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राज्यसभा चुनाव को बनाया सीएम के पीए ने मजाक, काउंटिंग के दौरान प्रतिबंधित एरिया में घूमते दिखे, निर्वाचन आयोग क्या लेगा संज्ञान!

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Ranchi:  कहने वाले इसे तानाशाही कह रहे हैं. कोई कह रहा है कि झारखंड की पूर्ण बहुमत वाली सरकार में सब कुछ संभव है. शुक्रवार के दिन में झारखंड राज्यसभा की रिपोर्टिंग के दौरान खास कर मीडिया के लोगों के साथ ऐसा बर्ताव किया जा रहा था, जिसे देखकर दूसरों के मन में खौफ पैदा हो रहा था. सुरक्षा कर्मी वोटिंग रुम से करीब 50 फीट का दायरा बना कर अपनी सुरक्षा में मुस्तैद थे. किसी के भी आने-जाने पर मनाही थी. लेकिन कानून क्या वहां सब के लिए एक था. यह सवाल नीचे लगे वीडियो को देख कर जरूर उठता है. बहरहाल झामुमो के लोगों ने देर रात तक इस बात को लेकर विधानसभा परिसर में जबरदस्त हंगामा किया और नारेबाजी की. 

 

सीएम के पीए अंजन सरकार क्या कर रहे थे वोटिंग एरिया में

सईया भये कोतवाल………. वाली कहावत शायद यहां लाजमी हो जाती है. सीएम रघुवर दास के पीए अंजन सरकार ना तो चुनाव आयोग के अधिकारी हैं, और ना ही कोई विधायक जिन्हें पोलिंग एजेंट बनाया गया हो. सनद रहे कि बात हो रही है एक संवैधानिक निर्वाचन प्रक्रिया की. कैसे कोई भी शख्स चुनाव और गिनती के दौरान वोटिंग परिसर में घुस सकता है. जबकि बाहर खड़ी फोर्स ऐसे किसी भी शख्स को रोक रही है जो चुनाव से जुड़ा अधिकारी या पदाधिकारी ना हो. सीएम रघुवर दास के पीए अंजन सरकार को किसने और किस प्रक्रिया के तहत ये पावर दे दिया कि वो काउंटिंग के दौरान प्रतिबंधित एरिया में घुस जाएं. वहां से फोन पर किसी से बात करें. ऐस सब कुछ हुआ है. वीडियो को देख कर इस तानाशाही का पर्दाफाश होता है. 

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क्या निर्वाचन आयोग लेगा संज्ञान ?
सीएम रघुवर दास के पीए अंजन सरकार का यह वीडियो और किसी ने नहीं बल्कि झामुमो ने जारी किया है. वीडियो को देखने के बाद यह साफ है कि अंजन सरकार प्रतिबंधित एरिया में दाखिल हुए. ऐसे में सवाल यह है कि क्या चुनाव आयोग इस पूरे मामले पर संज्ञान लेगा. सूत्रों की मानें तो इस मामले की जानकारी राज्य की प्रमुख विपक्ष पार्टी चुनाव आयोग को देने जा रही है.

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