Uncategorized

संसदीय समिति ने की नोटबंदी की आलोचना, शीतकालीन सत्र में पेश हो सकती है रिपोर्ट

News Wing
New Delhi, 16 October : नोटबंदी से जुड़ी एक संसदीय समिति की रिपोर्ट संसद के अगले सत्र में सदन के पटल पर रखी जा सकती है. इस रिपोर्ट में नोटबंदी के सरकार के फैसले की आलोचना की गई है. वित्त मामले की संसद की स्थायी समिति नोटबंदी के मुद्दे पर विचार कर रही थी. कांग्रेस सांसद वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता वाली इस समिति में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी सदस्य हैं.

यह भी पढ़ें : मनमोहन ने नोटबंदी, जीएसटी को ‘अफरातफरी’ करार दिया, सरकार पर साधा निशाना

advt

रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय के नोटबंदी संबंधी फैसलों पर रिपोर्ट
इस समिति ने नोटबंदी के मुद्दे पर रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाया था. समिति के एक सदस्य ने बताया कि रिपोर्ट का मसौदा समिति के पिछले कार्यकाल में तैयार किया गया था और इसे वितरित किया गया था, लेकिन अब इस समिति को पुनर्गठित किया गया है इसलिए मसौदे को फिर से वितरित किया जाएगा.
समिति के एक और सदस्य ने कहा कि रिपोर्ट में कुल मिलाकर नोबंदी के फैसले की आलोचना की गई है और इसे संसद के अगले सत्र में सदन के पटल पर रखा जाना है.

यह भी पढ़ें : अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने भी घटाया भारत का वृद्धि दर अनुमान, नोटबंदी, जीएसटी का असर

रिजर्व बैंक ने समिति को नहीं दी थी महत्वपूर्ण जानकारियां
समिति के कुछ सदस्यों ने रिपोर्ट का मसौदा फिर से तैयार करने की मांग की थी क्योंकि रिजर्व बैंक ने उस समय कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां नहीं दी थीं. मसलन यह नहीं बताया गया था कि 500 और 1000 रुपये के कितने नोट उसके पास आए हैं.

यह भी पढ़ें : ‘नोटबंदी आज़ाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला, देश को 2.25 लाख करोड़ का नुकसान’

संपर्क किए जाने पर मोइली ने भी इसकी पुष्टि की कि रिपोर्ट को संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जा सकता है. शीतकालीन सत्र मध्य नवंबर से शुरू होने की संभावना है. सरकार ने पिछले साल आठ नवंबर को 500 और 1000 रुपये के नोट को चलन से बाहर करने का एलान किया था. रिजर्व बैंक ने 2016-17 की अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा था कि चलन से बाहर किए जा चुके 99 फीसदी नोट सिस्टम में वापस आ चुके हैं.

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: