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रांचीः हताशा से ग्रस्‍त युवा करते हैं आत्महत्या

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Chandi Dutta Jha
Ranchi, 30 November:
एक ही दिन (28 नवंबर, 2017) में तीन युवाओं के आत्‍महत्‍या से शहर सकते में है. हाल के कुछ दिनों के आंकड़ों को देखा जाए तो दर्जन भर युवाओं की जान आत्‍महत्‍या के कारण गयी है. हालात ऐसी हैं कि पुलिस तक को छात्रों और युवाओं की काउंसलिंग करनी पड़ रही है, ताकि आत्‍महत्‍या जैसी घटनाओं को रोका जा सके. इन आत्‍महत्‍याओं में प्रेम प्रसंग, पढ़ाई में असफलता, रोग व्‍याधि तो कहीं उच्‍च महात्‍वाकांक्षा के पूरे न होने जैसे कारण नजर आ रहे हैं. आज के किशोर और युवा भले फैशनपरस्‍त और ऊर्जावान नजर आते हैं, पर इनमें संघर्ष करने, संयम  और परिश्रम की कमी है. हालात इतने खराब हो चुके हैं कि, शिक्षकों के डांट फटकार भर से ही यह पीढ़ी आत्‍महत्‍या जैसी कदम उठा ले रही है. जानकारों का कहना है कि भौतिक सुख साधनों की बहुतायत के बीच जल्‍द से जल्‍द सब कुछ पा लेने की चाहत, आभासी दुनिया में जीने और उसी से प्रेम पाने की कोशिश और विफलता युवाओं में आत्‍महत्‍या की प्रवृति को बढ़ा रही है. आज एक वर्ग के पास पैसा बहुत है उनके लिये वो सब खरीदना बहुत आसान है जो आज से कुछ साल पहले एक बड़ी आबादी को भी नसीब नहीं थी. ऐसे वर्ग के इर्द-गिर्द रहने वाले उन युवाओं की महात्‍वाकांक्षा ज्‍यादा रहती है जो अब तक इसे नहीं पा सके हैं और असफलता इनमें कुंठा पैदा करती है. यही कारण होता है कि कई आत्‍महत्‍या तक कर लेते हैं. कई युवाओं ने आत्‍महत्‍या के पहले अपने परिजनों से पत्र लिख कर ये बात कही है कि ”मैं जीवन में कुछ नहीं कर सका इसलिये मुझे माफ कर दें”. युवाओं की एक बड़ी आबादी प्रेम संबंधों और उसके टूटने से अवसाद की वजह से आत्महत्या कर लेती है. युवाओं की कच्‍ची समझ के कारण वो इसे जिंदगी से ज्‍यादा महत्व दे रहे हैं और ऐसे में आपराधिक कदम उठाने से लेकर आत्‍महत्‍या तक कर रहे हैं. दरअसल पूरी युवा आबादी को एक काउंसलिंग की जरूरत है. वो उस उम्र में वो सब कुछ पा लेना चाहते हैं जिसके लिये उनके अभिभावकों ने सारी जिंदगी लगा दी है.

हाल की कुछ घटनाएं

28 नवम्बर को लालपुर थाना क्षेत्र में 30 वर्ष के प्रभात सोरेन ने आत्महत्या कर ली. सुत्रो से मिली जानकारी के अनुसार एक लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा था. आत्महत्या  का कारण भी यही बताया जा कहा है.

28 नवम्बर को ही बरियातू थाना क्षेत्र में 16 वर्ष के दिलीप कुजूर ने घर से 400 मीटर दूर आत्महत्या कर लिया. दिलीप कई माह से खुजली की बीमारी से परेशान था

6 नवम्बर को परीक्षा में फेल होने के कारण विनायक गल्स हॉस्टल में रहने वाली मेघा ने आत्महत्या कर ली. छत के छड़ से लटकता हुआ शव पुलिस ने बरामद किया था.

1 अगस्त को इंस्पेक्टर की बेटी पूजा आनंद ने धुर्वा डैम में कूद कर जान दे दी थी, घर में ड्रेस खरीदने के लिए मां से विवाद हुआ था.

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

शहर के जाने-माने न्यूरो साइकियाट्रिक डॉ वासुदेव दास ने बताया कि आत्महत्या के कारणों में वृद्धि युवाओं के धीरज में कमी का सबसे बड़ा कारण है. इसके अलावा युवाओं में अव्वल आने का प्रेशर और पढ़ाई का लोड ज्यादा है. उन्होंने कहा कि माता-पिता भी बच्चों को टाइम नहीं दे रहे हैं. साथ ही कई युवा नशा के आदि हो रहे है. युवा शराब, गांजा, टेबलेट, सिरप सहित कई तरह के नशा के पदार्थों का इस्तेमाल कर रहे है. नशीले पदार्थ नहीं मिलने से भी युवा आत्महत्या कर रहे हैं. बच्चों को खेल-कूद के प्रति भी माता-पिता को प्रोत्साहित करना जरुरी है. सिर्फ अव्वल अंक लाने के चक्कर में युवा व बच्चे पढ़ाई करने में लगे रहते हैं. अलग-अलग विषयों के ट्यूशन पढ़ने से भी बच्चों और युवाओं में तनाव हो रहा है. इन सभी कारणों पर लोगों को ध्यान देने की जरुरत है.

आत्महत्या के सात मुख्य कारण

घरेलु हिंसा का ज्यादा शिकार महिलाएं होती है. लगातार तनाव अशांति के कारण अवसाद और अंत में आत्महत्या कर लेती हैं.

वित्तीय कारण कर्ज का भुगतान करने में असमर्थता, काम की तलाश, बीमार माता पिता के मेडिकल खर्च में नाकाम ऐसे लोगों में तनाव होने लगता है जो आत्महत्या का कारण है.

शिक्षा छात्रों में आत्महत्या का कारण बेहतर प्रदर्शन की चाह, माता पिता का दबाब उनके अपेक्षाओं पर खरा नही उतरना. शिक्षा का खर्च वहन करने में समस्या आदि के कारण छात्रों में आत्महत्या की प्रवृति बढ़ी है.

नशे का शेवन नशा समाज के हर वर्गो को प्रभावित करता है. कई युवा आज के समय में इसके शिकार है. जो पूरा नही होने पर आत्महत्या की और ले जाता है.

गंभीर बीमारी भयानक शारीरिक बिमारी कैंसर, एड्स आदि से पीड़ित व्यक्ति में हीन भावना घर कर जाती है जो पीड़ा बर्दाश्त करने से बेहतर आत्महत्या करना विकल्प समझता है.

मानसिक बीमारी इस रोग से पीड़ित व्यक्ति कलंक और जड़ता के कारण हीन भावना से ग्रसित हो जाता है जिससे निकलना मुश्किल हो जाता है. जो अंत में आत्महत्या कर जीवन लीला समाप्त कर लेता है.

आत्महत्या से बचने के उपाय

ऐसे लोगों को अच्छे दोस्तों के साथ रहना चाहिए, अच्छी शिक्षा देने वाली फिल्म देखनी चाहिए. जिससे सकारात्मक उर्जा आएगी. योगा, शारीरिक व्यायाम और मेडिटेशन करने की आदत डालनी चाहिए. माता-पिता को ऐसे बच्चों पर खास ध्यान देना चाहिए. अकेने में कभी नही छोड़ना चाहिए. किसी भी अनावश्यक हरकत पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.

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