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रांची: पिता घर-घर जाकर बेचते हैं दूध, अब बेटा पंकज यादव खेलेगा क्रिकेट वर्ल्ड कप

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Ranchi, 04 December: टैलेंट हो तो मुश्किलों में भी मंजिल मिल जाती है. कुछ यही साबित किया है, रांची के लेग स्पिनर पंकज यादव ने. कांके के रहनेवाले पंकज यादव के घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. पिता घरों में दूध बेच कर परिवार चलाते हैं. पर आर्थिक तंगी के बाद भी वह क्रिकेट खेलता रहा और अपनी मेहनत की बदौलत भारतीय अंडर-19 टीम में जगह बनायी. अपनी फिरकी गेंदबाजी से देश के बाकी खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए अपना मजबूत दावा चयनकर्ताओं के सामने रखा. कांके में रहनेवाले पंकज के कोच वाइएन झा ने बताया, पंकज बचपन से ही प्रतिभावान है.

लेग स्पिनर के रूप में शुरुआत करेगें पंकज

इसके पिता चंद्रदेव यादव हर सुबह घर-घर घूम कर दूध बेचते हैं. माता मंजू देवी गृहिणी हैं. दो बहनों के एक भाई पंकज के घर का गुजारा मुश्किल से होता है. उन्होंने बताया, पंकज पर मेरी नजर पड़ी और मैं उसे क्रिकेट खेलने के लिए ले गया. मेहनत रंग लायी और पंकज ने लेग स्पिनर के रूप में अपनी शुरुआत की. चयन की जानकारी मिलते ही पंकज ने अपने कोच और मेंटर युक्तिनाथ झा को मिठाई खिलायी.

खुद के सपनों को किया साकार  

रांची जिला क्रिकेट लीग की बी डिवीजन की टीम बीएयू (बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी) ब्लास्टर्स से खेलनेवाले पंकज यादव पिछले दो साल से एनसीए कैंप के रेगुलर सदस्य हैं. इस साल पहली बार उन्हें झारखंड अंडर 19 टीम का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला, जहां उन्होंने अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खिंचा. रांची की बी डिवीजन टीम से सीधे टीम इंडिया अंडर-19 टीम का सदस्य बनने का अवसर मिलना, किसी के लिए भी सपना हो सकता है, लेकिन पंकज ने इस सपने को साकार कर दिखाया है. इससे पहले उन्होंने चैलेंजर ट्रॉफी में खेलते हुए इंडिया ग्रीन की तरफ से तीन मैच में नौ विकेट हासिल किये थे. इसके अलावा अंडर-16 बी डिवीजन के एक सीजन में पंकज ने 42 विकेट लिये.

सिंहभूम का अनुकूल राय भी टीम में

फरवरी में न्यूजीलैंड में होनेवाले अंडर-19 विश्वकप क्रिकेट टीम में रांची के पंकज यादव के अलावा सिंहभूम के अनुकूल राय शामिल हैं. झारखंड के दो प्लेयर वर्ल्ड कप खेलेंगे.

पंकज का दिल शुरू से पढ़ाई में नहीं लगा

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पकंज को इस मुकाम तक पहुंचाने में मां मंजू देवी का बड़ा योगदान है. बेटे की टीम इंडिया में चयन की खबर सुनकर मां की आंखे खुशी से भर आई. वो सबको मिठाइयां खिला रही हैं आैर कह रही हैं कि ‘मेरा बेटा अब अपने देश के लिए खेलेगा. टीवी में हम उसके सभी मैच देखेंगे. ‘पंकज का दिल शुरू से पढ़ाई में नहीं लगा. वो मोहल्ले में सुबह से शाम केवल क्रिकेट खेलता था. यह देखकर मैंने उसके पिता से कहा कि उसका कोई क्रिकेट एकेडमी में एडमिशन करा देना चाहिए. ‘लेकिन पिता पैसा नहीं रहने के कारण मजबूर थे. फिर मैंने बीएयू एकेडमी जाकर युक्तिनाथ झा जी से बात की. उन्होंने मेरे बेटे को यहां खेलने के लिए हामी भर दी. घर से रोज दो किलो मीटर मैं पंकज को लेकर ग्राउंड जाती, आैर उसके प्रैक्टिस तक वहीं रुकी रहती थी.’

कोच ने कहा, सीनियर टीम में जरूर खेलेगा

पंकज का शुरुआती क्रिकेट करियर बीएयू ब्लासटर्स कांके से हुआ. एकेडमी के कोच युक्तिनाथ झा ने कहा कि ‘पंकज में शुरू से क्रिकेट खेलने का जुनून रहा. ‘हर दिन कम से कम सात घंटा प्रैक्टिस करता है. विकेट लगाकर बॉलिंग करता आैर निशाना साधता. देर हो जाने पर वो मेरे ही घर पर सो जाता था. वो एक दिन जरूर सीनियर टीम में टीम इंडिया के लिए खेलेगा.’

पंकज ने कहा, ‘मेरा लक्ष्य सीनियर टीम में खेलना

‘मेरा लक्ष्य सीनियर टीम में खेलने का है. मेरी सफलता में कोच युक्तिनाथ सर का बहुत बड़ा योगदान है. अब मेरा पूरा ध्यान वर्ल्ड कप पर है. मैं वहां जरूर अच्छा प्रदर्शन करूंगा.’

पृथ्वी शाह के हाथों में रहेगी कमान

टीम की कमान 17 साल के युवा बल्लेबाज पृथ्वी शाह के हाथों में रहेगी, जबकि शुभम गिल उपकप्तान होंगे. न्यूजीलैंड के चार शहरों में अगले साल 13 जनवरी से तीन फरवरी तक होने वाले इस टूर्नामेंट में गत चैंपियन वेस्टइंडीज समेत कुल 16 टीमें हिस्सा लेंगी. बेंगलुरू में आठ से 22 दिसंबर तक कैंप चलेगा.

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