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सिब्बल ने बाबरी केस से बनाई दूरी : क्या  कर्नाटक चुनाव को लेकर कांग्रेस हाईकमान ने दिया निर्देश ?

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New Delhi : सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़े केस की पैरवी कर रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वकील कपिल सिब्बल खुद को इस केस से दूर रखे हुए हैं. अचानक ऐसी क्या मजबूरी आ गई कि वे केस से दूर-दूर रह रहे हैं, ये इन दिनों चर्चा का विषय है. ऐसी खबर मिल रही है कि कांग्रेस पार्टी ने गुजरात चुनाव के दौरान उत्पन्न हुए विवाद को देखते हुए अपने नेता कपिल सिब्बल को बाबरी केस से हटने का निर्देश दिया है. शायद यही वजह है कि पिछली कई सुनवाइयों में कपिल सिब्बल नजर नहीं आए. और शायद आगे भी इस केस से दूर रह सकते हैं. ऐसे में सवाल भी उठने लगा है कि क्या कर्नाटक चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने सिब्बल को इस केस से किनारे रहने का निर्देश दिया है ?

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हालांकि मुस्लिम याचिकाकर्ताओं ने इसे एक अस्थायी ब्रेक माना है. गौरतलब है कि कपिल सिब्बल बाबरी केस में सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पैरवी कर रहे हैं. याचिकाकर्ताओं ने सिब्बल को पार्टी की ओर से किसी भी प्रकार का निर्देश मिलने की जानकारी होने से इन्कार किया है. इस केस में एक प्रमुख वकील और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के सदस्य जफरयाब जिलानी ने कहा, ‘संवैधानिक मसलों पर बहस करने के लिए हमें सिब्बल की जरूरत है. यह स्टेज 6 अप्रैल को अगली सुनवाई में नहीं बल्कि बाद में आएगा. इस बीच राजीव धवन लीड कर रहे हैं.‘ 

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एक तरफ कयासों का दौर है, दूसरी ओर सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट में होनेवाली भविष्य की सुनवाई पर टिकी हैं. अब यह देखना होगा कि इस केस की लीगल टीम में सिब्बल दिखते हैं या नहीं. सिब्बल को लेकर विवाद तब शुरू हुआ था, जब गुजरात में चुनाव हो रहा था, उस वक्त सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी कि इस संवेदनशील मामले पर सुनवाई 2019 के लोकसभा चुनाव तक रोक दिया जाना चाहिए. इस प्रकरण के बाद बीजेपी को बैठे बिठाए कांग्रेस पर निशाना साधने के लिए एक नया हथियार मिल गया. पीएम नरेंद्र मोदी  ने इस तर्क के सहारे कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि क्या राज्य में चुनाव प्रचार के दौरान यह पार्टी का आधिकारिक रुख है. अब कर्नाटक चुनाव का बिगुल भी बज चुका है. कांग्रेस भी बीजेपी को ऐसा कोई मौका नहीं देना चाहती कि वो चुनावी माहौल में फिर से कांग्रेस को मुस्लिम तुष्टिकरण वाली पार्टी के रुप में पेश करे, क्योंकि इस मामले में बीजेपी काफी हद तक सफल भी रही है. हालांकि बाबरी केस से सिब्बल की दूरी पर कांग्रेस के रुप से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, और न अब तक सिब्बल ने ही कोई सफाई पेश की है.

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