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विवि शिक्षकों के सातवें वेतनमान को मिली मंजूरी, मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव को दी स्वीकृति

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Ranchi : राज्य के विश्वविद्यालय शिक्षकों को सातवें वेतनमान देने का रास्ता साफ हो गया. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने उच्च शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर अपनी स्वीकृति दे दी. वेतनमान का स्वरुप व अन्य गाईडलाईन तय करने के लिए छह सदस्यीय कमेटी का गठन कर लिया गया है. दो सचिव कुलपति, वित्त सचिव, उच्च शिक्षा सचिव, उच्च शिक्षा निदेशक व विकास आयुक्त को शामिल किया गया है. 

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प्रत्येक शिक्षकों के वेतन में 2.7 प्रतिशत की वृद्धि 

उच्च शिक्षा सचिव अजय कुमार सिंह उच्च शिक्षा निदेशक अबु इमरान व उपनिदेशक संजीव चतुर्वेदी ने शिक्षकों को सातवें  वेतनमान दिलाने के लिए विभागीय प्रस्ताव बनाने का कार्य किया. विवि में शिक्षकों को अभी छठा वेतनमान मिल रहा है और सातवें वेतनमान का लाभ मिलने पर प्रत्येक शिक्षकों के वेतन में 2.7 प्रतिशत की वृद्धि हो जायेगी. शिक्षकों को 20 से 30 हजार तक का फायदा हो सकता है. वर्तमान में व्याख्याता को लगभग 60 हजार, रीडर को करीब सवा लाख, और प्रोफेसर को करीब एक लाख 70 हजार रुपये मिल रहे हैं.

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विवि शिक्षकों ने देशर में किया था आंदोलन  
वेतनमान को  लागू करने और कई मुददों पर संसोधन करने के लिए विवि शिक्षकों ने देश  भर में आंदोलन किया था. झारखंड सहित दिल्ली में धरना व प्रदर्शन किया गया. सातवें वेतनमान के तहत केंद्र से राज्य को मिलने वाली राशिव में दो तिहाई की कमी की है. नये मापदंड के अनुसार केंद्र दवारा वेतनमद में दी जाने वाली  राशि  का 50 प्रतिशत हिस्सा यानी 39 माह तक ही वहन करेगा. छठे वेतनमान में केंद्र 51 माह में 80 प्रतिशत राशि अनुदान के रुप में देता है.  

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