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री एडमिशन, डेवलपमेंट चार्ज और किताबों में लूट के बाद अब स्कूलों में वसूला जा रहा बिजली बिल

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Ranchi : राजधानी रांची के स्कूलों में मार्च और अप्रैल के महीनों में स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के पैरेन्ट्स को स्कूल फीस के नाम पर खूब टेंशन होता है. इस संदर्भ में प्रशासन ने कई आदेश  भी जारी किए हैं. री एडमिशन और डेवलपमेंट चार्ज जैसे कई तरह के चार्ज स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन वसूलता है. लेकिन ये जानकर आपको बेहद हैरानी होगी कि रांची के क्लूनी कॉन्वेंट स्कूल द्वारा अब बिजली बिल भी वसूला जा रहा है. जिससे बच्चों के अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है और वे बेहद परेशान हैं.

Kumar Gaurav

Ranchi : राजधानी रांची के स्कूलों में मार्च और अप्रैल के महीनों में स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के पैरेन्ट्स को स्कूल फीस के नाम पर खूब टेंशन होता है. इस संदर्भ में प्रशासन ने कई आदेश  भी जारी किए हैं. री एडमिशन और डेवलपमेंट चार्ज जैसे कई तरह के चार्ज स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन वसूलता है. लेकिन ये जानकर आपको बेहद हैरानी होगी कि रांची के क्लूनी कॉन्वेंट स्कूल द्वारा अब बिजली बिल भी वसूला जा रहा है. जिससे बच्चों के अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है और वे बेहद परेशान हैं.

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1650 के स्थान पर 1700 रुपये की हो रही वसूली
क्लूनी कॉन्वेंट स्कूल एचबी रोड रांची के द्वारा ट्यूशन फीस, इलेक्ट्रिसिटी बिल और स्मार्ट क्लास के नाम पर पैसे लिए जा रहे हैं. टयूशन फीस 1550, बिजली बिल 50 और स्मार्ट क्लास के 50 रुपये लिए जा रहे हैं. इन तीनों को मिला कर 1650 रुपये होते हैं. पर कुल चार्ज 1700 रुपये चालान में दर्ज कराया गया है. इस वजह से 1700 ही बच्चों को देना पड़ रहा है. यानि स्कूलों की मनमानी के कारण अभिभावकों की जेब कट रही है और निजी स्कूल गलत तरीके से फीस वसूली कर मालामाल हो रहे हैं.

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बैंक वाले नहीं ले रहे 1650 रुपये
कुल योग के 1650 रुपये के स्थान पर स्कूल द्वारा बैंक चालान में 1700 रुपये दर्ज करा देने के कारण बैंक वाले भी 1700 रुपये ही मांग रहे हैं. बैंक वालों का कहना है कि चालान में जो फाइनल रकम दर्ज होता है, वही बैंक दवारा लिया जाएगा. पिछले तीन साल से यह सिलसिला जारी है. यहां ये बताना जरूरी है कि इसमें स्कूल प्रबंधन द्वारा चालाकी से चालान में 1650 रुपये की जगह 1700 रुपये को फाइनल रकम दर्ज कराया गया है, ताकि अभिभावकों को जेब ढीली करने को मजबूर किया जा सके.

स्कूलों की जांच के लिए बनी है कमिटी 

स्कूलों में कई ऐसे भी शुल्क लिये जाते हैं, जो मान्य नहीं हैं. इनमें  बायोमिट्रिक अटेंडेंस शुल्क और डेवलपमेंट फीस भी लिये जा रहे हैं, जो काफी अधिक है. एसडीओ के अनुसार सारी रिपोर्ट स्कूलों की जांच के लिए बनी कमिटी में रखी  जायेगी. इसके बाद अंतिम रिपोर्ट आयुक्त को सौंपी जायेगी. 

Challan

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