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राहुल गांधी को निशाना साधने का मिल गया बहाना, नर्मदा घोटाले को लेकर शिवराज पर बना दिया गाना

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News Wing Desk

कहते हैं जो बात सीधे-सीधे कहने पर असर नहीं दिखाती उसे कविता या गीतों के जरिये कहा जाय तो उसका असर कई गुणा बढ़ जाता है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस फार्मूले का सहारा लिया है. संदर्भ मध्य प्रदेश का है, जहां सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अपने खिलाफ नर्मदा घोटाला रथ यात्रा निकालने पर आमादा पांच साधु-संतों को राज्यमंत्री का दर्जा देकर अपने पक्ष में कर लिया. फिर क्या था, राहुल को याद आ गया कयामत से कयामत तक को सुपरहिट गाना, जिसपर पैरोडी बनाकर राहुल गांधी ने ट्विटर के जरिये शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधा. राहुल गांधी की काव्यकला अब सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है.

अपने ट्वीट में राहुल गांधी ने लिखा है, “ बाबा कहते थे बड़ा काम करूंगा, नर्मदा घोटाला नाकाम करूँगा, मगर यह तो, मामा ही जाने, अब इनकी मंज़िल है कहां!मध्य प्रदेश कयामत से कयामत तक.

राज्य मंत्री का दर्जा मिलते ही बदले संतों के सुर

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गौरतलब है कि शिवराज सरकार ने स्वामी नामदेव त्यागी उर्फ कंप्यूटर बाबा, उदय सिंह देशमुख उर्फ भैय्यू महाराज, पंडित योगेंद्र महंत, हरिहरनंद महाराज और नर्मदानंद महाराज को राज्यमंत्री का दर्जा दिया है. राज्य सरकार के इस कदम की कांग्रेस ने तीखी आलोचना भी की है. कांग्रेस का आरोप है कि एमपी सरकार ने चुनावों को देखते हुए यह कदम यह उठाया है. राहुल गांधी ने शिवराज सरकार के इसी फैसले पर काव्यात्मक तंज कसा है. जो साधु संत कल तक शिराज सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले बैठे थे, राज्यमंत्री का दर्जा मिलने के बाद अब उनके सुर भी बदल गए हैं. इन साधु-संतों ने अब नर्मदा नदी के संरक्षण के लिए अभियान चलाने और पौधारोपण करने की बात कही है. ज्ञात हो कि एमपी के पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने नर्मदा यात्रा निकाली थी.

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साधु-संतों ने शिवराज सरकार के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंका था

हालिया घटनाक्रम में कंप्यूटर बाबा की अगुआई में कई साधु-संतों ने शिवराज सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज कर दिया था, जिसे ‘नर्मदा घोटाला रथ यात्रा’ नाम दिया गया था. यह यात्रा एक अप्रैल से निकाली गई थी और 15 मई को समाप्त होने वाली थी. लेकिन अपनी सरकार के खिलाफ माहौल बनता देख सीएम शिवराज सिंह चौहान ने राज्यमंत्री के दर्जे का दांव खेल दिया. सरकार ने संतों को राज्यमंत्री का दर्जा देते हुए एक समिति के गठन का ऐलान कर भी दिया. जिसके तुरंत बाद शिवराज सरकार पर घोटाले का आरोप लगाने वाले कंप्यूटर बाबा की जुबान में नरमी आ गई और उन्होंने बीजेपी सरकार के समय किसी तरह के घोटाले से ही इन्कार कर दिया. बता दें कि इन्होंने राज्य सरकार पर नदी संरक्षण अभियान के लिए आवंटित फंड में घोटाला और पौधारोपण के मद में दिये गए धन के दूसरे मद में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था. सियासत के बदलते मिजाज के साथ बाबाओं के बदले सुर ने राहुल गांधी को बैठे बिठाए एक नया सियासी हथियार दे दिया, जिससे उन्हें बीजेपी और शिवराज सरकार पर प्रहार करने का मौका मिल गया. और राहुल गांधी ने पैरोडी गाने के जरिए अपना सियासी तीर भी चला दिया.

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