Uncategorized

स्थापना दिवस घोटालाः वित्त विभाग की टिप्पणी को दरकिनार कर कैबिनेट ने पसंदीदा कंपनियों को 4.09 करोड़ का भुगतान का लिया फैसला

Akshay Kumar Jha

Ranchi: 15 नवंबर को हुए स्थापना दिवस समारोह के आयोजन का जिम्मा दो विभाग और सात निजी कंपनियों को दिया गया था. कंपनियों को बिना टेंडर के दे दिया गया था. सरकार के दोनोंं विभागोंं और सात कंपनियों ने राज्य भर में हुए स्थापना दिवस कार्यक्रमों में करीब 11 करोड़ रुपया खर्च कर दिया. जिसमें कंपनियों का बिल 4.09 करोड़ रुपया है. मनोनयन के आधार पर काम देने के लिए जो नियम-कानून बने हैं, सरकार ने उसका भी पालन नहीं किया. भुगतान के सिलसिले में जब फाइल कैबिनेट में जाने से पहले वित्त विभाग के पास पहुंची, तब वित्त विभाग के अधिकारियों ने उस पर आपत्ति दर्ज की. वित्त विभाग की आपत्ति के बाद बिल भुगतान पर कैबिनेट का फैसला नहीं होता, इसलिए अफसरों ने फाइल को कैबिनेट में भेजने से पहले वित्त विभाग की आपत्ति को फाइल से हटा दिया.  सरकार ने कैबिनेट की बैठक में वित्त विभाग के नियम 235 और नियम 245 को शिथिल कर दिया. जिसमें मनोनयन के आधार पर काम देने शर्तों का विवरण वित्त ने संलग्न किया था. 

इसे भी पढ़ें:चार लाख का केक, 19 लाख का फूल और 2.5 करोड़ का टेंट : झारखंड की बेदाग सरकार पर अब “स्थापना दिवस घोटाले” का दाग

वित्त विभाग की टिप्पणी दरकिनार कर निजी कंपनियों को भुगतान

समारोह के बाद बिल के भुगतान के लिए सरकार को कैबिनेट के फैसले की जरुरत पड़ी. भुगतान की मंजूरी के लिए फाइल को वित्त विभाग में भेजा गया.  वित्त विभाग ने अपनी तरफ से कुछ सवाल टिप्पणी के तौर पर फाइल पर लिखे. जिसे गौण करते हुए भुगतान करने के प्रस्ताव को कैबिनेट से स्वीकृति के लिए भेज दिया गया. जिस पर कैबिनेट ने भी स्वीकृति दे दी. क्योंकि मुख्यमंत्री समेत कैबिनेट के अन्य सदस्यों को वित्त विभाग की आपत्ति की जानकारी हीं नहीं थी. इस कारण कैबिनेट ने इसे पास भी कर दिया.

क्या थी वित्त विभाग की टिप्पणी

–   जिन कंपनियों का मनोयन के आधार पर चयन किया गया है, उन कंपनियों को चयनित करने का औचित्य क्या है. मतलब विभाग की तरफ से पूछा गया कि कंपनियों को मनोयन के आधार पर क्यों चुना गया, टेंडर क्यों नहीं किया गया.

–  जिन कंपनियों को काम देने के लिए चुना गया, उन्हें किस आधार पर चुना गया है. मतलब क्या एक ही तरह के काम करने वाले कंपनियों या दुकानों से कोटेशन लिए गए. कोटेशन लेने के बाद क्या उन्हें कम्पेयर किया गया. जिन्हें काम दे दिया गया क्या उनका कोटेशन का दर दूसरे दुकानों से कम था. क्या इसकी जांच हुई.

–  बिना टेंडर के कंपनियों को भुगतान करने से पहले एक समिति बना कर इस बात की जांच कर ली जाए कि बिल वाजिब है कि नहीं. जांच समिति जांच के बाद बाजार मूल्य की समीक्षा कर एक रिपोर्ट बनाए. जांच रिपोर्ट में यह साबित हो जाए कि बिल के दर वाजिब हैं, तभी भुगतान की जाए.

इसे भी पढ़ें: मुख्यमंत्री ने झारखंड का नियम बनने के बाद बिहार के नियम की गलत व्याख्या कर भ्रष्टाचार करने के आरोपी मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी को दी क्लीन चिट

सरकारी विभाग ने खर्च किए करीब 7 करोड़ और निजी कंपनियों ने 4.09 करोड़

सरकार का पूरे समारोह पर खर्च करीब 11 करोड़ खर्च आया. जिसमें सरकारी विभाग की तरफ से पर्यटन, कला संस्कृति विभाग खेलकूद और युवा कार्य विभाग ने मुख्यमंत्री आमंत्रण कप फुटबॉल प्रतियोगिता और जिला स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन एवं राज्य स्तरीय प्रदर्शन के लिए कला दल के चयन के लिए 2,70,44,044 रुपए खर्च किए और ऊर्जा विभाग ने समारोह स्थल सहित महत्वपूर्ण सरकारी भवनों, स्थलों और चौक-चौराहों पर LIVE Telecast के लिए LED Screen Monitor इत्यादि की व्वयवस्था के लिए 4,09,50,770 रुपए खर्च किए. बाकी के कुल 4,09,00,656 रुपए निजी कंपनियों का बिल है, जिसे बिना टेंडर के काम दे दिया गया था.

 

पिक

कैबिनेट के संलेख में वित्त विभाग की बातें नहीं की शामिल

वित्त विभाग की इन टिप्पणियों को कैबिनेट के लिए तैयार संलेख (फाइल) में शामिल नहीं किया गया. इन बातों को दरकिनार कर लिखा गया कि वित्त विभाग द्वारा अंकित किया गया है कि चूंकि यह मामला घटनोतर स्वीकृति का है, इसलिए प्रशासी विभाग इस पर मंत्रीपरिषद का सीधे अनुमोदन प्राप्त करें”  वित्त विभाग की इन टिप्पणियों पर कैबिनेट की फाइल पर लिखा गया कि मनोनयन के आधार पर चयनित एजंसियों द्वारा कराए गए कार्यों पर व्यय हुई राशि के भुगतान से पहले एक समिति का गठन कर निर्धारित दरों के तर्कसंगत पर आवश्यक होने के बाद ही एजेंसियों को भुगतान किया जाए.

कल पढ़िएः सिर्फ एक ही विभाग को याद था कि आने वाला है स्थापना दिवस, टेंडर प्रक्रिया से विभाग ने कराया सारा काम

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button