न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

शाम ढलते ही राजधानी रांची में बढ़ जाता है कुत्तों का आतंक (देखें वीडियो)

48

Saurav Shukla

Ranchi, 01 December : राजधानी रांची में इन दिनों शाम ढलते ही आवारा कुत्तों का आतंक शुरू हो जाता है. गली-मुहल्ले के लोगों में आवारा कुत्तों के आतंक से भय का माहौल है. शाम ढलते ही लोग अपने घरों में ही रहने को विवश हो जाते हैं. भले ही रांची नगर निगम और विभिन्न निजी संस्थाओं द्वारा इन आवारा कुत्तों को एंटी रैबीज का टीका और आम जनता को रैबीज जैसी घातक बीमारी से बचाव के लिए आवारा कुत्तों का ऑपरेशन भी कराया जा रहा है. लेकिन फिर भी रांची में इन दिनों कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. जिसके कारण आवारा कुत्तों से लोग परेशान है.

मिशन रैबीज की टीम आवारा कुत्तों को लगाती है टीका

विभिन्न क्षेत्रों में घूमने वाले आवारा कुत्तों से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए मिशन रैबीज संस्था लगातार प्रयास कर रही है. रैबीज से बचाव के लिए आवारा कुत्तों को रैबीज का टीका दिया जा रहा है. जिसके लिए मिशन रैबीज कि टीम शहर के विभिन्न वार्ड में घूमकर आवारा कुत्तों को पकड़ रैबीज का टीका देने के उद्देश्य से पशु चिकित्सालय लेकर जा रहे हैं. मिशन रैबीज के सदस्य सुभाष के मुताबिक शहर में घूम रहे आवारा कुत्तों को पकड़ कर रैबीज का टीका दिया जा रहा है.

रैबीज एक घातक बीमारी है 

सिविल सर्जन शिवशंकर हरिजन ने कहा कि रैबीज एक निर्जीव वायरस है. जो मनुष्य तथा गरम खून वाले जानवरों को नुकसान पहुंचा सकता है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय रैबीज के मरीजों की संख्या बढ़ी है. सदर अस्पताल में रैबीज का टीका उपलब्ध है.

आवारा कुत्तों से निपटने के लिए निगम है तत्पर 

इस विषय पर जब रांची नगर निगम की मेयर आशा लकड़ा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि निगम भी अपने स्तर से लगातार आवारा कुत्तों के लिए टीका देने का काम करती है. मेयर का मानना है कि शहर से आवारा कुत्तों की संख्या भी इन दिनों काफी घटी है. क्योंकि रांची नगर निगम और विभिन्न संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे अभियान से आवारा कुत्तों की संख्या में काफी कमी आई है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: