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वाहनों की बढ़ती संख्या कर रही रांची को प्रदूषित और ट्रैफिक जाम, 2016-17 में रजिस्टर्ड हुए 1.10 लाख वाहन

Ranchi: राजधानी रांची में तेजी से वाहनों का बोझ बढ़ रहा है. इसके कारण लोग ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की समस्या से जूझ रहे हैं. आंकड़ों के मुताबिक हर साल लाखों की संख्या में वाहन राजधानी वासी खरीद रहे हैं. रांची जिला परिवहन कार्यालय से निबंधित वाहनों की संख्या वर्ष 2016-17 में एक लाख दस हजार तीन सौ के करीब है. जिसमें पेट्रोल वाहन 1,03684 हैं और डीजल वाहनों की संख्या 5976 है. इसके अलावा डीजल हाइब्रिड गाड़ी की संख्या 688 है. वहीं कमर्शियल वाहन (पेट्रोल) 297, डीजल वाहनों की संख्या 8683 और इलेक्ट्रिक वाहन की संख्या 730 पंजीकृत है.

सिर्फ सिटी राइड बस के भरोसे टिका है सार्वजनिक यातायात

राजधानी में प्रति वर्ष वाहनों की बिक्री में इजाफा हो रहा है. इससे सड़क पर वाहनों का बोझ बढ़ता ही जा रहा है, जबकि रांची में सार्वजनिक यातायात की व्यवस्था न के बराबर है. नगर निगम के द्वारा सार्वजनिक यातायात केवल सिटी राइड बस के भरोसे टीका हुआ है. ऐसे में ऑटो चालकों की मनमानी अमूमन सड़कों पर देखने को मिल ही जाती है, साथ ही यात्रियों को अधिक किराया भी चुकाना पड़ता है.   

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हर दिन 29 लाख लोग निकलते है सड़कों पर

इंस्टीच्यूट ऑफ ट्रांसपोर्ट एंड डेवलपमेंट पॉलिसी (आटीडीपी) ने 2012 में एक अध्ययन किया था. इसमें यह तथ्य सामने आया कि रांची की सड़कों पर हर दिन 29 लाख लोग गुजरते हैं. इनमें से 25 हजार लोग बस सेवा का इस्तेमाल करते हैं. 11.50 लाख लोग ऑटो का प्रयोग करते है. 5.70 लोग दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल करते हैं. 3.07 लाख लोग साइकिल और 96 हजार लोग पैदल चलते हैं. 85 हजार लोग कार से सफर करते है. कम से कम 60 हजार कार रांची की सड़कों पर सरपट दौड़ती है. इस आंकड़े से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि सार्वजनिक बसों की संख्या व्यवस्थित तरीके से बढ़ायी जाये तो लोगों को जाम से निजात मिल सकता है.

ऑटो बना जाम का मुख्य कारण

शहर में चल रहे ऑटो जाम का सबसे बड़ा कारण हैं. प्रसाशन की सख्ती के बावजूद ऑटो चालक मनमाने ढंग से गाड़ियों को यहां-वहां खड़ा कर यात्रियों को बैठाने से नहीं चूकते हैं. लिहाजा राजधानी वासियों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है. शहर की लाइफ लाईन कही जाने वाली रातू रोड चौक पर यह समस्या आम है. जहां ऑटो चालक ट्रैफिक पुलिस के सामने ही सवारी बैठने के लिए अफरातफरी मचाने लगते हैं. इसके अलावा शहर के कचहरी चौक, ओल्ड एचबी रोड, सर्जना चौक, कांटाटोली चौक पर ऑटो सड़क पर खड़ी रहती है. जिससे शहर की सड़कें अक्सर जाम रहती है. वहीं नयी वयवस्था के तहत मुख्यमंत्री के आदेश के बाद शहर के लगभग सभी कट्स को बंद कर दिया गया. जिस वजह शहर की सड़कें अक्सर जाम रहती है.

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