न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

सावधान : आपके चेकबुक पर है अपराधियों की नजर, बैंक खाते में जमा पैसे को कर सकते हैं खाली

26

News Wing Ranchi, 06 December: अबतक आप सिर्फ यह जानते होंगे कि एटीएम की जानकारी से फर्जी निकासी किया जाता है. अपने खाता की जानकारी किसी को फोन पर देते थे तो खाते से गायब होने की संभावना रहती थी, लेकिन अब अपराधी अपना तरीका बदलने लगे हैं. चूंकि एटीएम मामले में कुछ हद तक लोगो में जागरूकता भी आई है. इसलिए अब अपराधी चेक का क्लोन बनाकर लोगों के रूपये ऐंठने लगे हैं. लालपुर थाना में मंगलवार को बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य प्रबंधक शैलेश कुमार दुबे ने एक खाता से रूपये निकासी की शिकारत की थी. जिसमे बताया गया था कि 5.35.000 की निकासी कर लिया गया है. 2.18000 का चेक डाला गया है. पुलिस ने मामले की जांच की और अपराधियों को मंगलवार को बैंक परिसर में धर दबोचा.

यह भी पढ़ेंः अवैध खनन किया तो सिर्फ रॉयल्टी ही नहीं बल्कि देनी होगी खनिज कीमत की दोगुनी राशि

अन्य सहयोगी की जल्द होगी गिरफ्तारी

सीटी डीएसपी ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि शिकायत मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया, आरोपी का नाम अभिषेक कुमार सिंह है जो बोकारो जिला के सासबेरा का रहने वाला है. आरोपी ने घटना में अपनी संलिपत्ता स्वीकार की है, आरोपी ने बताया कि इस गिरोह का संचालन कई माह से किया जा रहा है. आरोपी के पास से पुलिस ने बैक ऑफ इंडिया और यूनियन बैक का चेक और पासबुक, बैक ऑफ इंडिया का चेकबुक, विभिन्न बैंकों के छह एटीएम और बैंक में राशि जमा किया बहुत सारा पर्ची बरामद किया. छापामारी दल में लालपुर थाना प्रभारी रमोद कुमार सिंह, अवर निरीक्षक सोहन लाला और सहायक अवर निरीक्षक उज्जवल कुमार सिंह शामिल थे. चेक को बैंक के माध्यम से आरटीजीएस कर पैसा का लेनदेन किया जाता है. घटना में एक अन्य सहयोगी का नाम भी बताया गया है. पुलिस सहयोगी की तलाश कर रही है. जल्द ही गिरोह का पर्दफाश किया जायेगा.

hotlips top

यह भी पढ़ें : देश में सबसे ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले पावर प्लांट में से एक है टीटीपीएस, केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने उत्पादन बंद करने का दिया निर्देश

Related Posts

demo

पहले करते हैं रेकी फिर निकासी

जिस खाता से अधिक राशि का आदान-प्रदान किया जाता है, अपराधी पहले वैसे खातों के बारे में जानकारी हासिल रते हैं. जब इस तरह के खाते के बारे में जानकारी मिल जाती है तब फिर रूपये निकासी की तैयारी की जाती है. जिसमें अपराधी सफल भी होते हैं. फर्जीवाड़ा का यह तरीका ऐसा है कि बैंक के कर्मचारी को भी समझ में नही आता जिस कारण अपराधी सफल हो जाते हैं. 

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

o1
You might also like