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रांचीः प्रमंडलीय आयुक्त ने की निजी स्कूलों की मनमानी पर नकेल कसने की पहल

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News Wing Ranchi, 12 December: राजधानी रांची के निजी स्कूलों की मनमानी पर नकेल कसने की कवायद प्रशासन ने शुरू कर दी है. रांची के सभी निजी स्कलों के प्रबंधन के साथ मंगलवार को प्रमंडलीय आयुक्त ने बैठक की. बैठक में रांची जिले के सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के प्राचार्य एवं सचिवों  ने भाग लिया. बैठक में सुप्रीम कोर्ट, सीबीएसई और आरटीई दवारा जारी दिशानिर्देश के अनुपालन पर चर्चा हुई. इसके अलावा बसों के परिचालन समेत अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई. बैठक में डीसी, एसडीओ एडीएम विधि व्यवस्था, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, परिवहन पदाधिकारी भी मौजूद थे.

बस में ट्रांसपोर्ट मैनेजर की बहाली जरुरी

लगातार हो रहे घटनाओं को देखते हुए आयुक्त ने बस के भीतर सीसीटीवी, जीपीएस, स्पीड गर्वनर, और बस में स्टार्ट प्वाइंट से लेकर इंड प्वांइट तक एक ट्रांसपोर्ट मैनेजर की बहाली करने की हिदायत दी. साथ ही कहा कि अगर ये सुविधाएं नहीं होंगी तो बस का परमिट रिन्यू नहीं किया जाएगा या रद्द कर दिया जाएगा. ज्ञात हो कि एक साल पहले ही सभी स्कूलों से बस के डिटेल्स मांगे गए थे, पर केवल 7 स्कूलों ने ही जमा किए थे.

एनसीईआरटी किताबों की करनी है एडवांस बुकिंग

एनसीईआरटी किताबों की कमियों को देखते हुए सभी स्कूलों को एनसीईआरटी की किताबों  के लिए एडवांस बुकिंग करने को कहा गया है. ताकी आने वाले सत्र में किताबों को लेकर किसी तरह का कोई परेशानी नहीं हो, साथ ही स्कूलों को ये निर्देश दिया की छात्रों पर किसी संबंधित दुकानों से किताब खरीदने के लिए बाध्य न किया जाए.

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11 महीने का ही बस भाड़ा लेने का निर्देश

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बैठक मे सभी स्कूलों को साल के 11 महीने का ही बस भाडा लेने का निर्देश दिया गया है. विदित हो कि स्कूल गर्मी और सर्दियों की छुटटी में भी छात्रों से भाड़ा वसूलती है. उपायुक्त ने सुझाव देते हुए कहा कि ज्यादा ट्रैफिक वाले इलाकों में 38 सीटों वाली बसों का परिचालन करने को कहा.

न्यूनतम वेतन और न्यूनतम योग्यता पर भी होगी नजर

स्कूलों को जारी दिशानिर्देश के हिसाब से स्कूलों से टीचिंग और नन टीचिंग स्टाफ के वेतन पर भी चर्चा की गई. साथ ही कहा गया कि शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता टेट, बीएड, सीटेट आदि होने चाहिए. इस पर प्राचार्य ने कहा कि नार्मस के हिसाब टेट और सीटेट वालों को ही परमामेंट किया जा सकता है.

बनानी है फीस रेग्यूलेशन कमिटी

झारखंड शिक्षा अधिनियम के तहत हर स्कूल को फीस रेग्यूलेटरी कमिटी बनानी है. कमिटी में स्कूल के प्रतिनिधि अध्यक्ष होंगे, स्कूल के प्राचार्य सचिव होंगे, स्कूल के तीन शिक्षक और तीन पैरेंट्स मेंबर होंगे. यही कमिटी फीस तय करेगी.

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