न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

रांची में हर महीने आधे दर्जन आर्म्स एक्ट का मामला होता है दर्ज, पूरे राज्य में 559 मामले आए सामने 

29

Chandi dutta jha

रांची पुलिस अवैध हथियारों का जखीरा कई बार पकड़ चुकी है. इसके बावजूद हथियार सप्लाई करने का सिलसिला रुकने का नाम नही ले रहा. राजधानी रांची में अवैध हथियार तस्कर काफी सक्रिय है, तस्कर कम कीमत पर अपराधियों को हथियार उपलब्ध करा देते है. साथ ही उन तक यह हथियार आसानी से पहुंच भी जाता है. राजधानी में कई हत्याएं इस कारण हो चुकी है. पुलिस विभाग के आंकड़ो के हिसाब से वर्ष 2017 में रांची के विभिन्न थानों में आर्म्स एक्ट के तहत 72 मामले दर्ज किए गए. वहीं इस वर्ष जनवरी और फरवरी में नौ मामले आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किए जा चुके हैं. जबकि राज्यभर में अवैध हथियार को लेकर 559 मामले दर्ज किए गए हैं. हथियारों के इस अवैध कारोबार की जानकारी ना तो पुलिस को सही तरीके से मिल पाती है, ना ही कोई खुफिया एजेंसी इसपर सक्रिय नजर आती है. सप्लायर धुर्वाडोरण्डाजगरनाथपुरतुपुदानाअरगोड़ा और रातु क्षेत्र में विशेष रूप से सक्रिय रहते है.

इसे भी देखें- चार लाख का केक, 19 लाख का फूल और 2.5 करोड़ का टेंट : झारखंड की बेदाग सरकार पर अब “स्थापना दिवस घोटाले” का दाग

मुंगेर से रांची पहुंचता है अवैध हथियार 

मुंगेर में हथियार बनाने का काम अंग्रेजों के जमाने से ही चल रहा है. कहा जाता है कि मीरकासिम ने अंग्रेजों से लड़ने के लिए हथियार बनवाने का काम शुरू करवाया था. यहां के बने हथियारों का लोहा अंग्रेज सरकार भी मानती थी. अब तो मुंगेर के हथियार राजधानी रांची में भी पैर फैला चुके हैं. कम दाम पर मिलने के कारण सप्लायर चोरी-छिपे रांची सहित अन्य जिलों में बेचते है. अवैध हथियार सप्लाई करने में सप्लायर औरतों का इस्तेमाल भी कर रहे है. इस काम में महिलाओं के इस्तेमाल का फायदा यह होता है कि किसी को उनपर जल्दी शक नही होता. लिहाजा अवैध हथियार आराम से पुलिस की नजरों से बचते हुए ठिकाने तक पहुंच जाते हैं.

देशभर में पहुंचता है मुंगेर का हथियार

मुंगेर में बने हथियारों की झारखंड सहित पूरे देश में मांग है. इसकी खास वजह ये है कि सस्ता होने के साथ हथियार की क्वालिटी भी अच्छी मानी जाती है. देसी पिस्टल और नाइन एमएम पिस्टल मुंगेर में आसानी से मिल जाता है. जबकि ऑर्डर करने पर कार्बाइनइंसासस्टेनगनऑटोमेटिक रायफल तक भी उपलब्ध कराया जाता है. आपराधिक गिरोहों के अलावा नक्सली, पीएलएफआई के सदस्य भी मुंगेर में बने हथियार का इस्तेमाल करते है. सूत्रों की माने तो झारखंड में मुंगेर में निर्मित हथियार सप्लायरों का एक डीलर भी सक्रिय है.

इसे भी देखें-   पलामू : आर्म्स एक्ट मामले के छह आरोपियों को सुनाई गयी सजा

फाइल फोटो

इस दर पर बिकते हैं मुंगेर क हथियार

कार्बाइन – एक लाख रुपए

एके 47 – 1.80 लाख रुपए

सिक्सर – 5000-8000 रुपए

देशी कटटा – 2000 से 3000 रुपए

नाइन एमएम पिस्टल – 8000-12000 रुपए

 

रांची में पढ़ने वाले दो छात्र पकड़े गए

अक्टूबर 2017 को रांची पुलिस ने चुटिया थाना क्षेत्र के बहू बाजार इलाके से विशाल और गोलू को हथियार तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था. पुलिस ने 2 पिस्टल2 मैगजीन और 2 कारतूस, बरामद किया था. दोनों रांची में रहकर पढ़ाई करते थे. अवैध हथियार शकील नामक किसी व्यक्ति को सप्लाई किया जाना था.

मुंगेर में निर्मित कार्बाइन के साथ धराया

अगस्त 2016 को रांची पुलिस ने लोडेड मुंगेर निर्मित कारबाइन और कारतूस के साथ विकास कुमार को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार आरोपी हेसल का रहने वाला था. पुलिस को पूछताछ में बताया कि किसी वारदात को अंजाम देने के लिए वह हथियारों की सप्लाई अपराधियों को करने जा रहा था.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: