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राज्यसभा चुनाव Countdown Begins… गुरुवार 12 बजे तक निर्मला देवी भोपाल में, प्रदीप यादव ने कहा ऑल इज वेल, लेकिन सिर्फ 0.33 प्वाइंट्स से जीत गए थे महेश पोद्दार

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Akshay Kumar Jha

Ranchi: ठीक नौ महीने चार दिनों के बाद फिर से राज्यसभा चुनाव झारखंड में होने वाला है. पूरी कहानी वैसी ही है, जैसी पिछले साल थी. दो सीट और उम्मीदवार तीन. सत्ता पर काबिज बीजेपी ने बड़ी ही चालाकी से दोनों सीट अपने नाम कर ली थी. झामुमो से आखिरी समय में उसकी हो चुकी कुर्सी को बीजेपी ने अपने पाले में कर लिया था. झामुमो के उम्मीदवार बसंत सोरेन और पार्टी के कई लोग समझ ही नहीं पाये थे, कि ये कैसे हो गया. इस बार भी कमोबेश कहानी वही है. दो सीटों के लिए तीन दिग्गज उम्मीदवार मैदान में हैं. इस बार भी बीजेपी की तरफ से दो उम्मीदवार समीर उरांव और प्रदीप सोंथालिया मैदान में उतारे गए हैं. झामुमो ने अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है, वो कांग्रेस के धीरज साहू को फुल सपोर्ट करने की बात कर रही है.

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जिनके मतदान पर कंफ्यूजन है

राज्यसभा चुनाव के मतदान के ऐन वक्त पर क्या हो जाये कहना मुश्किल है. तबियत-पानी बिगड़ने से लेकर किस विधायक के खिलाफ पुराने मामले में वारंट जारी हो जाये, कोई नहीं कह सकता. वहीं कांग्रेस, झामुमो और बीजेपी की बात छोड़ दी जाये तो जेवीएम का स्टैंड क्या है, पूरी तरह से क्लियर नहीं है. वहीं निर्मला देवी, कुशवाहा शिवपूजन मेहता, राजकुमार यादव, अरूप चटर्जी, गीता कोड़ा, भानू प्रताप शाही, एनोस एक्का ऐसे विधायक हैं, जिनपर सबकी नजर लगी हुई हैं. हालांकि राजकुमार यादव और भानू प्रताप शाही ने साफ कर दिया है कि वो विपक्ष के साथ हैं. अरुप चटर्जी भी विपक्ष के साथ जाने की बात कर रहे हैं.

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गुरुवार 12 बजे तक निर्मला देवी भोपाल में

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राज्यसभा चुनाव में पिछली बार की तरह इस बार भी निर्मला देवी की भूमिका काफी अहम मानी जा रही है. निर्मला देवी वोट दे पाएगी या नहीं यह क्लियर नहीं है. अगर वो वोट करती हैं तो किसके पक्ष में वोट करेगी यह भी क्लियर नहीं है. उनके सहयोगी सुमित ने बताया है कि अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि वो लोग झारखंड पहुंच पाएंगे या नहीं. गुरुवार 12 बजे दिन तक बकौल सुमित बड़कागांव विधायक निर्मला देवी भोपाल में ही थी. बताया गया कि वो लोग कानूनी सलाह ले रहे हैं. तीन-चार घंटे अभी और लगेंगे सारी चीजों को क्लियर होने में. उन्होंने कहा कि झारखंड में हमारे पीछे काफी लोग लगे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें विधानसभा सत्र और कोर्ट की तारीख पर ही झारखंड आने को कहा है. अगर वो बिना कानूनी सलाह के झारखंड आती हैं तो उन्हें नापसंद करने वाले इस बात का इश्यू बना सकते हैं. 

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दूसरे उम्मीदवार को मिल सकता है 25-25 वोट

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समीर उरांव की जीत के बाद बीजेपी के पास 20 वोट बच जाते हैं. 27 वोट का दावा करने वाली विपक्ष के साथ का दावा तो जेवीएम कर रही है. लेकिन संदेह बरकरार है. दिल्ली में सोनिया की डिनर पार्टी हो या राज्य में बीजेपी के खिलाफ बोलना हो, पार्टी के नेता पीछे नहीं हटते हैं. लेकिन राज्यसभा के वोट के मामले में उनपर संदेह कायम है. अगर जेवीएम का वोट गड़बड़ होता है. तो विपक्ष के पास 25 वोट रह जाते हैं. वहीं बीजेपी के 20 वोट के बाद गीता कोड़ा, भानू प्रताप शाही और एनोस एक्का का वोट तय है. हाल में जैसी चर्चा हो रही है, उसमें अरूप चटर्जी का बीजेपी के साथ जाने की बात है. अगर अरूप बीजेपी के साथ जाते हैं तो बीजेपी के खेमे को 24 वोट मिल जाते हैं. वहीं बीजेपी ने एक वोट क्रॉस कराने की तैयारी पूरी कर ली है. माना जा रहा है कि कांग्रेस से नाराज चल रहे पांकी विधायक बिट्टु सिंह खेमा बदल सकते हैं. अगर ऐसा हुआ तो बीजेपी के पास भी 25 वोट हो जा रहे हैं.

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प्रदीप यादव ने कहा ऑल इज वेल, हमारा वोट कांग्रेस को

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इधर प्रदीप यादव ने न्यूज विंग से बात करते हुए कि सब कुछ ठीक-ठाक है. हम अपने स्टैंड पर खड़े है. रांची पहुंच गए हैं. कल वोट देने जाएंगे. वहीं एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन के घर किस विधायक को बुलाया गया था, मुझे नहीं पता. कल मैं रांची में नहीं था और ना ही मेरे से किसी ने अपने घर आने को कहा था. 

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पिछली बार 0.33 नंबर से कैसे जीत गये थे महेश पोद्दार

 

पिछली बार बीजेपी की तरफ से पहले उम्मीदवार को 29 वोट मिले, जीत के लिए उन्हें सिर्फ 27 ही वोट चाहिए थे. वहीं झामुमो के उम्मीदवार बसंत सोरेन को 26 वोट मिले थे. तीन विधायकों ने द्वितीय वरीयता के वोट

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को दिया था. उन्हें पहले से 24 वोट मिले हुए थे. दूसरी वरीयता के लिए दिये गये तीन वोट की वैल्यू निकाली गयी तो 2.33 वैल्यू महेश पोद्दार के वोटों में जाकर जुट गया. इससे महेश पोद्दार के 26.33 वोट हो गये और बसंत सोरेन के पास 26 वोट ही रह गये. इसी कैलकुलेशन पर महेश पोद्दार को जीत मिली और वो राज्यसभा पहुंच गये. इस बार भी कुछ इसी तरह का समीकरण बीजेपी बनाने की कोशिश कर रही है.

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