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सोने की कीमत 2 साल के निचले स्तर पर

नई दिल्ली/मुंबई/चेन्नई/बेंगलुरू/कोलकाता : सोने की कीमत सोमवार को प्रति 10 ग्राम 25,000 रुपये से नीचे पहुंच गई, जो दो साल का निचला स्तर है। चीन में हुई भारी बिकवाली और अमेरिका में फेडरल रिजर्व द्वारा दर बढ़ाने की संभावना से कीमत में यह गिरावट दर्ज की गई है। दो महीने बाद त्यौहार शुरू होने वाले हैं और विश्लेषकों की आगामी दिनों में कीमत में गिरावट या तेजी को लेकर अलग-अलग राय है।

उल्लेखनीय है कि भारत सोने का तीसरा सबसे बड़ा खरीदार देश है।

विभिन्न रपटों के मुताबिक, शंघाई में सोमवार को हाजिर बाजार में 33 टन सोने की बिकवाली हुई है, क्योंकि फेडरल रिजर्व की दर वृद्धि की संभावना के कारण निवेशकों ने अन्य संपत्तियों में निवेश का रास्ता अपनाया है।

बेंगलुरू में सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम घटकर 24,390 रुपये दर्ज की गई, जो अप्रैल 2013 के बाद निचला स्तर है।

गणेश ज्वैलर्स के मालिक वेणुगोपाल शेट्टी ने बेंगलुरू में आईएएनएस से कहा, “स्थानीय बाजार में कीमत प्रति 10 ग्राम 24,390 रुपये रही। शुक्रवार को यह दर 24,450 रुपये और 12 जुलाई को यह दर 24,740 रुपये थी।”

दिल्ली में पीपी ज्वैलर्स के निदेशक राहुल गुप्ता ने आईएएनएस से कहा, “एक-दो दिन में मांग बढ़ सकती है। स्थिति कमोबेश अप्रैल 2013 जैसी है, जब कीमत घटकर 24,500 रुपये पर आ गई थी और रातों रात मांग बढ़ भी गई थी।”

सोने के मूल्य में यह गिरावट तब है, जब भारत 769 टन सोने के आयात के साथ चीन को पीछे छोड़ते हुए 2014 में सोने का सबसे बड़ा आयातक रहा है।

एनएसी ज्वैलर्स के महानिदेशक एन. अनंत पद्मनाभन ने चेन्नई में आईएएनएस से कहा, “22 कैरेट वाले सोने की कीमत प्रति ग्राम 30-40 रुपये और घट सकती है और वहां स्थिर हो सकती है।”

सोने में गिरावट के कारण चांदी में भी गिरावट दर्ज की गई। पद्मनाभन ने कहा, “अभी चांदी प्रति किलोग्राम 36,500 रुपये है, जो घटकर 35 हजार रुपये तक पहुंच सकती है।”

उन्होंने कहा कि डॉलर के मजबूत होने और फेडरल रिजर्व की दर बढ़ने से सोने की कीमत में गिरावट आ रही है।

विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) की एक रपट के मुताबिक, 2015 की प्रथम तिमाही में देश में सोने की मांग 191.7 टन रही, जो 2014 की समान अवधि से 15 फीसदी अधिक है।

इसी दौरान आभूषण की मांग 22 फीसदी बढ़कर 150.8 टन रही।

मुंबई ज्वैलर्स फेडरेशन के अध्यक्ष राकेश शेट्टी ने कहा, “सोने में हाल की गिरावट डॉलर में हाल में देखी जा रही मजबूती के अनुरूप है। यह गिरावट महीने भर में थम सकती है।”

उन्होंने हालांकि कहा कि इस गिरावट से सोने तथा अन्य कीमती धातुओं की मांग बढ़ी है और दीवाली के दौरान बिक्री काफी अधिक हो सकती है।

नेमिचंद बमलवा के साझेदार और ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वैलरी ट्रेड फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष बछराज बमलवा ने आईएएनएस से कहा, “गत तीन-चार सप्ताह में अंतर्राष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में गिरावट आई है। आज हालांकि चीन में सुबह 6,065 टन सोने की बिकवाली से तेज गिरावट दर्ज की गई।”

उन्होंने कहा कि भविष्य में कीमत किस दिशा में बढ़ेगी, यह कहना कठिन है।

सेनको गोल्ड लिमिटेड के मुख्य विपणन अधिकारी प्रेमजीत सेनगुप्ता ने कोलकाता में कहा, “सोना एक हेज कमोडिटी है। वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमराने पर लोग सोने में निवेश करते हैं। अभी जब कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में मजबूती आती जा रही है और डॉलर मजबूत हो रहा है, लोग सोने की अपेक्षा दूसरे विकल्पों में निवेश कर रहे हैं।”

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