न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

सिलाई मशीन वितरण में 6 करोड़ से ज्यादा के घोटाले का आरोप, प्रति मशीन हुआ 1500 रुपये का घोटाला

253

Md. Asghar Khan

Ranchi, 30 November: राज्य सरकार गरीबों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चला रही है, लेकिन योजनाओं की राशि लाभुकों तक नहीं पहुंच पा रही है. सारी राशि पर ठेकेदारों और बिचौलियों का कब्जा हो जाता है. झारखंड श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा कई योजना संचालित की जाती हैं. इसके तहत झारखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से 35 वर्ष से अधिक उम्र की निबंधित महिला मजदूरों के बीच सिलाई मशीन दी जा रही है. इस योजना को 2011 में शुरु किया गया और पिछले साल तक 45451 लाभुकों के बीच मशीनों का वितरण हुआ. इसे लेकर मजदूर नेता भुवनेश्वर केवट ने बोर्ड और विभाग के अधिकारियों पर घोटाले का गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि 2016 तक जितनी भी मशीनें बांटी गई है, उसमें प्रति मशीन 1500 रुपये का घोटाला किया गया.

छह करोड़ का हुआ घोटाला

युनियन नेता भुवनेश्वर केवट का कहना है कि 2011-15 तक 5,500 रुपये की दर और 2015-16 तक 6000 रुपये की दर से राशि की निकासी की गई है. इस दौरान विभाग और बोर्ड के अधिकारियों ने ठेकेदारों के मिलीभगत से हर मशीन पर 1500 रुपया का गबन किया है. उन्होंने कहा कि जिस उषा कंपनी की मशीनें महिलाओं के बीच बांटी गई है, उस मॉडल का दर हमेशा वर्तमान दर से 1500 रुपये कम था, जबकि थोक लेने पर उसमें और छूट मिलती है. इसमें कुल मिलाकर छह करोड़ से अधिक रुपये का घोटला किया गया.

यह भी पढ़ेंः पदाधिकारी नहीं दे रहे हैं आरटीआई से मांगी गई सूचना, आयोग में 10517 मामले लंबित, हर साल पहुंच रहे हैं 2700 आवेदन

विरोध करने पर बोर्ड से हटा दिया गया

भुनेश्वर केवट ने कहा कि श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा संचालित अधिकतर योजनाओं में घोटाला किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस घोटाले का विरोध करने पर झारखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के पुनर्गठन के नाम पर उन्हें हटा दिया गया. इसके अलावा सीटू से शशिकांत, बीएमएस के महादेव प्रसाद, क्लेमेंसिया होरो को भी हटा दिया गया.

टेंडर निकालकर बांटी गई थीं मशीन

बोर्ड की मानें तो 2015 तक ही लाभुकों के बीच मशीन का वितरण किया गया था. इसके लिए दुमका, रांची, बोकारो जमशेदपुर और हजारीबाग के डिप्टी लेबर कमिश्नर को निबंधित लाभुकों को मशीन बांटने का जिम्मा दिया गया था. लेबर कमीनश्वर ने टेंडर निकालकर मशीनों का वितरण किया. जबकि पिछले साल से बोर्ड छह हजार रुपये दर से मशीन की राशि लाभुकों के खाते में दे रही है. वहीं इस पर मजदूर नेता केवट ने कहा है कि पिछले साल तक लाभुकों के बीच मशीनों का वितरण किया गया है. वहीं इस साल से अब मशीनों की राशि लाभुकों के खाते में दिए जाने से पता चलता है कि पिछले चार से पांच सालों तक व्यापक घोटाला किया गया. 

देखें वीडियो

 

 जांच की मांग

भुनेश्वर केवट ने कहा कि इस विभाग के द्वारा मजदूरों के लिए चालई जा रही सभी योजनाओं में घोटाला किया जा रहा है. सरकार को इन घोटालों की जांच करवानी चाहिए. उन्होंने कहा कि जबतक साईकिल योजना, आम आदमी बीमा योजना, श्रमिक औजार सहायता योजना आदि समेत योजनाओं की राशि या समान ठेकेदारों या बिचौलियों के माध्यम से लाभुकों के पास जायेगी, तबतक घोटाला होता रहेगा. योजानाओं की राशि सीधे लाभुकों के खाते में जानी चाहिए. 

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: