब 900 आवेदन आए. करीब 850 आवेदक आहार्ता को पूरा कर रहे थे. पांच नवंबर को मारवाड़ी प्लस टू हाई स्कूल और बरियातू प्लस टू गर्ल्स स्कूल में लिखित परीक्षा हुई. परीक्षा से पहले जो एडमिट कार्ड एजेंसी ने जारी किया उसके Important Instruction की अंतिम कंडिका में दो फोन नंबर (011-4101-1605 और 011-4101-1605) अंकित थे. एडमिट कार्ड पर लिखा था कि किसी तरह की इन्क्वारी के लिए फोन नंबर पर कॉल कर सकते हैं. परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी अब आरोप लगा रहे हैं कि जिसने भी इस नंबर पर फोन किया उसे Clarification के लिए दिल्ली बुलाया गया. दिल्ली में उससे नौकरी के एवज में पैसे की मांग की गयी. आरोप है कि जिन्होंने एजेंसी को पैसा दिया उन्हें सफल कर दिया गया.

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