न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें
bharat_electronics

रांची में 150 करोड़ खर्च कर जहां बनी थीं नालियां, सबसे ज्यादा जल जमाव वहीं, कहीं ट्रैफिक सिस्टम का भी ना हो वही हाल : सरयू राय

37

NEWS WING

eidbanner

Ranchi, 29 November: रांची की ट्रैफिक व्यवस्था रोज ही अखबारों की सुर्खियां बन रही हैं. ऐसा मान लिया गया है कि अब रांची में ट्रैफिक समस्या से बड़ी कोई समस्या ही नहीं है. जब से माननीय मुख्यमंत्री और राज्यपाल ट्रैफिक जाम में फंसे हैं शहर की पूरी पुलिस व्यवस्था ही ट्रैफिक को संभालने में लगी है. इसका जीता-जागता उदाहरण ये है कि रांची के एसएसपी क्राइम की बैठक कम और ट्रैफिक से संबंधित बैठकों में ज्यादा शिरकत कर रहे हैं. सीएम के ऑर्डर के बाद शहर के तमाम कट्स बंद कर दिए गए हैं. बावजूद इसके ट्रैफिक सिस्टम दुरुस्त नहीं हो पा रही है. ऐसे में सरकार के मंत्री सरयू राय ने ट्रैफिक सिस्टम को सुधारने को लेकर सरकार के असफल प्रयास पर सवाल खड़े किए हैं.

यह भी पढ़ें : झारखंड PRD कुछ खास विभागों व लोगों के लिए है या सभी के लिए, खाद्य आपूर्ति विभाग का कवरेज क्यों नहीं : सरयू राय

ट्रैफिक विशेषज्ञों की मदद से समस्या का निदान कीजिए

मीडिया से बात करते हुए सरकार के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने कहा है कि सरकार के मंत्री और रांची के विधायक सीपी सिंह से ज्यादा रांची शहर को कोई नहीं जानता. रांची की ट्रैफिक समस्या कैसे ठीक होगी ये बात वो अच्छी तरह जानते हैं. आज से दो साल पहले रांची में जल जमाव की समस्या को ठीक करने के लिए करीब 150 करोड़ की लागत से शहर भर में नाले-नालियां बनायी गयी थीं. लेकिन, देखा ये जा रहा है कि जहां ये नालियां बनी हैं, वहीं सबसे ज्यादा जल जमाव होता है. कहीं वही हाल रांची के ट्रैफिक व्यवस्था का ना हो जाए. जरूरत है कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को किसी ट्रैफिक विशेषज्ञ को दिखाने की. उसके अध्ययन के बाद उनसे राय लेने की. उसके बाद किसी तरह का बदलाव किया जाए. 

Related Posts

पूर्व सीजेआई आरएम लोढा हुए साइबर ठगी के शिकार, एक लाख रुपए गंवाये

साइबर ठगों ने  पूर्व सीजेआई आरएम लोढा को निशाना बनाते हुए एक लाख रुपए ठग लिये.  खबर है कि ठगों ने जस्टिस आरएम लोढा के करीबी दोस्त के ईमेल अकाउंट से संदेश भेजकर एक लाख रुपए  की ठगी कर ली.

mi banner add

लंबा घूमाना क्या बुद्धिमानी है

मंत्री सरयू राय ने कहा कि अगर मैं डीपीएस की तरफ से प्रोजेक्ट बिल्डिंग जाता हूं तो बिरसा चौक तक जाना पड़ता है और घूम कर आना पड़ता है. बिरसा चौक से विधानसभा के बीच कहीं काम हो तो विधानसभा तक जाना पड़ता और फिर घूमना पड़ता है. ऐसा करने से क्या शहर में जाम की समस्या खत्म हो गयी. इसलिए पहले किसी विशेषज्ञ से राय ली जाए उसके बाद ही किसी तरह का परिवर्तन किया जाए. 

यह भी पढ़ें : Newswing Probe-04: पीवीयूएनएल को जब बंद करने का फैसला लिया गया, तब फायदे में थी कंपनी

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

dav_add
You might also like
addionm
%d bloggers like this: