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लेवी नहीं मिलने पर उग्रवादियों ने उड़ाया था निर्माणाधीन पुल, अब कड़ी सुरक्षा में पूर्ण हो रहा निर्माण कार्य

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Manoj Dutt Dev

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Latehar : लातेहार जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर की दूरी पर बरियातू प्रखंड अन्तर्गत बसे इदुआ ग्राम में निर्माणाधीन महत्वकांक्षी पुल को उग्रवादियो ने बम विस्फोट कर उड़ा दिया था. उग्रवादियो ने अपने आप को माओवादी बताकर ठेकेदार को फोन कर पहले लेवी नहीं देने पर काम रुकवाने की धमकी दी थी. मगर ठेकेदार द्वारा लेवी नहीं मिलने पर विगत 16 मार्च को निर्माण कार्य में लगा जरनेटर को आग के हवाले कर दिया था, वहीं दूसरे दिन 17 मार्च को निर्माणधीन पुल को बम लगा कर उड़ा दिया, जिसके बाद निर्माण कार्य ठप हो गया था. इस पुल का निर्माण कार्य जिला प्रशासन और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया था, जिसे स्वीकार करते हुए इन्दुआ ग्राम में पुलिस कैम्प स्थापित किया गया. और एक बार फिर से पुल का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया गया .

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लेवी नहीं मिलने पर उग्रवादियों ने उड़ाया था पुल

मामले पर पुल निर्माण कार्य के ठेकेदार जीतेन्दर कुमार शुक्ल ( उषा इन्फ्राटेक ) ने बताया कि माओवादी संघटन का नाम बता कर लगातार लेवी की मांग कि जा रही थी और लगातार परेशान किया जा रहा था, इसके बावजूद हमने लेवी नहीं दी, जिसके बाद मशीन जलाई गयी और पुल को उडाया गया. मगर जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो सका और निर्माण पूर्ण होने की स्थिति में है.

बारिश के मौसम में ग्रामीण रहते हैं बेहाल

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वहीं, इन्दुआ ग्राम निवासी बालेश्वर उरांव एवं राजन यादव ने बताया कि इन्दुआ ग्राम बरियातू प्रखंड के बालुभांग पंचायत अन्तर्गत आता है. यहाँ दर्जनों ग्राम है. प्रखण्ड मुख्यालय से ग्राम कि दुरी २७ किलोमीटर है. बारिश के दिनों ने इन्दुआ नदी में जब बाढ़ का पानी आता था तब जन जीवन रुक जाता था. सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को होती थी. बच्चे कभी बाढ़ के कारण स्कूल नहीं जा पाते थे. यदि कभी स्कूल चले गए तो लौटने वक्त बाढ़ के कारण घर नहीं लौट पाते थे. वहीं बताया कि बीमारी के कारण बारिश के मौसम में कई ग्रामीणों की जान इलाज के अभाव में हो जाती थी, क्योंकि मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते थे.

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ग्रामीणों के लिए बेहद अहम है पुल

इन्दुआ ग्राम में अस्थायी पुलिस कैम्प बना कर रह रहे एएसआई डी.एन. सिंह ने बताया कि निर्माण कार्य हमारे लिए चुनौती था. घटना के बाद जवान लगातार इलाके में पेट्रोलिंग कर रहे हैं और निर्माण कार्य की सुरक्षा पर नजर जमाए हुए हैं. वहीं उन्होंने बताया कि ग्रामीणों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है. ग्रामीण अपने घरों से भोजन लाकर जवानों को खिला रहे हैं. जिससे यह लगता है कि इस पुल का निर्माण ग्रामीणों के लिए अति महत्वपूर्ण था.   

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