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युसूफ पूर्ति ग्रामीणों को बहकाकर करवा रहा है पत्थलगड़ी, आदिवासी महासभा को नहीं है मतलब: विजय कुजूर

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Ranchi: जिस विजय कुजूर को पुलिस पत्थलगड़ी का मास्टमाइंड बता रही थी, उसने पुलिस को दिए अपने बयान में इससे पल्ला झाड़ लिया है. उसने पत्थलगड़ी की घटनाओं में आदिवासी महासभा की किसी भीतरह की भूमिका से इंकार किया है. विजय कुजूर आदिवासी महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष है. पिछले दिनों सरायकेला पुलिस ने विजय कुजूर को दिल्ली से गिरफ्तार किया था.

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बता दें कि विजय कुजूर ने बीआईटी मेसरा से मार्केटिंग में एमबीए किया है. वर्तमान में वो शिपिंग कॉरपोरेशन इंडिया लिमिटेड में जीएम के पद पर पदस्थापित हैं.

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युसूफ पूर्ति करा रहा पत्थलगड़ी

विजय कुजूर ने कहा कि युसूफ पूर्ति आदिवासी महासभा का सदस्य है, किसी बड़े पद पर नहीं है. लेकिन एकसाथ कई गांवों में वो पत्थलगड़ी करा रहा है. युसूफ पूर्ति अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए कई गांवों में पत्थलगड़ी करा रहा है. विजय कुजूर ने युसूफ पूर्ति के मकसद से भटकने की बात कही. साथ ही कहा कि वो लोगों को भी भ्रमित कर रहा है. विजय कुजूर ने पुलिस को ये भी बताया कि पिछले तीन महीनों से आदिवासी महासभा के किसी भी पदाधिकारी की युसूफ पूर्ति से बात भी नहीं हुई है. विजय कुजूर ने फादर अगस्टीन केरकट्टा से अपने निजी संबंधों को स्वीकारा. उन्होंने कहा कि फादर केरकट्टा से उनकी मुलाकात होती है. बच्चों को स्कूल जाने से रोकना, सरकारी सेवा का लाभ नहीं लेना, शौचालय नहीं बनाने देना उसके निजी स्वार्थ है. और ये सब वो आदिवासी महासभा के आंदोलन को बदनाम करने और अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए कर रहा है.

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बच्चों को शिक्षा से नहीं रोका

आदिवासी महासभा के उद्देश्यों का जिक्र करते हुए विजय कुजूर ने कहा कि हमने कभी भी बच्चों को पढ़ने से नहीं रोका, ये युसूफ पूर्ति की अपनी सोच है. जो हमारी विचारधारा से मेल नहीं खाती है. हमने कभी भी पुलिस-प्रशासन के विरुद्ध काम नहीं किया. महासभा का उद्देश्य संविधान की 5 वीं अनुसूची का पालन, एसटी क्षेत्रों में सौ फीसदी आरक्षण लागू कराने, सभी स्कूल के सिलेबस में 5वीं अनुसूची को शामिल किये जाने जैसी है.

झारखंड में बड़ा मुद्दा बन गया है पत्थलगड़ी

उल्लेखनीय है कि पत्थलगड़ी राज्य के खूंटी, सिमडेगा, रांची, गमला, सरायकेला व चाईबासा के विभिन्न इलाकों में पत्थलगड़ी की जा रही है. इस दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच कई बार झड़प हो चुकी है. सरकार पत्थलगड़ी को रोकने के लिए तमाम उपाय कर रही है, लेकिन सरकार को इसमें सफलता नहीं मिल रही है. उल्टे हालात और खराब होते जा रहे हैं. पिछले दिनों विशेष शाखा ने सरकार को एक रिपोर्ट भेजी थी, जिसमें कहा गया था कि सरायकेला जिले के इचागढ़ में सरकार के विरुद्ध भोलेभाले आदिवासियों को भड़काया जा रहा है. वहां भी पत्थलगड़ी की योजना है. विशेष शाखा से रिपोर्ट मिलने के बाद डीजीपी डीके पांडेय ने संबंधित जिले के अफसरों को अलर्ट रहने और ससमय कार्रवाई करने का आदेश दिया था. विजय कुजूर तथा रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र की हुंडरू निवासी बबीता कच्छप के नेतृत्व में किसी भी समय सरायकेला में पत्थलगड़ी की बात कही थी. इस संदर्भ में प्रत्येक रविवार को जमशेदपुर स्थित आशियाना गेट के पास ट्रायबल कल्चर सेंटर में बैठक कर आवश्यक निर्देश दिया जाता है. विरोध करने पर पुलिस-पदाधिकारियों पर मामला दर्ज कराने का भी जिक्र थाा रिपोर्ट में.

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