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विवादित ढांचा विध्वंस के 25 वर्ष पूरे होने पर होंगे कार्यक्रम: विहिप

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News Wing
Ayodhya, 04 December:
 विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने आज कहा कि विवादित ढांचा विध्वंस के 25 बरस पूरे होने पर अयोध्या और लखनऊ में कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे. हर साल छह दिसम्बर को विवादित ढांचा विध्वंस की सालगिरह को मनाने वाली विहिप ने आगामी छह दिसम्बर को इस घटना के 25 वर्ष पूरे होने पर अयोध्या और लखनऊ में अनेक कार्यक्रमों के आयोजन की तैयारी की है.

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हजारों कारसेवकों ने अपना पूरा जीवन मंदिर आंदोलन के लिये समर्पित कर दिया

विहिप के अवध क्षेत्र के सह मीडिया प्रभारी अम्बुज ओझा ने बताया कि विहिप के दिवंगत पूर्व प्रमुख अशोक सिंघल, पूर्व गोरक्षपीठाधीश्वर महन्त अवैद्यनाथ, रामजन्मभूमि न्यास के पूर्व प्रमुख महन्त राम चंद्र दास परमहंस तथा हजारों कारसेवकों ने अपना पूरा जीवन मंदिर आंदोलन के लिये समर्पित कर दिया. अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होने से उनका सपना निश्चित रूप से साकार होगा. गौरतलब है कि छह दिसम्बर 1992 को कारसेवकों ने 16वीं सदी में बने बाबरी ढांचे को ढहा दिया था. इसके बाद देश में जगह-जगह हिंसा फैल गयी थी.

यह भी पढ़ें: झारखंड में शिक्षा व्यवस्था बेहाल, 30 छात्रों पर होने चाहिए एक शिक्षक, लेकिन 63 छात्रों पर हैं एक टीचर

बड़ी संख्या में साधु-संतों के पहुंचने की सम्भावना 

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ओझा ने बताया कि छह दिसम्बर को लखनऊ में शौर्य संकल्प सभा का आयोजन किया जाएगा. इसके अलावा अयोध्या के कारसेवक पुरम में दोपहर में आयोजित होने वाली बैठक में बड़ी संख्या में साधु-संतों के पहुंचने की सम्भावना है. इन कार्यक्रमों की तैयारी जोरों पर है. प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने गत 28 नवम्बर को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा था कि हर राम भक्त की इच्छा है कि वह अपने भगवान को ‘ठाठ’ से देखे ‘टाट’ से नहीं. उनका इशारा अयोध्या के विवादित स्थल पर बने अस्थायी राम मंदिर की तरफ था.

अब भी उसी रूप में हैं भगवान राम: अम्बुज ओझा

उन्होंने कहा था, ‘‘भगवान राम वहां अब भी उसी रूप में हैं, जैसा कि विवादित ढांचे के ढहाये जाने से पहले थे. हर दिन उनकी परम्परागत तरीके से पूजा की जाती है, लेकिन यह अब भी टाट के नीचे ही की जा रही है. उन्हें ठाठ से रहना चाहिये, और विवादित स्थल पर राम मंदिर का निर्माण कराया जाना चाहिये.’’

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