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लातेहार : राशन वितरण में गड़बड़ी का खुलासा, 35 की जगह 25 किलो अनाज बांटने वाला डीलर बर्खास्त

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4000 आदिम जनजाति परिवार में से सिर्फ 282 परिवार को मिलता है राशन

News Wing Latehar, 08 December: लातेहार जिले के मनिका में आदिम जनजाति परिवारों को कम राशन देने के मामले सहित कई गड़बड़ियों का खुलासा जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान हुआ. भोजन का अधिकार अभियान व मनरेगा सहायता केंद्र द्वारा मनिका में राशन वितरण में हो रही गड़बडियों को  लेकर मनिका प्रखंड परसिर में जनसुवाई का आयोजन किया गया था. जनसुवाई के दौरान यह मामला सामने आया कि मनिका प्रखंड के 135 परिवार में से मात्र 2 लोगों का ही कार्ड फर्जी है, इससे पता चलता है कि फर्जी कार्ड के नाम पर जरूरतमंदों का भी राशन कार्ड रद्द कर दिया जा रहा है. यह भी बात सामने आई कि दुन्दू गांव के प्रभु सिंह को दो माह से राशन नहीं मिल रहा है. इस मामले में ज्यूरी पैनल द्वारा यह आदेश दिया गया कि दो दिन के भीतर राशन सुनिश्चित कराते हुए, उसे खाद्य सुरक्षा कानून 13 के अनुसार मुआवजा देने का आदेश पारित किया जाए.

अधिकांश राशन डीलर दे रहे कम राशन

सेवधारा गांव के आदिम जनजाति परिवार के दशिया कुंवर, अशोक परहिया, जिस्मनिया परहिन दुंदू सहित सेवधारा के 18 परहिया परिवार ने मामला उठाया कि 35 किलो राशन के बदले सिर्फ 25 किलो राशन दिया जा रहा है, इस मामले में सुनवाई करते हुए राशन देने के साथ संबंधित डीलर पर कार्रवाई करने का आदेश पारित किया गया. जनुसवाई के दौरान यह भी मामला सामने आया कि मनिका प्रखंड में अधिकांश डीलर लाभुकों को कम राशन दे रहे हैं, इस पर ज्यूरी पैनल ने कहा कि सभी राशन डीलर पर कार्रवाई के साथ ही बकाया राशन देने का आदेश दिया गया.

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3718 परिवार राशन से वंचित

जनसुनवाई में यह भी मामला आया कि मनिका प्रखंड में करीब 4000 आदिम जनजाति परिवार हैं, मगर उसमें से मात्र 282 परिवारों को राशन मिलता है, लगभग 3718 आदिम जनजाति परिवार को राशन से वंचित रखा जा रहा है, जो खाद्य सुरक्षा कानून का उल्लंघन है, जबकि डाकिया योजना के अंतर्गत प्रत्येक परहिया परिवार को 35 किलो निःशुल्क राशन देने का प्रावधान है.

विशुनबांध के डीलर ने नहीं दिया अगस्त का राशन

जनसुनवाई में यह बात सामने आयी की विशुनबांध, डोंकी, कोपे, बरवैया कला, दुन्दू, रॉकी कला, नामुदाग, सिंजों सहित कई पंचायतों में राशन डीलर द्वारा कम राशन दिया जा रहा है. वहीं विशुनबांध के डीलर नारायण यादव द्वारा अगस्त का राशन नहीं दिया गया है और लाभुकों को धमकी दिया जाता है, जबकि उस डीलर के खिलाफ कई शिकायत की गयी है, ज्यूरी पैनल ने कहा कि कानून का उल्लंघन है और कानून के अनुसार मुआवजा मिलना चाहिए. जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी ने कार्रवाई करते हुए नारायण यादव का राशन दुकान रद्द कर दिया और कहा कि एमओ पर भी प्रपत्र क गठित किया जायेगा.

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दुकानों में अपवाद रजिस्टर नहीं, बहाना बनाकर गरीबों का राशन लूट रहे दुकानदार

डीएसओ ने कहा कि जिन परिवारों को राशन कार्ड से वंचित किया गया है, उन्हें जनवरी माह तक राशन कार्ड उपलब्ध कराया जायेगा. वहीं डीएओ ने कहा कि अब तक गड़बड़ी के मामले में चार से पांच डीलरों को निलंबित किया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि जिन लाभकों को राशन लेने से इ-पॉस मशीन में अगर अंगूठा मैच नहीं कर रहा है या आधार के कारण नहीं मिल रहा है, तो उन्हें अपवाद रजिस्टर से राशन दिया जायेगा. किसी भी परिवार को राशन से वंचित नहीं किया जायेगा, क्योंकि जन सुनवाई में यह मामला आया कि कई राशन दुकान में अपवाद रजिस्टर उपलब्ध नहीं है और डीलर बहाना बनाकर राशन की लूट कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अगर परिवार के किसी भी सदस्य का राशन कार्ड आधार से लिंक है, तो उसे राशन मिलेगा.

राशन वितरण प्रणाली के क्रियान्वयन में भी रुकावटें : ज्यां द्रेज

इस मौके पर बोलते हुए प्रोफेसर ज्यां द्रेज, हलधर महतो और रंजन जी ने कहा कि  झारखंड के विभिन्न भागों से खाद्यान्न के अभाव के कारण भूख से मौत की खबर आती रही है. ऐसे मामलों से स्पष्ट होता है कि राज्य में  राशन वितरण प्रणाली के क्रियान्वयन में अभी भी रूकावटें आ रही है. ग्रामीण लाभुकों की शिकायतें लगातार आ रही है, जिसमें जरूरतमंद परिवरों को राशन कार्ड उपलब्ध नहीं किया जाना, राशन कार्ड में परिवार के सदस्यों का नाम न जुड़ना, राशन कार्ड को अनावश्यक रूप् से रद्द किया जाना, कम राशन मिलना, पॉस मशीन में अंगूठा का मिलान न होना एवं राशन डीलरों की मनमानी के कारण कई परिवार परेशान हैं.

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जनसुनवाई में ये थे मौजूद

जनुसवाई में ज्यूरी पैनल में झारखंड खाद्य सुरक्षा आयोग के सदस्य हलधर महतो, रंजन जी, डीएसओ शैलप्रभा कुजूर, अनुमंडल पदाधिकारी जय प्रकाश झा, अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज, प्रमुख गायत्री देवी, भोजन के अधिकार अभियान के राज्य संयोजक अशिर्फनंद प्रसाद, जवाहर मेहता वहीं प्रखंड व जिला प्रशासन के ओर से जवाब देने के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी, शंकराचार्य समद, सीओ और प्रखंड के कर्मचारी मौजूद थे.

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