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सोशल मीडिया पर 10 अप्रैल को भारत बंद का मैसेज हुआ वायरल, मप्र पुलिस सावधान

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Newwing Desk: सोशल मीडिया पर आरक्षण के खिलाफ भारत बंद के कई पोस्ट वायरल हो रहे हैं. मैसेज में कहा जा रहा है कि अब जनरल वर्ग आरक्षण के खिलाफ भारत बंद करेंगे. यह बंद दलित संगठनों को जवाब देने के लिए किया जाएगा. हालांकि, अब तक किसी भी संगठन ने इस बात की पुष्टि नहीं की है. प्रशासन का भी कहना है कि अब तक उन्हें इस तरह के किसी बंद की सूचना नहीं है. फेसबुक पर लोग आरक्षण के खिलाफ बंद का समर्थन कर रहे हैं. लोग पोस्ट कर रहे हैं कि सब अपने-अपने इलाकों में आरक्षण के खिलाफ रैली करें. बिना इस मैसेज की सच्चाई जाने इसको आगे बढ़ाना देश की सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है.

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एमपी पुलिस अलर्ट

सोशल मीडिया पर 10 अप्रैल को भारत बंद को लेकर वायरल हो रहे मैसेज को मध्य प्रदेश पुलिस ने गंभीरता से लिया है. पुलिस ने आम लोगों से सांप्रदायिक सद्भाव बनाये रखने की अपील की. पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला ने 10 अप्रैल को संभावित भारत बंद के बारे में सवाल पूछे जाने पर कहा, ‘‘हमारी सभी नागरिकों से अपील है कि वे शांति और सद्भाव बनाये रखें. हालांकि, हम किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिये तत्पर हैं.’’  उन्होंने कहा, ‘‘समाज के अलग-अलग समुदायों में मतभिन्नताएं हो सकती हैं लेकिन इन्हें हिंसा में परिवर्तित नहीं होना चाहिये. प्रदेश के लिए अमन-चैन का माहौल आवश्यक है.’’

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2 अप्रैल को आहूत बंद हुआ था हिंसक

गौरतलब है कि दो अप्रैल को एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में भारत बंद बुलाया गया था. दलित संगठनों की ओर से आहूत बंद के दौरान हिंसक झड़प हुई थी. हिंसा के कारण मध्य प्रदेश में 4 लोगों मौत हो गई थी. जबकि कई राज्यों ग्वालियर-चम्बल क्षेत्र में अलग-अलग हिंसक घटनाओं में आठ लोग मारे गये थे. इन घटनाओं में 54 पुलिसकर्मी सहित 153 लोग घायल हो गए थे. भारत बंद के दौरान संगठित हिंसा से पुलिस के खुफिया तंत्र पर भी सवाल उठे थे.

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