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“रूठे-रूठे उरांव” सरकार की सिरदर्दी “मनाऊं कैसे…”

Ranchi :
“पहले इनमें एक अदा थी, नाज था, अंदाज था
रूठना अब तो तेरी आदत में शामिल हो गया.”- आग़ा
Ranchi:  रघुवर सरकार की सिरदर्दी सिर्फ सीएस राजबाला वर्मा और डीजीपी डीके पांडे या बड़बोले मंत्री रंधीर सिंह ही नहीं हैं. बल्कि और भी कई गम हैं इस सरकार के पास. सदन से लेकर सड़क तक विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव और सीएम रघुवर दास के बीच नोक-झोंक देखा जाना इस सरकार में आम माना जाता रहा है. बात अगर मर्यादित कुर्सी की ना होती तो मामला काफी बिगड़ने की भी संभावना जतायी जाती रही है. विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव इन दिनों सरकार से ऐसा रूठ गये हैं कि उन्होंने सरकारी सेवा भी लेना बंद कर दिया है. उन्हें सरकार की कोई भी चीज जच नहीं रही है.

Akshay Kumar Jha

Ranchi :

पहले इनमें एक अदा थी, नाज था, अंदाज था

रूठना अब तो तेरी आदत में शामिल हो गया.”- आग़ा

Ranchi:  रघुवर सरकार की सिरदर्दी सिर्फ सीएस राजबाला वर्मा और डीजीपी डीके पांडे या बड़बोले मंत्री रंधीर सिंह ही  नहीं हैं. बल्कि और भी कई गम हैं इस सरकार के पास. सदन से लेकर सड़क तक विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव और सीएम रघुवर दास के बीच नोक-झोंक देखा जाना इस सरकार में आम माना जाता रहा है. बात अगर मर्यादित कुर्सी की ना होती तो मामला काफी बिगड़ने की भी संभावना जतायी जाती रही है. विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव इन दिनों सरकार से ऐसा रूठ गये हैं कि उन्होंने सरकारी सेवा भी लेना बंद कर दिया है. उन्हें सरकार की कोई भी चीज जच नहीं रही है.

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छोड़ आये सरकारी बंगला

मामला जो भी रहा हो. वो खुल कर कभी सामने नहीं आया कि आखिर विधानसभा स्पीकर सरकार से रूठे क्यों हैं. या फिर वजह जगजाहिर हो लेकिन कोई बिल्ली के गले में घंटी डालने की हिम्मत नहीं करना चाहता हो. विधानसभा स्पीकर ने काफी दिनों पहले उन्हें मिला कांके रोड स्थित सरकारी बंगला छोड़ दिया है. वो अपने निजी आवास में फिलहाल रह रहे हें. उन्हें काफी दिनों से सरकारी आवास में आते-जाते नहीं देखा जा रहा है.

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नहीं चाहिए उन्हें सरकारी कर्मी

प्रोटोकॉल के तहत एक विधानसभा स्पीकर को जो भी सरकारी सेवा मिलनी चाहिए थी, वो सारी सेवा सरकार की तरफ से उन्हें दी जा रही थीं. लेकिन, उन्होंने इन्हें लेने से मना कर दिया है. यहां तक कि उन्हें सरकार की तरफ से उनके काम को आसान करने के लिए मिले कर्मी भी नहीं चाहिए. उन्होंने सारे स्टाफ को भी वापस कर दिया है. सारा काम उनके निजी स्टाफ संभाल रहे हैं.

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अब उन्होंने लौटा दी सरकारी गाड़ी

अभी हाल में ही विधानसभा स्पीकर दिनेश उरांव ने उन्हें मिले सारे वाहनों को सरकार को वापस कर दिया है. उन्होंने अपने पास सिर्फ एक गाड़ी और एक ड्राइवर रखा है. बाकी उन्हें एस्कॉर्ट करने के लिए मिली सभी वाहनों को उन्होंने वापस कर दिया है. विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले ये बात काफी मायने रखते हैं. चर्चा है कि इस बार शीतकालीन सत्र से ज्यादा सख्त तेवर अध्यक्ष का देखने को मिल सकता है. बताते चलें कि पिछली बार सदन में अध्यक्ष ने सीएम को भी एक-दो बार अपने निशाने पर लिया था.

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