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सचिवालय कर्मियों की कलमबंद हड़ताल : मुख्य सचिव से वार्ता के बाद मिला आश्वासन, मांगें पूरी नहीं होने पर जायेंगे सामूहिक अवकाश पर

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RANCHI :  पहले से तय कार्यक्रम के तहत सचिवालय सेवा संघ के बैनर तले झारखंड सचिवालय के कर्मचारी मंगलवार को कलमबंद हड़ताल पर रहे. इस दौरान झारखंड सरकार के सचिवालय, पुलिस मुख्‍यालय, बोर्ड, निगम और आयोग में कार्यरत सचिवालय सहायक कर्मचारियों ने दिन के तीन बजे तक किसी भी तरह के काम को हाथ नहीं लगाया. रोज की तरह यहां कर्मचारी आये, हाजिरी भी बनाई, लेकिन अपने नियमित ऑफिशियल कामों से खुद को दूर रखा. झारखंड सचिवालय सेवा के लगभग सभी 1200 पदाधिकारी कलमबंद कार्यक्रम में शामिल हुये. इस दौरान कैबिनेट प्रोटोकॉल     आयोग गठन से संबंधित संचिकासभी विभागों में बजट एवं योजना की संचिका आदि के साथ साथ सामान्य कामकाज की संचिकाओं का काम प्रभावित हुआ. वित्तीय वर्ष 2017-18 के आखिर में सरकारी कार्यालयों में काम का बोझ बढ़ा हुआ है. कर्मचारियों के कई घंटे हड़ताल पर चले जाने से झारखंड सरकार के सचिवालय, पुलिस मुख्‍यालय, बोर्ड, निगम और आयोगों के कई जरूरी विभागीय कार्यों की गति बाधित रही.

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मांगें नहीं मानी गईं तो जाएंगे सामूहिक अवकाश पर

सचिवालय कर्मचारियों के इस क्रमबद्ध आंदोलन को देखते हुए झारखंड सरकार के मुख्‍य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने आंदोलन कर रहे कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल को दोपहर दो बजे वार्ता के लिए बुलाया. सचिवालय सेवा संघ के महासचिव सुकेश कुमार सिंह ने बताया कि मुख्‍य सचिव के साथ वार्ता सकारात्‍मक हुई है. उन्‍होंने हमारी सभी 12 मांगों को पुरा करने का आश्‍वासन दिया है और एक सप्‍ताह का समय मांगा है. एक सप्‍ताह बाद जब फिर वार्ता होगी और वह हमारे पक्ष में नहीं होगा तो पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत हम 26, 27 और 28 मार्च को सामूहिक अवकाश पर चले जायेंगे.वार्ता के दौरान मुख्य सचिव के सकारात्मक रूख को देखते हुये संघ द्वारा निर्णय लिया गया कि आज तीन बजे अपराह्न के उपरांत कलमबंद कार्यक्रम को वापस लिया जायेगा. सचिवालय सेवा संघ के अध्यक्ष विवेक आनंद बास्के ने यह भी स्पष्ट किया कि चूंकि मुख्य सचिव के द्वारा सिर्फ आश्वासन मिला है इसलिये इसके आगे 26,27 & 28 मार्च को प्रस्तावित सामूहिक अवकाश को वापस नहीं लिया गया है. वार्ता के दौरान सरकार की तरफ़ से कार्मिक विभाग के उप सचिव अखौरी शशांक सिंहा एवं सतीश जायसवाल उपस्थित थे. संघ के प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष विवेक आनंद बास्केमहासचिव पिकेश कुमार सिंहउपाध्यक्ष रूही पूनमसचिव गगन प्रसाद एवं अखिलेश कुमार वाजपेयी शामिल थे.

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किन-किन मांगों पर क्‍या तय हुआ ?

– सचिवालय सहायक का पदनाम सहायक प्रशाखा पदाधिकारी किये जाने से संबंधित संचिका उपस्थापित किये जाने का निदेश दिया गया.

– केन्द्रीय सचिवालय के अनुरूप पद संरचना एवं सुपर टाईम स्केल की स्वीकृति के संबंध में एक उच्चस्तरीय समिति गठित किये जाने का निदेश      दिया  गया. इस समिति में संघ के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगें.

– प्रोन्नति के संबंध में नीतिगत निर्णय लेने हेतु कार्मिक को निदेश दिया गया.

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– नियुक्ति के संबंध में सहायक की एक साथ नियुक्ति पर स्पष्ट निर्णय नहीं हो पाया. लिपिक के पद पर नियुक्ति नियमावली में परिवर्तन पर विचार किया जायेगा ताकि रिक्त पदों को अविलम्ब भरा जा सके.

– भत्तों के संबंध में बताया गया कि कैबिनेट को प्रस्ताव भेज दिया गया है.

– अनुसूचित जाति एवं जनजाति को पूर्ण अग्रिम राशि की स्वीकृति पर अद्यतन स्थिति का पता लगाने का निदेश दिया गया.

– सचिवालय परिसर में शिशु पालना गृह पर बोला गया कि राँची में कार्यरत सबसे अच्छे क्रेच की संस्था से काम करवाया जायेगा. परिसर में एक बहुआयामी कॉमन रूम की स्थापना का निदेश दिया गया.

– केन्द्र के अनुरूप एल टी सी एवं शिशु शिक्षण भत्ता पर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला.

– कैंटीन के लिए श्रम सचिव से बात करके अपडेट करने की बात कही गई.

– शिशु देखभाल अवकाश हेतु भी सकारात्मक कार्रवाई किये जाने का आश्वासन दिया गया.

– कैशलेस चिकित्सा सुविधा पर स्पष्ट निर्णय नहीं हो पाया है.

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