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शादी में बजा डीजे-बैंडबाजा, तो निकाह नहीं पढ़ायेंगे काजी

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देवबंद के काजी ने कहा- जहां डीजे चलेगा वहां नहीं करवाएंगे निकाह

Saharanpur:  निकाह में बैंडबाजा और डीजे बजाने को लेकर यूपी के देबबंद के काजी मुफ्ती अजहर हुसैन ने अजीबोगरीब बयान दिया है. उनका कहना है कि डीजे, बैंडबाजा बजाना इस्लामिक मुल्यों के खिलाफ है. इसलिए हम इस तरह की शादियों का बहिष्कार करेंगे. हालांकि उन्होंने कहा कि अगर निकाह के पहले डांस और गाना बजता है और काजी को इस बारे में जानकारी नहीं है तो फिर यह अलग मामला है.

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रविवार को एक बैठक में निकाह पढ़ाने वाले उलमा ने फैसला लिया कि वह उन विवाह समारोह में निकाह नहीं पढ़ाएंगे जहां डीजे और बैंडबाजे बजने के साथ-साथ नाच गाना होगा. मुफ्ती सैयद अजहर हुसैन ने कहा कि अक्सर देखा जाने लगा है कि मुस्लिम विवाह समारोह में आनंद लेने के लिए लोगों ने बैंडबाजे और डीजे बजाना शुरू कर दिया है.

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इस्लामिक तहजीब के खिलाफ डीजे

काजी का कहना है कि यह शरई मान्यताओं के खिलाफ तो है ही साथ ही डीजे आदि के बजाने से दूसरे लोगों को भी परेशानी होती है. इतना ही नहीं आजकल शादियों में फिजूलखर्ची बढ़ा दी गई है. यह भी सरासर गलत और इस्लामी उसूलों के खिलाफ है. हमें सादगी से शादियां करनी चाहिए. अपने आवास पर हुई इस बैठक में काजी मुफ्ती अजहर हुसैन देशभर के काजियों से इस फैसले पर सहमति देने की अपील की. उन्होंने कहा कि ऐसा करने वालों के यहां निकाह न पढ़ाया जाए. उन्होंने कहा कि शरीयत में गाना बजाना और नाचना हराम है. मुस्लिम समाज को इस तरह की कुरीतियों से बचना चाहिए.

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सोशल मीडिया पर बयान की निंदा

काज़ी के इस बयान पर सोशल मीडिया पर काफी लोगों के बयान आए हैं. कई लोगों ने इस बयान की निंदा की है, तो लोगों ने इस्लाम को लेकर काज़ी से कई तरह के सवाल दाग दिए. कुछ लोगों ने सवाल दागा कि क्या शादी में शेरवानी पहन सकते हैं या वो भी बैन कर दिया गया है.

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ज्ञात हो कि इससे पहले भी देवबंद की ओर से कई बार इस प्रकार के बयान या फतवे जारी होते आए हैं, जिसके कारण काफी हंगामा हुआ है. हाल ही में कुछ दिनों पहले दारुल उलूम देवबंद ने मुस्लिम महिलाओं से जुड़ा एक फतवा जारी किया था. फतवे में मुस्लिम महिलाओं का बाजारों में जाकर या कहीं भी गैर-महरम मर्दों से चूड़ियां पहनने को गलत करार दिया था.

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