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विंटर केयर टिप्स- सर्दियों में इस तरह रखें अपनी सेहत का खास ख्याल

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Ranchi, 11 December: सर्दियों का मौसम अपने साथ सेहत से जुड़ी कई समस्याएं भी साथ लेकर आता है. इसलिए इस मौसम में आपको अपनी सेहत को लेकर थोड़ा सा सावधान रहने की जरूरत है. सर्दियों के दौरान मधुमेह के मरीजों में दिल और मस्तिष्क आघात का खतरा बढ़ जाता है. यह भी ध्यान रखें कि सर्दियों में रक्तवाहिनी सिकुड़ जाती हैं और रक्तचाप भी बढ़ जाता है. सर्दी-खांसी और बुखार के 100 से ज्यादा वायरस होते हैं.

सिर, कान और पैरों से शरीर में प्रवेश करती है सर्दी 

इसलिए सर्दी के मौसम में बीमारियों से बचाव के लिए हर उम्र के लोगों को खास एहतियात बरतने की जरूरत होती है. इस मौसम में छोटे बच्चों को बाहर की ठंडी हवा के बचाकर रखना चाहिए. जानकारों के मुताबिक सर्दी सबसे ज्यादा सिर, कान और पैरों के जरिए शरीर में प्रवेश करती है. इसलिए अपने शरीर के इन हिस्सों को ठंडी हवाओं से बचाकर रखें. हर रोज व्यायाम करना न भूलें. व्यायाम की गर्मी आपको सेहतमंद बनाए रखती है.

सर्दियों में तो आप अपनी ठंड से बचाव का हर इंतजाम जरूर रखें और साथ ही पेश है सर्दियों में सेहत बनाने के दमदार नुस्खे.

-रात को सोते समय एक गिलास मीठे दूध में एक चम्मच घी डालकर पीने से शरीर की खुश्की और दुर्बलता दूर होती है, नींद गहरी आती है, हड्डी बलवान होती है और सुबह शौच साफ आता है.

– एक चम्मच शुद्ध घी, एक चम्मच पिसी शकर, चौथाई चम्मच पिसी कालीमिर्च तीनों को मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय चाटकर गर्म मीठा दूध पीने से आँखों की ज्योति बढ़ती है.

-घी, छिलका सहित पिसा हुआ काला चना और पिसी शकर (बूरा) तीनों को समान मात्रा में मिलाकर लड्डू बाँध लें. प्रातः खाली पेट एक लड्डू खूब चबा-चबाकर खाते हुए एक गिलास मीठा कुनकुना दूध घूंट-घूंट करके पीने से स्त्रियों के प्रदर रोग में आराम होता है, पुरुषों का शरीर मोटा ताजा यानी सुडौल और बलवान बनता है.

-अदरक में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट शरीर को सर्दियों में होने वाले संक्रमण से बचाने में मददगार है. इसके अलावा इससे एसिडिटी से लेकर शरीर के मेटाबॉल्जिम से जुड़ी समस्याएं तक दूर हो जाती हैं.

-शहद की तासीर गर्म होती है. ये प्राकृतिक तौर पर तैयार होता है. इसे जुकाम के दौरान थकावट दूर करने के लिए लिया जा सकता है. इसे एनर्जी बूस्टर माना जाता है.

-काले या सफेद तिल की तासीर गर्म रहती है. गजक, रेवड़ी या लड्डू में तिल का इस्तेमाल सर्दियों में अधिक होता है. यह शरीर को गर्म भी रखने के साथ पाचन भी ठीक रखता है.

सर्दियों में बच्चे की देखभाल, बच्चों को सर्दियों में स्वस्थ रखने के उपाय :

-अपने बच्चे को हर 2 से 3 दिन में नहलाएं. ध्यान रखें कि उसे ज्यादा देर तक ना नहलाएं.

-सर्दियों में ठंडी हवाओं के प्रकोप से बचने के लिए और शरीर को गर्म रखने के लिए बच्चों की मालिश करना बहुत जरूरी है. नहलाने से पहले बच्चों की मालिश करके यदि उन्हें कुछ देर धूप का लुत्फ उठाने के लिए बाहर बिठाया जाए तो यह बच्चों के लिए फायदेमंद होता है.

-नहाने के बाद धूप में ‍बिठाने से बच्चों को विटा‍मिन डी मिलता है परंतु ध्यान रहे कि बच्चों को नहलाने व कपड़े पहनाने के बाद ही धूप में ले जाएँ, जिससे वे सर्द हवा से बच सकें.

-बच्चे को नहलाने के लिए गुनगुने पानी का प्रयोग करें. नहाने के तुरंत बाद उनकी त्वचा को मॉइस्चराइस करें. इससे आपके बच्चे की त्वचा अधिक रूखी होने से बच जाएगी.

-अपने बच्चे की त्वचा की मालिश दिन में 2 से 3 बार अवश्य करें. इससे बच्चे के शरीर में तेल काफी अच्छे से समाएगा. इससे उसकी त्वचा स्वस्थ और नरम बनी रहेगी.

-बच्चे के नाक के अंदर अच्छे पेट्रोलियम जेली का प्रयोग करें. ऐसा करना आवश्यक है क्योंकि ज़्यादातर मामलों में नाक की त्वचा काफी सूख जाती है और इससे बच्चे को काफी तकलीफ होती है. अगर आप लम्बे समय तक इसका उपचार नहीं करेंगे तो इससे हालत बिगड़ सकती है और खून भी निकल सकता है.

-बच्चे की त्वचा को नमी देते वक़्त उसे उसकी उम्र के मुताबिक़ गुनगुना पानी पिलाएं. इससे भी उसकी त्वचा अच्छी रहेगी.

-अगर आप काफी ठन्डे प्रदेश में रहते हैं तो अपने बच्चे के लिए 24 घंटे रूम हीटर चालू ही रखें. इसके अलावा अपने आसपास की हवा का रूखापन कम करने के लिए ह्यूमिडिफायर का भी प्रयोग करें.

-इस मौसम में सुबह-शाम चलने वाली ठंडी हवा शिशु के लिए नुकसानदेह होती है. इससे बचने के लिए शिशु को गर्म ऊनी कपड़े पहनाकर रखें. जिससे शिशु का बदन गरम रहे.

-शिशु के जागने के बाद उसे तुरंत उठाकर खुली हवा में न ले जाएँ. ऐसा करने से शिशु के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.

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-सर्दी के मौसम में शिशु को सर्दी-खाँसी व बुखार की शिकायत हो सकती है. अत: ऐसे में लापरवाही न बरतें वरना शिशु को निमोनिया होने का खतरा बढ़ जाएगा. सर्दी-खासी और बुखार के लगातार होने पर तुरंत शिशु को चिकित्सक के पास ले जाएं.

-ठण्ड  के मौसम में आपको खुद को तथा अपने बच्चे को भी हमेशा साफ़ सुथरा रखना चाहिए. इस मौसम में निरंतर रूप से खुद के तथा अपने बच्चे के हाथ धोएं. खाने से पहले तथा कहीं बाहर से घर आने के तुरंत बाद हाथ धोने को नियम बना लें. बच्चे के डायपर्स को भी रोज़ाना बदलें जिससे कि वह जीवाणुओं तथा ठण्ड से प्रभावित ना हो. खुद के और अपने शिशु के हाथ धोने के लिए एंटी बैक्टीरियल साबुन का ही प्रयोग करें.

-अपने शिशु को कुछ स्वास्थ्यकर आदतें सिखाएं. उदाहरण के तौर पर उसे अपनी नाक और आँखों को बार-बार छूने ना दें. बच्चों की बार-बार आँखों तथा नाक को रगड़ने की आदत होती है, जिसकी वजह से उनके हाथों से आंखों और नाक में कीटाणुओं का संचार होता है. ये कीटाणु फिर आपके बच्चे के खून में तेज़ी से मिल जाएंगे और उसके ठण्ड में कीटाणुओं द्वारा फैलाई जाने वाली बीमारी से पीड़ित होने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाएगी.

-आपके बच्चे को अपने शरीर में हमेशा ही विटामिन सी की ज़रुरत पड़ती है, क्योंकि यह विटामिन उसे ठण्ड से बचाए रखने में मदद करता है. ऐसे समय में दवाइयों का प्रयोग करने की बजाय विटामिन सी से युक्त प्राकृतिक भोजन का सेवन करना ही बेहतर विकल्प होगा. अगर विटामिन सी का सेवन नियमित रूप से किया जाए तो इससे ठण्ड का आपके शरीर पर प्रभाव काफी कम होगा. आप किसी पेडियाट्रिशियन से विटामिन सी की उस मात्रा के बारे में जान सकती हैं, जितनी आपके बच्चे को आवश्यकता होती है.

-अपने बच्चे में हमेशा सोने और आलस करने की आदत न पनपने दें. इसकी बजाय उसे दिन भर विभिन्न प्रकार की शारीरिक गतिविधियों में उलझाए रखें. शरीर की विभिन्न समस्याओं से लड़ने के लिए रक्त संचार में बढ़ोत्तरी काफी आवश्यक है. दोस्तों के साथ उसे बाहर खेलने भेजें या शारीरिक व्यायाम करवाएं.

बाहर खाने से बचें

ऐसे मौसम में जितना हो सके बाहर के खाने से बचे और मौसमी सब्जियों और फलों को अपने आहार में जरूर शामिल करें. फलो में पपीता, गाजर, अमरूद खाएं. प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को चुनें. इसके अलावा गुड का सेवन करें. गुड़ से हमें पाचन में मदद मिलती है और कफ और जुकाम से सुरक्षा होती है. हरी सब्जियां जैसे ब्रोकली, पालक, सरसों, बथुआ, मूली पत्ता का सेवन करें. संतुलित आहार लेने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और शरीर को बीमारियो से लड़ने में मदद मिलती है.

त्वचा की देखभाल

ठंडी का मौसम हमारी चेहरे की त्‍वचा पर भी गहरा असर डालते हैं. ठंडी में चलने वाली सर्द हवाएं हमारे त्वचा का रूखापन छीन लेती है. इसलिए त्‍वचा की नमी को बरकरार रखने के लिए Winter Skin Care Tips अपनाये. इसके अनुसार कोक बटर, मिल्क क्रीम, मक्खन, कोल्ड क्रीम, मॉइश्चराइजर आदि की मालिश करते रहना चाहिए. जिससे त्‍वचा अपनी नमी को न खोए.

Winter Care Tips: अन्य तरीके इन्हे भी अपनाये

-अगर पानी ज्यादा ठंडा हो तो गुनगुना करके पिये.

-नहाने के लिए भी गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें.

-जंक फूड से बचें और खाना हमेशा गर्म करके खाएं.

-छोटे बच्चों की रोजाना तेल से मालिश करें.

-अगर जुखाम हो गया हो तो गरम पानी में विक्स डालकर भाप दें.

-सर्दी ज्यादा सिर, कान और पैरों के जरिए शरीर में प्रवेश करती है. इन्हें बचाकर रखें.

-ठंडी से बचने के लिए गरम कपडे पहनें और सर्दी खासी ज्यादा होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं.

सर्दी-खांसी का इलाज

अगर आपको इस सर्द मौसम के कारण सर्दी- खांसी हो गयी है तो आप घर पर इसका इलाज कर सकते है. सर्दी ठीक करने के लिए तुलसी, लौंग और अदरक का काढ़ा पीना भी अच्छी औषधि है. खांसी के लिए रोज दिन में 2 से 3 बार हल्के गर्म पानी में आधा चम्मच सैंधा नमक डाल कर गरारे करें. जुखाम के लिए 2- 3 चम्मच अजवायन को कड़ाई पर हल्का भूने और फ़िर उसे एक कपडे में बांध ले और पोटली की तरह बना ले. फिर उस पोटली को नाक से सूंघे.

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