Uncategorized

व्यापम घोटाला: शिवराज सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, केके मिश्रा के खिलाफ  मानहानि केस पर ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द 

NewDelhi: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को व्यापम केस में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. वही मानहानि के आरोपी और मध्यप्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा को बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट उनके खिलाफ मानहानि केस पर ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया. कोर्ट ने कहा था कि ट्रायल सही तरीके से नहीं चला. सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मामले को रद्द किया.

इसे भी पढ़ें:अमेरीका ने फ्रांस, ब्रिटेन के साथ मिलकर किया सीरिया पर हमला, रुस ने परिणाम भुगतने की दी चेतावनी

बता दें कि कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने व्यापम घोटाले में मुख्यमंत्री के परिवार की संलिप्तता का आरोप लगाया था. इस पर सरकार ने मानहानि की याचिका जिला अदालत में दायर की थी. जिला अदालत ने 17 नवंबर, 2017 को उन्हें सुनाई दो साल की सजा और 25 हजार रुपये जुर्माने के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने इस पूरे प्रकरण को ही खारिज कर दिया. मुख्यमंत्री की ओर से दाखिल मानहानि संबंधी यह प्रदेश का पहला मुकदमा था.

Chanakya IAS
Catalyst IAS
SIP abacus

शिकंजे में होंगे आरोपी: मिश्रा

The Royal’s
MDLM
Sanjeevani

सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत के बाद कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने ने कहा, “यह फैसला मुख्यमंत्री शिवराज और उनके उन मैनेजरों के लिए अब और अधिक घातक साबित होगा, जिन्होंने साजिश रचकर भ्रष्टाचारियों के खिलाफ मेरे संघर्ष और जुबान को बंद करने का दुस्साहस किया था. मुझे इस बात का पूर्ण विश्वास है कि आने वाले दिनों में व्यापम महाघोटाले के अब तक बचे हुए अन्य बड़े मगरमच्छ भी जल्द ही शिकंजे में जकड़े जाएंगे.”  वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने ट्वीट किया, “झूठ की उम्र बहुत कम होती है, जीत हमेशा सत्य की होती है.”

इसे भी पढ़ें:‘मास्टर ऑफ रोस्टर’ दिशाहीन और बेलगाम ताकतवर नहीं हो सकता, न्यायालय ने कहा-संवाददाता सम्मेलन का मुद्दा हमारे समक्ष मत उठाइए  

केके मिश्रा ने 21 जून 2014 को मुख्यमंत्री पर व्यापम मामले को लेकर आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि उनकी ससुराल गोंदिया के 19 परिवहन निरीक्षक भर्ती हुए. साथ ही मुख्यमंत्री निवास से किसी महिला द्वारा व्यापम के आरोपी नितिन महिंद्रा आदि को 129 फोन कॉल किए गए. मिश्रा ने फूलसिंह चौहान, प्रेमसिंह चौहान, गणेश किरार और संजय सिंह चौहान पर भी आरोप लगाए थे. इस मामले में 24 नवंबर 2014 को सरकार की अनुमति से लोक अभियोजक ने मुख्यमंत्री की मानहानि का मुकदमा दायर किया था. कोर्ट ने केके मिश्रा को 50 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत पर रिहा कर दिया था.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button