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सरकार की कार्य संस्कृति का नमूना : अनुबंधकर्मी को हटाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने सचिव को चार बार लिखा पत्र, अब आग्रह करने को हुए मजबूर

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Ranchi : झारखंड सरकार में मंत्रियों की विभागीय अधिकारी नहीं सुन रहे हैं. हाल यह है कि मंत्री को बारह माह एक अनुबंधकर्मी को हटाने और उसके कार्यकाल की जांच कराने के लिए चार पत्र लिखने पड़े हैं, लेकिन ना तो उस कर्मी को हटाया गया और ना ही उसके खिलाफ कोई जांच हुई. हालात यह बन गए हैं, कि मंत्री ने सचिव को पत्र लिखकर इसी काम के लिए आग्रह किया है.

स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अनुबंध पर तैनात कोल्ड चेन अफसर नीलरंजन को हटाने और उनके क्रियालापों की जांच कराने हेतु विभागीय सचिव को तीन गोपनीय पत्र लिखा, लेकिन ना ही वह हटाए गए हैं और ना अभी तक कोई जांच की गई है. चौथी बार 12 दिसंबर को मंत्री ने एक बार फिर सचिव को पत्र लिखकर अनुरोध किया है. मंत्री ने पत्र में कहा है कि इतने पत्र लिखने के बाद भी उनकी मूल फाइल तक नहीं मिली.

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क्या है मामला

मंत्री चंद्रवंशी का आरोप है कि इमरजेंसी एंबुलेंस सेवा की टेंडर प्रक्रिया में एनएचएम में नियुक्त कोल्ड चेन पदाधिकारी नीलरंज सिंह की भूमिका संदेहहास्यपद है. उन्होंने इमरजेंसी एंबुलेंस सेवा के फैब्रिकेशन में कंपनी को लाभ पहुंचाया है. यही कारण है कि टेंडर पर cialis pas cher काफी सवाल उठ रहे हैं. मंत्री का कहना है कि कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए उसमें लगाए गए उपकरणों की स्पेशिफिकेशन को बदल दिया गया है. पहले जारी स्पेशिफिकेशन वाले उपकरणों की कीमत अपेक्षाकृत अधिक थी, जिसे कम कीमत का कर दिया गया. कहा कि नीलरंजन पर कई गंभीर आरोप है. इन्हें तत्काल हाटाया जाए, साथ ही इनके कार्यकाल की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो से कराई जाए.

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एक साल में लिखे चार पत्र

एक अनुबंधकर्मी इतना भारी है कि उसे हटाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री को विभागीय सचिव से अनुरोध करना पड़ रहा है. एक साल में चार बार पत्र लिखना पड़ा है. इस मामले को लेकर मंत्री ने अपर मुख्य स्वास्थ्य सचिव सुधीर त्रिपाठी को पहला पत्र 22 दिसंबर 2016 को लिखा था. दूसरी बार 12 जनवरी 2017 में लिखा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ. तीसरा पत्र 28 जुलाई 2017 और अब 12 दिसंबर 2017 को पत्र लिखकर अनुरोध करना पड़ रहा है.

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