न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

राज्यसभा से अयोग्य घोषित करने के खिलाफ शरद यादव की याचिका पर सुनवाई करेगा हाई कोर्ट

10

News Wing
New Delhi, 13 December:
दिल्ली हाईकोर्ट जदयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव की याचिका पर आज बुधवार को सुनवाई के लिए राजी हो गया. जिसमें उन्होंने राज्यसभा से अपने अयोग्य किए जाने के खिलाफ याचिका दायर कर आदेश को तुरंत निरस्त करने की मांग की है. मामला तत्काल सुनवाई के लिए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ के समक्ष इस आधार पर लाया गया कि संसद का शीतकालीन सत्र शुक्रवार से प्रारंभ होना है और यदि वह आदेश निरस्त नहीं किया जाता है तो वह सत्र में शामिल नहीं हो सकेंगे.

इसे भी पढ़ें- तेलंगाना : वीडियो वायरल होने की वजह से विवादों में फंसी विधायक, टोल प्लाजा के स्टाफ को कहा था अपशब्द

वेंकैया नायडू के फैसले पर अंतरिम आदेश देने की मांग

यादव की ओर से पेश अधिवक्ता निजाम पाशा ने कहा कि वह मामले को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करवाना चाहते हैं. ताकि अंतरिम आदेश पारित किया जा सके. सदन में जदयू के नेता रामचंद्र प्रसाद सिंह के अधिवक्ता ने मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने का विरोध किया. बहरहाल, अदालत ने मामले को बुधवार को ही सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर लिया. यादव ने अपनी याचिका में कहा कि राज्यसभा के उपसभापति ने उनके तथा उनके पार्टी सहयोगी एवं सांसद अली अनवर के खिलाफ चार दिसंबर को आदेश देने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का कोई मौका नहीं दिया. उन्होंने राज्यसभा के उपसभापति एम वेंकैया नायडू के फैसले पर अंतरिम आदेश देने की मांग की.

इसे भी पढ़ें- बिहार: मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी 10,000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार

यादव ने विपक्ष के साथ मिलाया था हाथ

इसी वर्ष जुलाई माह में जब जदयू के अध्यक्ष एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में राजद और कांग्रेस वाला महागठबंधन छोड़ने और भाजपा के साथ जुड़ने का फैसला लिया था, तब यादव ने भी विपक्ष के साथ हाथ मिला लिया था. यादव और अनवर को अयोग्य घोषित करते हुए उपसभापति ने जदयू की इस बात को माना था कि दोनों वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी के निर्देशों को अनसुना करके और विपक्षी दलों के आयोजनों में शामिल हो कर अपनी सदस्यता ‘‘स्वेच्छा से त्यागी’’ है.

पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए पटना में विपक्षी दलों की रैली में हुए थे शामिल

जदयू ने इस आधार पर उन्हें अयोग्य घोषित करने की मांग की थी कि दोनों नेता पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए पटना में विपक्षी दलों की रैली में शामिल हुए हैं. यादव सदन में पिछले वर्ष चुने गए थे और उनका कार्यकाल जुलाई 2022 में समाप्त होना था. अनवर का कार्यकाल अगले वर्ष के प्रारंभ में समाप्त होना था. सिंह ने राज्यसभा के उपसभापति से यादव को अयोग्य घोषित करने का अनुरोध किया था. जिसके बाद दल-बदल विरोधी कानून के तहत नायडू ने उन्हें राज्यसभा सदस्य के तौर पर अयोग्य करार दिया था.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: