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सीबीएसई का दावा देशभर में नहीं लीक हुआ प्रश्न पत्र, झारखंड के चतरा से 15 और पटना से दो की हुई गिरफ्तारी

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Chatra : सीबीएसई 10वीं प्रश्न पत्र लीक मामले में सीबीएसई का दावा है कि देशभर में प्रश्न पत्र लीक नहीं हुआ है, वहीं बिहार, झारखंड व मध्य प्रदेश में परीक्षा से पहले ही प्रश्न पत्र बंट रहे थे. मामले में कई गिरफ्तारियां भी हुई है. मामले में केंद्रीय शिक्षा सचिव अनिल स्वरूप का कहना है कि पूरे देश में परीक्षा फिर से नहीं होगी, क्योंकि पूरे देश में प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है. जरूरत पड़ी तो केवल दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा में दोबारा परीक्षा ली जायेगी. क्योंकि पेपर यहीं लीक हुआ है. अब सवाल उठता है कि पेपर अगर दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा में ही लीक हुआ है तो झारखंड, बिहार और मध्य प्रदेश में परीक्षा पूर्व प्रश्न पत्र कैसे बंट रहे थे. झारखंड के चतरा व बिहार के पटना से इस मामले में गिरफ्तारियां भी हुई है.

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Chatra : सीबीएसई 10वीं प्रश्न पत्र लीक मामले में सीबीएसई का दावा है कि देशभर में प्रश्न पत्र लीक नहीं हुआ है, वहीं बिहार, झारखंड व मध्य प्रदेश में परीक्षा से पहले ही प्रश्न पत्र बंट रहे थे. मामले में कई गिरफ्तारियां भी हुई है. मामले में केंद्रीय शिक्षा सचिव अनिल स्वरूप का कहना है कि पूरे देश में परीक्षा फिर से नहीं होगी, क्योंकि पूरे देश में प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है. जरूरत पड़ी तो केवल दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा में दोबारा परीक्षा ली जायेगी. क्योंकि पेपर यहीं लीक हुआ है. अब सवाल उठता है कि पेपर अगर दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा में ही लीक हुआ है तो झारखंड, बिहार और मध्य प्रदेश में परीक्षा पूर्व प्रश्न पत्र कैसे बंट रहे थे. झारखंड के चतरा व बिहार के पटना से इस मामले में गिरफ्तारियां भी हुई है.

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गौरतलब है कि सीबीएसई के दसवीं की गणित की परीक्षा से पूर्व छात्रों के पास प्रश्न पत्र पहुंच गये थे. जिसके बाद प्रश्न पत्र लीक होने का मामला सामने आया. मामला उजागर होने के बाद पुलिस ने एसआईटी का गठन कर जांच शुरू की. मामले का चतरा पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया. परीक्षा से पूर्व प्रश्न पत्र लीक करने वाले निजी कोचिंग संचालक सह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक सतीश कुमार पांडेय सहयोगी पंकज सिंह  समेत 15 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिसमें कई छात्र भी शामिल है. गिरफ्तार नाबालिग छात्रों को पुलिस ने बाल सुधार गृह हजारीबाग भेज दिया है, वहीं प्रश्न पत्र लीक करने वाले कोचिंग संचालक व दो शिक्षकों को भी जेल भेज दिया है.

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एसपी अखिलेश वारियर ने दी प्रेसवार्ता कर मामले की जानकारी दी

पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी अखिलेश बी वारियर ने बताया कि शहर के कॉलेज रोड में संचालित स्टडी विजन नामक कोचिंग संस्थान के निदेशक सतीश पांडेय व पंकज सिंह द्वारा छात्रों से मोटी रकम वसूल कर परीक्षा से पूर्व प्रश्न पत्र उनके व्हाट्स एप्प पर उपलब्ध कराया गया था. एसपी ने बताया कि संचालक के द्वारा प्रत्येक छात्र पांच सौ से पांच हजार रुपये तक की वसूली की गई थी. उन्होंने बताया कि संचालक के द्वारा बिहार के पटना के दो युवकों से संपर्क कर सोशल मीडिया के माध्यम से प्रश्न पत्र लीक करवाया गया था. जिसके बाद संस्थान के शिक्षक के साथ मिलकर प्रश्न पत्र का जवाब तैयार कर छात्रों को उपलब्ध कराया गया था. एसपी ने बताया कि एसएसटी व विज्ञान की परीक्षा के दौरान जवाहर नवोदय विद्यालय परीक्षा केंद्र पर चार छात्रों को प्रश्न पत्र व आंसर शीट के साथ पकड़ा गया था, जिसके बाद विद्यालय के प्रधानाध्यापक के द्वारा सदर थाने में आरोपी छात्रों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. प्राथमिकी के आधार पर एसपी ने एसआईटी का गठन कर जांच को लेकर झारखंड और बिहार के कई जिलों में छापेमारी अभियान चलाकर मामले में संलिप्त युवकों व छात्रों को गिरफ्तार किया था. एसपी ने बताया कि एसआईटी अभी भी मामले की तह तक जाने का प्रयास कर रही है. प्रशिक्षु आईपीएस सौरव के नेतृत्व में गठित टीम झारखंड बिहार के कई जिलों में छापेमारी कर रही है. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार सभी बच्चे जवाहर नवोदय विद्यालय वह डीएवी स्कूल के छात्र हैं.

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