न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

वो लमहा जो बन गया यादगार, विश्वविजय के सात साल

14

NEWS WING DESK :   भारतीय क्रिकेट के इतिहास में 2 अपैल बहुत महत्वपूर्ण दिन है, यह वही दिन है जब सात साल पहले 2 अप्रैल 2011 को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में टीम इंडिया 50-50 वर्ल्ड कप के फाईनल में श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर 28 सालों बाद विश्व विजेता बनी थी. इस जीत के बाद करोड़ों भारतीयों ने दिवाली और होली एक साथ मनायी थी. 2 अप्रैल का दिन करोड़ो भारतीयों के लिए अविस्मरणीय है. वो पांच बातें बेहद दिलचस्प हैं, जिनके कारण टीम इंडिया वर्ल्ड चैंपियन बनी.

इसे भी देखें- कोलकाता नाइट राइडर्स के फैंस के लिए खुशखबरी, टीम से जुड़े स्पिनर सुनील नरेन

गौतम गंभीर

1 धोनी-गंभीर की साझेदारी
टीम इंडिया 275 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही थी , सचिन और सेहवाग जल्दी पवेलियन लौट गये ,ऐसे में स्कोर 2 विकेट पर 20 रन हो गया और पूरे देश की सांसे अटक गयी थी, ऐसे समय में गंभीर और कोहली ने तीसरे विकेट के लिये 84 रन जोड़े. स्थिति कुछ संभली लग रही थी कि कोहली आउट हो गये. कप्तान धौनी (नाबाद 91) युवराज की जगह खुद आ गये और गंभीर (97) दोनो ने मिलकर 114 रन की साझेदारी की, इस साझेदारी ने मैच का रूख भारत की ओर मोड़ दिया

इसे भी देखें- किंग्स इलेवन पंजाब ने ट्वीट कर किया ऐलान, सहवाग फिर से करेंगे ओपनिंग, फैंस को नहीं हो रहा यकीन

क्वार्टरफाइनल में युवराज-रैना की पार्टनरशिप
अहमदाबाद में खेले इस क्वार्टर फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के 260 रनों के जवाब मे टीम इंडिया 5 विकेट के पर 187 रन बनाकर संघर्ष कर रही थी और अभी भी 76 गेंदो पर 73 रन बनाने थे. ऐसे में टूर्नामेंट का पहला मैच खेल रहे सुरेश रैना के साथ युवराज ने नाबाद 74 रन की साझेदारी कर भारत को जीत दिला दी. इस जीत के साथ भारत सेमीफाइनल में पहुँच गया. जहां टीम इंडिया को पाकिस्तान से भिड़ना था.

इसे भी देखें- वरुण धवन ने किया स्मिथ का सपोर्ट, कहा- फैंस को उन्हें माफ कर देना चाहिए

हरभजन सिंह

3. हरभजन सिंह के वे अहम विकेट
पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल मे भारत ने पहले खेलते हुए 260 रन बनाये थे. पाकिस्तान की शुरूआत अच्छी रही. तब भारतीय प्रशंसकों को लग रहा था भारत ने 15 – 20 रन कम बनाये हैं लेकिन अनुभवी यूनुस खान के आउट होने के बाद पाकिस्तान के नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और उनका स्कोर 103 पर 4 हो गया, तब उमर गुल बल्लेबाजी के लिए आये और बड़े–बड़े शॉट खेलने लगे. ऐसा लगने लगा था जैसे मैच भारत के हाथ से निकलता जा रहा हो. ड्रिंक्स के बाद धोनी ने गेंदबाजी पर हरभजन सिंह को लगाया, फिर हरभजन ने उमर की बत्ती गुल कर दी और जल्द ही शाहिद आफरीदी को भी चलता किया. भारत ने
पाकिस्तान को 29 रन से हराकर फाइनल में जगह बना ली.

इसे भी देखें- राष्ट्रमंडल खेल गांव में खिलाड़ियों को मिलेगी मुफ्त आईसक्रीम और कंडोम

जहीर

जहीर खान के दो यादगार स्पेल
भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ ग्रुप मैच में पहले खेलते हुए 337 रन बना लिये थे. इसके जवाब में इंग्लैंड ने 2 विकेट पर 280 रन बना लिया था और भारत यह मैच हारता हुआ नजर आ रहा था. बैटिंग पावरप्ले में धोनी ने गेंद जहीर खान को दी. जहीर ने लगातार दो गेंदो पर दो विकेट लेकर भारत की मैच में वापसी करा दी. इसके बाद इंग्लैंड के नियमित अंतराल में विकेट गिरते रहे मगर उसके निचले क्रम के बल्लेबाजों ने मैच टाई करा दिया. जहीर खान ने अहम भूमिका निभाकर भारत को हार से बचा लिया. फाइनल मे श्रीलंका के खिलाफ जहीर ने अपने शुरू के 3 ओवर मेडन डालकर भारत को ठोस शुरूआत दिलायी. जहीर के ये तीन मेडन ओवर यादगार मेडन ओवर है, इसके बाद उन्होंने उपल थरंगा और एंजेलो मैथ्यूज के महत्वपूर्ण विकेट भी झटके.  

इसे भी देखें- तेंदुलकर ने ‘बॉल टैंपरिंग’ में फंसे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को समय देने की मांग की

5. सचिन तेंदुलकर के दो शतक
सचिन तेंदुलकर के लिये 2011 विश्व कप अंतिम विश्व कप था और इस विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के खिलाफ शानदार शतक भी लगाये थे. सचिन ने इसके अलावे कई यादगार पारियां भी खेली थी. वास्तव में साल 2011 के विश्व कप की विजय गाथा सचिन तेंदुलकर के दो शतकों के बिना पूरी नहीं हो सकती थी.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: