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सावधान : आपके चेकबुक पर है अपराधियों की नजर, बैंक खाते में जमा पैसे को कर सकते हैं खाली

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News Wing Ranchi, 06 December: अबतक आप सिर्फ यह जानते होंगे कि एटीएम की जानकारी से फर्जी निकासी किया जाता है. अपने खाता की जानकारी किसी को फोन पर देते थे तो खाते से गायब होने की संभावना रहती थी, लेकिन अब अपराधी अपना तरीका बदलने लगे हैं. चूंकि एटीएम मामले में कुछ हद तक लोगो में जागरूकता भी आई है. इसलिए अब अपराधी चेक का क्लोन बनाकर लोगों के रूपये ऐंठने लगे हैं. लालपुर थाना में मंगलवार को बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य प्रबंधक शैलेश कुमार दुबे ने एक खाता से रूपये निकासी की शिकारत की थी. जिसमे बताया गया था कि 5.35.000 की निकासी कर लिया गया है. 2.18000 का चेक डाला गया है. पुलिस ने मामले की जांच की और अपराधियों को मंगलवार को बैंक परिसर में धर दबोचा.

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अन्य सहयोगी की जल्द होगी गिरफ्तारी

सीटी डीएसपी ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि शिकायत मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया, आरोपी का नाम अभिषेक कुमार सिंह है जो बोकारो जिला के सासबेरा का रहने वाला है. आरोपी ने घटना में अपनी संलिपत्ता स्वीकार की है, आरोपी ने बताया कि इस गिरोह का संचालन कई माह से किया जा रहा है. आरोपी के पास से पुलिस ने बैक ऑफ इंडिया और यूनियन बैक का चेक और पासबुक, बैक ऑफ इंडिया का चेकबुक, विभिन्न बैंकों के छह एटीएम और बैंक में राशि जमा किया बहुत सारा पर्ची बरामद किया. छापामारी दल में लालपुर थाना प्रभारी रमोद कुमार सिंह, अवर निरीक्षक सोहन लाला और सहायक अवर निरीक्षक उज्जवल कुमार सिंह शामिल थे. चेक को बैंक के माध्यम से आरटीजीएस कर पैसा का लेनदेन किया जाता है. घटना में एक अन्य सहयोगी का नाम भी बताया गया है. पुलिस सहयोगी की तलाश कर रही है. जल्द ही गिरोह का पर्दफाश किया जायेगा.

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पहले करते हैं रेकी फिर निकासी

जिस खाता से अधिक राशि का आदान-प्रदान किया जाता है, अपराधी पहले वैसे खातों के बारे में जानकारी हासिल रते हैं. जब इस तरह के खाते के बारे में जानकारी मिल जाती है तब फिर रूपये निकासी की तैयारी की जाती है. जिसमें अपराधी सफल भी होते हैं. फर्जीवाड़ा का यह तरीका ऐसा है कि बैंक के कर्मचारी को भी समझ में नही आता जिस कारण अपराधी सफल हो जाते हैं. 

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