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सीना ठोकने से पहले भारत वृद्धि दर तो हासिल करे : राजन

News Wing
New Delhi, 08 September : नोटबंदी के बाद आर्थिक वृद्धि के मामले में भारत के चीन से पिछड़ने पर भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि सरकार को दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था को लेकर अपना सीना तब तक नहीं ठोकना चाहिये जब तक कि लगातार दस साल तक मजबूती जीडीपी वृद्धि हासिल नहीं कर ली जाती है.

भारत अंधों में काना राजा
राजन ने साक्षात्कार में कहा कि भारत संस्कृति और इतिहास जैसे मुद्दों पर तो दुनिया में बढ़चढ़कर अपनी बात कह सकता है, लेकिन वृद्धि के मोर्चे पर उसे ऐसा तभी ऐसा करना चाहिए जब वह दस साल तक 8 से 10 प्रतिशत की उच्च आर्थिक वृद्धि दर हासिल कर लेता है. दो दशक में राजन रिजर्व बैंक के एकमात्र गवर्नर रहे हैं जिन्हें दूसरा कार्यकाल नहीं मिला है. पिछले साल अप्रैल में उन्होंने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया था कि तेजी से बढ़ता भारत ‘अंधों में काना राजा’ है. उस समय भाजपा के राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यन स्वामी ने उन्हें बर्खास्त करने की मांग करते हुए कहा था कि वह मानसिक रूप से पूरी तरह से भारतीय नहीं हैं.

प्रत्येक तिमाही में हमारी वृद्धि दर गिरी
राजन ने कहा, ‘‘मैं कोई भविष्यवाणी नहीं कर रहा हूं. मैं सिर्फ यह कह रहा हूं कि खुद को लेकर अति उत्साह दिखाते समय हमें सतर्कता बरतनी चाहिए. यह टिप्पणी अप्रैल, 2016 में की गई थी. उसके बाद से प्रत्येक तिमाही में हमारी वृद्धि दर गिरी है. इसलिये जो हुआ है उसे देखते मैं कह सकता हूं.’’ भारत की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में घटकर 5.7 प्रतिशत पर आ गई है. यह इससे पिछली तिमाही में 6.1 प्रतिशत रही थी. दोनों तिमाहियों में चीन की वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रही है. राजन ने कहा कि वृद्धि दर को आठ या नौ प्रतिशत पर पहुंचाने की जरूरत है. यह निजी निवेश बढ़ने अथवा निर्यात की स्थिति सुधरने पर ही होगा.

सांस्कृतिक-ऐतिहासिक उपलब्धियों से आर्थिक नाकामी पर पर्दा नहीं डाला जा सकता
राजन ने सलाह दी है कि कई ऐसी चीजें मसलन सांस्कृतिक उपलब्धियां, ऐतिहासिक उपलब्धियां हैं जिन पर हम दुनिया को ज्ञान दे सकते हैं लेकिन वृद्धि पर तब तक नहीं बोलना चाहिए जब तक कि 10 साल तक 8 से 10 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल नहीं हो जाती है.

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राजन ने जोर देकर कहा कि दस साल तक 8 से 10 प्रतिशत की वृद्धि असाधारण उपलब्धि होगी, लेकिन आय के मध्यम स्तर तक पहुंचने के लिए अगले दस साल तक इस वृद्धि की जरूरत है. रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर ने कहा, ‘‘1990 के दशक से हम 6-7 या 8 प्रतिशत की दर से वृद्धि हासिल करते रहे हैं लेकिन आगे दस साल तक हमें इस पर कुछ और प्रतिशत हासिल करने चाहिए, तब हम अधिक बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे. हमें अपनी छाती नहीं ठोकनी चाहिये. मैं चाहूंगा कि हम अगले दस साल तक 8 से 10 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि हासिल करें.’’ राजन ने ही 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट की भविष्यवाणी की थी. उन्होंने कहा कि 2.5 लाख करोड़ डॉलर के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार अभी छोटा है. लेकिन हमें लगता है कि हम काफी बड़े देश हैं. जबकि इस मामले में चीन पांच गुना बड़ा है.

भारत चीन के मुकाबले कहीं नहीं टिकता
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत, चीन को समान नहीं माना जा सकता है. अगर हमें चीन के बराबर आना है तो चीन की वृद्धि दर घटनी चाहिए और अगले दस साल तक भारत की वृद्धि तेजी से बढ़नी चाहिए. राजन ने कहा कि ऐसा होता है तभी लोग हमें अधिक गंभीरता से लेंगे. राजन 4 सितंबर, 2013 से 4 सितंबर, 2016 तक रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे.

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