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रुश्दी वीडियो के जरिये साहित्य उत्सव को सम्बोधित करेंगे

नई दिल्ली, 23 जनवरी | विवादास्पद पुस्तक ‘द सैटेनिक वर्सेज’ के लेखक सलमान रुश्दी मंगलवार को वीडियो लिंक के जरिये जयपुर साहित्य समारोह को सम्बोधित करेंगे। लेकिन वह ‘द सैटेनिक वर्सेज’ पर नहीं, बल्कि अपनी एक अन्य पुस्तक ‘मिडनाइट्स चिल्ड्रेन’ पर अपनी बात रखेंगे। पुलिस से अपनी जान को खतरे की सूचना मिलने के बाद जयपुर यात्रा रद्द करने वाले रुश्दी मंगलवार को अपराह्न् 3.30 बजे दिग्गी पैलेस में आयोजित साहित्य समारोह को वीडियो लिंक के जरिये सम्बोधित करेंगे और बुकर पुरस्कार प्राप्त पुस्तक ‘मिडनाइट्स चिल्ड्रेन’ पर बात करेंगे।

समारोह के आयोजक और टीमवर्क प्रोडक्शन के प्रबंध निदेशक संजय रॉय ने सोमवार को कहा, “हम मंगलवार दोपहर को वीडियो सम्बोधन का प्रबंध करने की कोशिश कर रहे हैं।”

रुश्दी ने हालांकि पुलिस से अपनी जान को खतरे की सूचना मिलने के बाद जयपुर यात्रा रद्द कर दी, लेकिन बाद में उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें समारोह में भाग लेने से रोकने के लिए यह खिचड़ी पकाई गई। माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर वह कई बार अपनी नाराजगी जता चुके हैं।

इस बीच, मुस्लिम संगठन वीडियो लिंक पर करीब से नजर बनाए हुए हैं। जमात-ए-इस्लामी हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद सलीम ‘इंजीनियर’ ने कहा कि यदि रुश्दी ने अपने सम्बोधन में पवित्र ग्रंथ के खिलाफ कुछ कहा तो मुसलमान प्रदर्शन करेंगे।

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रुश्दी को अपराधी करार देते हुए आईएएनएस से बातचीत में सलीम ने कहा, “यदि अपराधी भारत आता है तो हम लोकतांत्रिक तरीके से इसके खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।”

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उन्होंने कहा, “यदि किसी को भी पवित्र ग्रंथ के बारे में अभिव्यक्ति का अधिकार है तो हमें भी लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन का अधिकार है। यह सुनिश्चित करना कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि धर्म के नाम पर कानून न तोड़ा जाए।”

इस बीच, कवि जीत थायिल, लेखक अमिताव कुमार, उपन्यासकार हरि कुंजरू और लेखक रुचिर जोशी के खिलाफ प्रतिबंधित पुस्तक ‘द सैटेनिक वर्सेज’ से कुछ बातें पढ़ने के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद वे कथित तौर पर समारोह से निकल गए। आयोजकों से इस पर टिप्पणी करने से इंकार करते हुए कहा कि उन्हें जाने के लिए नहीं कहा गया।

वहीं, समारोह में भाग लेने पहुंचे स्वामी अग्निवेश ने पूरे प्रकरण पर कहा, “सरकार को जिम्मेदारी से कार्रवाई करनी चाहिए। जांच एजेंसी से इसकी जांच कराई जानी चाहिए कि किसने रुश्दी को यह झूठा संदेश भेजा कि भाड़े के हत्यारे उनकी हत्या कर सकते हैं।” (आईएएनएस)

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