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रिम्स के निदेशक पद के लिए 21 लोगों ने दिये साक्षात्कार, बदलेगी राज्य के सबसे बड़े अस्पताल की किस्मत!

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Ranchi : राजेंद्र इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस (रिम्स) में स्थायी निदेशक की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है. पांच सदस्यीय चयन समिति ने इस पद के लिए साक्षात्कार लिया. जिसमें मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, एम्स निदेशक रणदीप गुलेरिया, एसजीपीआइ लखनऊ के निदेशक राजेश कपूर व वित्त विभाग के एक प्रतिनिधि शामिल हुए. रिम्स निदेशक पद के लिए कुल 25 आवेदन आए थे. इनमें से चार आवेदनों को स्क्रूटनी के बाद रद्द कर दिया गया. जिसके बाद 21 आवेदकों का ही साक्षात्कार लिया गया. आवेदकों की सूचि में रिम्स, एमजीएम के डॉक्टर समेत बिहार और यूके के डॉक्टर भी शामिल है. चयन समिति ने साक्षात्कार के बाद अपनी अनुशंसा सरकार को भेज दिया है. स्वास्थ्य मंत्री का मुहर लगते ही रिम्स के स्थायी निदेशक की आधिकारिक घोषणा की जाएगी. 

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ये आवेदक हैं मैदान में 

रिम्स के निदेशक पद के लिए आवेदन देने वालों में डॉ श्याम सुन्दर चौधरी, डॉ चंद्रकांत, डॉ अनिल कुमार चौधरी, डॉ शमीम हैदर, डॉ रत्ना चौधरी, डॉ अजित कुमार, डॉ विवेक कश्यप, डॉ तुलसी महतो, डॉ कौशल किशोर सिन्हा, डॉ त्रिलोचन सिंह, डॉ रमेश कुमार श्रीवास्तव, डॉ अरुण कुमार चौधरी, डॉ अमरेंद्र नारायण मिश्रा, डॉ परमानंद सिंह, डॉ पांडेय रवि भूषण प्रसाद, डॉ शिवेंद्र कुमार शाही (यूके), डॉ चिरंजीवी खंडेलवाल, डॉ दिनेश कुमार सिंह, डॉ सत्येंद्र नारायण सिंह, डॉ ब्रिगेडियर एससी करण शामिल है. 

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स्थायी निदेशक पद की नियुक्ति जल्द : डॉ आरके श्रीवास्तव (प्रभारी निदेशक, रिम्स) 

रिम्स के प्रभारी निदेशक डॉ आरके श्रीवास्तव ने कहा कि स्थायी निदेशक की नियुक्ति के लिए 9 दिसंबर को चयन समिति के द्वारा साक्षात्कार लिया गया. फाइनल स्टेज में प्रक्रिया है. जिसे सरकार चाहेगी उन्हें रिम्स का निदेशक घोषित किया जाएगा. 

राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में आए दिन बदहाली देखने को मिलती है. 2002 से अब तक 13 डॉक्टरों ने रिम्स के निदेशक पद को संभाला है. लेकिन अस्पताल की हालत राज्य की जनता के सामने है. लिहाजा नये निदेशक के लिए रिम्स की व्यवस्था को दुरुस्त करना एक चुनौतीपूर्ण काम है.

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