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रिम्स : डेंगू वार्ड में मच्छरों का आतंक, मरीजों के साथ नर्स भी परेशान

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​Ranchi : राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में गंदगी के कारण मच्छर पनप रहे हैं. जिससे मरीज और उनके परिजन बेहद चिंतित हैं. मरीज डेंगू का इलाज कराने अस्पताल तो आये हैं, लेकिन डेंगू वार्ड में मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से डेंगू की बीमारी ठीक होने के बजाय और भी बढ़ने की संभावना बनी हुई है. इस कारण गरीबों के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में इन दिनों मरीज और मरीजों के परिजन बेहद चिंतित है. दरसअल रिम्स में मच्छरों से मरीज व उनके परिजनों के साथ-साथ यहां की नर्स भी परेशान हैं. आलम यह है कि लोग वार्ड में अपने बेड के नीचे मॉर्टिन लगा कर समय काटने पर विवश हैं.

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Ranchi : राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में गंदगी के कारण मच्छर पनप रहे हैं. जिससे मरीज और उनके परिजन बेहद चिंतित हैं. मरीज डेंगू का इलाज कराने अस्पताल तो आये हैं, लेकिन डेंगू वार्ड में मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से डेंगू की बीमारी ठीक होने के बजाय और भी बढ़ने की संभावना बनी हुई है. इस कारण गरीबों के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में इन दिनों मरीज और मरीजों के परिजन बेहद चिंतित है. दरसअल रिम्स में मच्छरों से मरीज व उनके परिजनों के साथ-साथ यहां की नर्स भी परेशान हैं. आलम यह है कि लोग वार्ड में अपने बेड के नीचे मॉर्टिन लगा कर समय काटने पर विवश हैं.

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डेंगू वार्ड में गंदगी का अंबार

वार्ड में गंदगी

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आइसोलेशन यूनिट में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसे बीमारियों का इलाज होता है. इन वार्डों में मरीजों को मच्छरदानी दी जाती है, ताकि इलाज के साथ डेंगू के प्रकोप से भी बचाया जा सके. लेकिन वार्ड में गंदगी के कारण मच्छर इतने ज्यादा हैं कि मरीजों के साथ-साथ परिजनों को भी डेंगू होने का खतरा सता रहा है. मिली जानकारी के अनुसार आइसोलेशन यूनिट में 5 साल पहले सभी खिड़कियों व अन्य जगहों पर नेट लगाये गये थे, लेकिन रख-रखाव के अभाव में सब बर्बाद हो चुका है. शौचालय के पास गंदगी के कारण पूरे वार्ड में मच्छरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. जिससे मरीज रात हो या दिन, हर समय मॉर्टिन लगाने पर मजबूर है.

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नहीं होता है कीटनाशक दवा का छिड़काव

अन्य वार्ड के मरीजों की मानें तो मच्छर इतने ज्यादा हैं कि गर्मियों में भी खुद को ढंक कर सोना मजबूरी हो गयी  है. मच्छरों के कारण डेंगू जैसी बीमारी का खतरा हर वक्त मंडराता रहता है. परिजनों ने रिम्स प्रबंधन से गुजारिश करते हुए कहा है कि इन वार्डों में कीटनाशक दवा का छिड़काव किया जाये, ताकि मरीजों का बेहतर इलाज हो और   डेंगू का खतरा न हो.

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