JamshedpurJharkhand

सिंगल यूज प्लास्टिक से बनेंगे सजावटी सामान, फ्रूट वेस्ट से बनेगा टाॅयलेट क्लीनर

जुगसलाई नगर निगम

Jamshedpur :  स्वच्छ भारत मिशन शहरी के तहत स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के अंतर्गत अपशिष्ट प्रबंधन में स्टार्टअप एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा देने हेतु भारत सरकार द्वारा स्वच्छ टेक्नालॉजी चैलेंज का आयोजन किया गया था. इसमें सभी नगर निकायों को अपने स्तर पर गठित टीम द्वारा नागरिकों द्वारा दिए गए प्रस्तावों-सॉल्यूशंस में से दो प्रस्तावों-सॉल्यूशंस को चयनित कर राज्य स्तर पर नामित करने थे.
स्वच्छ टेक्नालॉजी चैलेंज की मार्गदर्शिका के अनुसार जुगसलाई नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी जेपी यादव के निर्देशानुसार जुगसलाई नगर परिषद द्वारा पूर्व में आम सूचना के माध्यम से नागरिकों से सोशल इंक्लूजन, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट, जीरो डंप एवं ट्रांसपेरेंसी जैसे विषयों में नागरिकों द्वारा प्रस्ताव मांगे गए थे, जिनमें दो प्रस्तावों-सॉल्यूशंस को चयनित किया गया. इनमें आशा शर्मा का सिंगल यूज प्लास्टिक टू डेकोरेटिव्स और सोनी कुमारी का फ्रूट वेस्ट टू टायलेट क्लीनर शामिल है. आशा शर्मा को गलियों एवं मोहल्लों में सिंगल यूज प्लास्टिक वेस्ट उड़ते हुए देख कर ये आइडिया आया. सिंगल यूज प्लास्टिक को साफ कर उसमें हार्डनेस के लिए वेस्ट पेपर, कपड़े एवं गोंद मिला कर बढ़िया घर के सजावट का सामान बनाया जाता है. अभी वे महिलाओं को इसकी ट्रेनिंग देकर इसे प्रोफेशन का रुप देना चाहती हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार प्राप्त हो सके.
आपका अपशिष्ट किसी के लिए संसाधन हो सकता है की भावना से प्रेरित होकर सोनी कुमारी ने फ्रूट वेस्ट खास कर सिट्रस फ्रूट के छिलकों से टायलेट क्लीनर का निर्माण कर रही हैं. फ्रूट वेस्ट खास कर सिट्रस फ्रूट में नेचुरल तौर पर अम्ल पाए जाते है जो दाग धब्बों और जीवाणुओं को नष्ट कर देता है. साथ ही ये मानव सम्पर्क में आने से नुकसान नहीं पहुंचाते एवं फ्लश होने के बाद जलीय स्त्रोतों में पहुंचने पर भी जलीय जीवों को भी नुकसान नहीं पहुंचाते हैं. सोनी कुमारी के मुताबिक पश्चिमी देशों के नैचुरल तरीके से बने उत्पादों का बहुत मांग है साथ ही ये पर्यावरण के लिए बहुत जरुरी है. अभी वे स्वयं पिछले दो सालों से फ्रूट से बने टॉयलेट क्लीनर का उपयोग कर रही हैं.

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