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लोहरदगा : मेडिकल सेवाओं में गुणवत्ता और डॉक्टरों की सुरक्षा की मांग, आईएमए ने पीएम के नाम डीसी को सौंपा ज्ञापन

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Lohardaga : इंडियन मेडिकल एसोसिएशन लोहरदगा जिला इकाई ने अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम डीसी को एक ज्ञापन सौंपा है. आईएमए जिलाध्यक्ष डॉ गणेश प्रसाद और सचिव डॉ संजय प्रसाद ने इस ज्ञापन के जरिए नेशनल मेडिकल कमीशन बिल 2017 की खामियों को सुधारने की अपील की है. इस बिल के कारण मॉडर्न मेडिसिन के तहत आयुष डॉक्टर और गैर चिकित्सकीय वर्ग के प्रैक्टिशनर को रजिस्टर्ड करने और प्रैक्टिस करने की अनुमति देने का तात्पर्य मरीजों की जान को खतरे में डालना बताया है. आईएमए ने कहा कि यह सिस्टम किसी भी स्वरूप में स्वीकार्य नहीं है. आयुर्वेद को उसके मूल स्वरूप में संरक्षित और प्रोत्साहित किया जाना चाहिए. प्राइवेट मेडिकल कॉलेज का शुल्क राज्य सरकार तय करे.

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डॉक्टरों की सुरक्षा बढ़ाने और अस्पताल परिसर को सेफ जोन घोषित करने की मांग

मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया में रजिस्टर्ड मेडिकल ग्रेजुएट्स, हेल्थ यूनिवर्सिटी और राज्य सरकारों का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग की है. डॉक्टरों पर आए दिन हो रहे जानलेवा हमले और दुर्व्यवहार की घटनाओं को देखते हुए केंद्रीय स्तर पर कानून बनाते हुए डॉक्टरों की सुरक्षा और अस्पताल परिसर को सेफ जोन घोषित करने, चिकित्सकीय लापरवाही के मामलों को आपराधिक श्रेणी से बाहर, कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट ने मरीजों को उपभोक्ता बना दिया है. इसकी वजह से डॉक्टरों के खिलाफ देश में शिकायतों की बाढ़ आ गई है. ऐसे मामले में मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया तर्कपूर्ण और स्पष्ट हो. पीसीपीएनडीटी एक्ट में छोटी मोटी लेखा संबंधी गड़बड़ियों की वजह से डॉक्टरों को जेल भेज दिया जाता है. इसमें अपराध की गंभीरता के अनुसार सजा तय होनी चाहिए. क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट में सुधार लाने की मांग सरकार से की गई है.

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