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रांचीः होमगार्ड जवानों का हाल बेहाल, काम पुलिस वाला और वेतन कुली वाला

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Chandi Dutta Jha
Ranchi, 5 December:
  होमगार्ड जवान की थाने से लेकर चौक चौराहा तक ड्यूटी लगाई जाती है. शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित करना हो या फिर किसी बैंक की चौकशी करनी हो, हर जगह होमगार्ड जवानों को तैनात किया जाता है. लेकिन होमगार्ड जवानों की आर्थिक हालत पुलिस कर्मी से कहीं ज्यादा खराब है. इनसे 400 रूपये डेली वेजेज पर काम कराया जाता है. अगर किसी को काम नहीं मिला तो उनका वेतन भी नहीं बनता. होमगार्ड जवानों के संगठन ने सरकार से कई बार समान काम के लिए समान वेतन की मांग की है, लेकिन इसके लिए किसी तरह की कोई पहल नहीं की गयी. बता दें कि वर्तमान में रांची जिला में 1975 होमगार्ड के जवान कार्यरत है.

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जीवन यापन करने की समस्या

अपना दुख बताते हुए कई जवानों ने बताया कि आज के इस महंगाई के समय में रोजाना 400 रुपये में गुजारा करना भी कठिन है. इतने रूपये में तो बच्चों को पढ़ाना लिखाना भी सही तरीके से नहीं हो पाता है. संगठन ने कई बार अधिकारियों से समान वेतन की मांग की है लेकिन किस ने इसपर ध्यान नहीं दिया.  

कमान काटने और पसंदीदा ड्युटी में होती है पैसे की मांग

नाम नहीं छापने के शर्त पर कुछ जवानों ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि होमगार्ड जवान की अगर कहीं पर काम के लिए कमान काटी जाती है तो इसके लिए दो से ढ़ाई हजार की वसूली की जाती है. वहीं अगर कही पसंदीदा जगह में ड्यूटी लगाया गया तो इसके लिए भी पंद्रह सौ से दो हजार की वसूली की जाती है.

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जवानों से अरदली का काम कराया जाता है

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जवानों ने बताया कि ड्यूटी से ज्यादा अरदली का काम कराया जाता है. इस तरह के काम को करने से अगर किसी जवान की तरफ मना किया जाता है तो अधिकारी उसे नौकरी से हटाने की धमकी देते हैं. जिसकी वजह से कोई भी होमगार्ड जवान विरोध करने की हिम्मत नहीं करता है.

ऑनलाईन सुधार के लिए भी राशि की वसूली

सुत्रों के अनुसार कई ऐसे जवान है जिनकी उम्र 58 वर्ष है, किसी का बाण्ड छुट गया है या किसी के नाम को ऑनलाईन सुधारना है तो इसके लिए भी 10-15 हजार की वसूली की जाती है. वहीं रांची जिले में लगभग 300 होमगार्ड जवानों से यह राशि वसूली जा चुकी है.

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घुस के खेल में जवान होते हैं फेल

6 अक्टुबर को घुसखोरी से परेशान जवानों ने मुख्य सचिव को एक पत्र भी दिया था, जिसमें बताया गया था कि पूर्व कंपनी कमांडर संजीव कुमार प्रति कमान चार माह के लिए 1500 की वसूली करता था, लेकिन वर्तमान कंपनी कमांडर राम जी चार माह के लिए 2500 रूपये की वसूली करता है. अगर कोई आवाज उठाता है तो सेवा मुक्त कर हमेशा के लिए हटा दिया जाता है.

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