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सरकार ने वित्तीय सौदों के लिए आधार, पैन की समय सीमा बढ़ाई

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New Delhi: सरकार ने कुछ निश्चित वित्तीय लेन-देन और बैंक खाता खोलने के लिए आधार नंबर और स्थायी खाता संख्या (पैन) अनिवार्य रूप से देने की समय सीमा को बढ़ाकर 31 मार्च, 2018 कर दी है. पहले यह समय सीमा 31 दिसंबर थी.

बायोमीट्रिक संख्या आधार को किया गया अनिवार्य

सरकार ने नए और पुराने बैंक खातों तथा 50,000 रुपये और उससे अधिक के वित्तीय लेन-देन के लिए 12 अंक की बायोमीट्रिक संख्या आधार को अनिवार्य कर दिया है. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अब 31 मार्च, 2018 को आधार और पैन अनिवार्य रूप से देने की तारीख के रूप में अधिसूचित किया गया है. ग्राहक द्वारा खाता आधारित संबंध शुरू करने के लिए आधार या पैन या फॉर्म 60 देने की अनिवार्य तारीख 31 मार्च, 2018 या खाता खोलने के छह माह के भीतर जो भी बाद में हो, होगी.

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31 मार्च, 2018 तक की गई समयसीमा 

यह तारीख बढ़ाने का फैसला बैंकों से इस बारे में मिली सूचना के आधार पर किया गया है. इससे पहले केंद्र ने पिछले सप्ताह उच्चतम न्यायालय को सूचित किया था कि वह विभिन्न सेवाओं और समाज कल्याण योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार को जोड़ने की समयसीमा को बढ़ाकर 31 मार्च, 2018 करने की इच्छुक है. सात दिसंबर को पैन को आधार से जोड़ने की समयसीमा तीन महीने बढ़ाकर 31 मार्च, 2018 की गई है.

पैन नहीं होने पर व्यक्ति फॉर्म 60 द्वारा किया जा सकता है लेनदेन

बुधवार को एक गजट अधिसूचना के जरिये 31 दिसंबर, 2017 की समयसीमा को वापस लिया गया था. भारत विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) 12 अंक की बायोमीट्रिक आधार संख्या जारी करता है. वहीं पैन आयकर विभाग द्वारा जारी किया जाता है. फॉर्म 60 उस व्यक्ति (कोई कंपनी नहीं) द्वारा की गई घोषणा होता है जिसके पास पैन नहीं है और वह कोई लेनदेन करता है.

 

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