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यात्रीगण कृपया ध्यान दें : हवाई यात्रा के दौरान आपके साथ कुछ भी हो सकता है और आप चाह कर भी कुछ नहीं कर सकते…

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Ranchi/New Delhi: चार फरवरी 2018. स्थानः बेंगलुरू. कार्यक्रमः बीजेपी की 90 दिवसीय यात्रा का समाप्ती समारोह. हमेशा की तरह पीएम नरेंद्र मोदी ने जब माइक थामी तो लगा कि कार्यकर्ता अपनी शोर से आसमान में सुराग कर देंगे. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में उड्डयन नीति की सराहना करते हुए कहा कि “अब वो दिन आ गया है कि हवाई चप्पल पहनने वाले भी हवाई सफर का आनंद उठा सकते हैं.” मौजूदा हवाई टिकट के फेयर को देखकर पीएम मोदी की बात सौ टके सच लगती है. लेकिन साथ ही साथ हवाई सेवा का हाल भी हवा-हवाई हो गया है, इसमें कोई शक नहीं है. एविएशन सेक्टर में कई कंपनियां हाथ आजमा रही हैं. कॉमपिटीशन सर चढ़ कर बोल रहा है. मॉडर्नाइजेशन सारे आयाम को तोड़ रही है. लेकिन कुछ उदाहरण हैं, जिससे हवाई सेवा की हवा-हवाई व्यवस्था की पोल खुल रही है.

Akshay Kumar Jha

Ranchi/New Delhi: चार फरवरी 2018. स्थानः बेंगलुरू. कार्यक्रमः बीजेपी की 90 दिवसीय यात्रा का समाप्ती समारोह. हमेशा की तरह पीएम नरेंद्र मोदी ने जब माइक थामी तो लगा कि कार्यकर्ता अपनी शोर से आसमान में सुराग कर देंगे. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में उड्डयन नीति की सराहना करते हुए कहा कि अब वो दिन आ गया है कि हवाई चप्पल पहनने वाले भी हवाई सफर का आनंद उठा सकते हैं.मौजूदा हवाई टिकट के फेयर को देखकर पीएम मोदी की बात सौ टके सच लगती है. लेकिन साथ ही साथ हवाई सेवा का हाल भी हवा-हवाई हो गया है, इसमें कोई शक नहीं है. एविएशन सेक्टर में कई कंपनियां हाथ आजमा रही हैं. कॉमपिटीशन सर चढ़ कर बोल रहा है. मॉडर्नाइजेशन सारे आयाम को तोड़ रही है. लेकिन कुछ उदाहरण हैं, जिससे हवाई सेवा की हवा-हवाई व्यवस्था की पोल खुल रही है.

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झारखंड के गृह सचिव को आना था रांची पहुंच गए कोलकाता 

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आठ मार्च को एयर एशिया की फ्लाइंट संख्या 15 545 दिल्ली से रांची होते हुए कोलकाता जाने वाली थी. यह विमान 11.45 बजे दिल्ली से उड़ान भरती और रांची 13.35 मिनट (1.35बजे) पहुंचने वाली थी. खबर के ऊपर जो तस्वीर लगायी गयी है वह रांची की है. तस्वीर 2.10 बजे पर ली गयी है. लगी तस्वीर में आप साफ देख सकते हैं कि 2.10 बजे बताया जा रहा है कि यह विमान 1.35 बजे राइट टाइम पर रांची पहुंचेगी. ऐसा कैसे हो सकता है यह अपने-आप में एक शोध का विषय है. 2.15 मिनट पर एयरलाइंलस से पूछे जाने पर बताया जाता है कि विमान लैंड कर चुकी है. पैसेंजर्स अब बाहर निकलते ही होंगे. 2.18 मिनट पर अनाउंसमेंट होता है कि तकनीकी खराबी की वजह से विमान रांची लैंड नहीं कर पायी, आधे घंटे के बाद जानकारी दी जायेगी. थोड़ी देर में यात्री को लाने के लिये लोगों के पास यात्रियों के फोन आने शुरू हो जाते हैं कि फ्लाइट कोलकाता एयरपोर्ट पर है. फ्लाइट के अंदर बैठे यात्री पायलट के साथ बहस करते हैं, तो उन्हें कहा जाता है कि फ्यूल की समस्या की वजह से ऐसा किया गया. दोबारा से फ्लाइट कोलकाता से उड़ान भरती है और करीब 4 बजे रांची एयरपोर्ट पहुंचती है. बताते चलें कि इस फ्लाइट में झारखंड के गृह सचिव एसकेजी रहाटे भी सफर कर रहे थे.

झारखंड के एक आईएएस हर्ष मंगला की हवाई यात्रा की आपबीती सुनिये

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हर्ष मंगला बीते 13 मार्च को दिल्ली से रांची लौट रहे थे. सफर के दौरान उनके साथ जो बीता वो उसे बिना लिखे नहीं रह पाये. अपनी आपबीती लिखने के पीछे मकसद जो भी रहा हो. लेकिन उनके आर्टिकल को पढ़कर हवाई सेवा के प्रति उनके गुस्से को आसानी से समझा जा सकता है. दरअसल इस सफर के दौरान उनके साथ जो कुछ भी हुआ, उसकी शिकायत वो किसी से नहीं कर सकते हैं. ना ही पूरे मामले के लिए जिम्मेदार किसी व्यक्ति पर कार्रवाई के लिए वो आगे बढ़ सकते हैं. ऐसे में लिख कर ही उन्होंने अपनी खींझ निकालने की कोशिश की है. उनके मोबाइल पर 5.53 बजे एसएमएस आता है कि उनके उड़ान भरने वाली गेट को बदल दिया गया है. उड़ान 6 बजे की है और 15 मिनट पहले गेट बंद कर दिया जायेगा. पहले यह उड़ान गेट नंबर 50 से होने वाली थी, जिसे बदल कर गेट नंबर 48 कर दिया गया है. ऐसे में सवाल यह कि सात मिनट पहले आये एसएमएस से यात्री पंद्रह मिनट पहले कैसे गेट पर पहुंच सकते हैं.

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पूरी घटना को लेकर आईएएस हर्ष मंगला ने एक आपबीती लिखी है यह आपबीती अंग्रेजी में लिखी है. जिसका हिंदी रुपांतरण इस तरह है.

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एविएशन स्टेट ऑफ अफेर्यस का सच

एयरलाइंस यात्रियों को सारे नियम और कायदे तब बताते हैं, जब उनकी गलती नहीं रहती है. लेकिन जब उनकी गलती रहती है तो भी उन्हें कोई अफसोस नहीं होता है. Air Vistara , Flight no. UK 733 को 13 मार्च को 5.30 बजे शाम को गेट 50 (टर्मिनल-3) से उड़ान भरना था. 5.40 बज गये, लेकिन एयरलाइंस को कोई भी नुमाइंदा गेट पर नहीं दिख रहा था. मेरे साथ दूसरे यात्री भी इसी इंतजार में थे कि कोई आयेगा और बतायेगा कि आगे क्या करना है. एयरलाइंस के किसी प्रतिनिधि ने किसी भी यात्री को यह बात नहीं बतायी की यात्रा अब गेट नंबर 50 से नहीं बल्कि गेट नंबर 48 से होगी. किसी तरह एक प्रतिनिधि मिला, जिसने बताया कि गेट नंबर बदला जा चुका है. ज्यों ही मुझे इस बात की जानकारी मिली मैंने पूछा कि आखिर ऐसा क्यों हुआ है और इस बात की एनाउंसमेंट क्यों नहीं की गयी. मुझे जवाब मिला कि दिल्ली एयरपोर्ट नो एनाउंसमेंट जोन में आता है. यहां किसी बात की एनाउंसमेंट नहीं होती है. मैंने दोबारा पूछा कि आखिर दूसरे एयरलाइंस वाले किसी तरह का बदलाव होने पर कैसे एनाउंस कर रहे हैं. मुझे जो जवाब मिला, मैं उससे चौक गया. मुझे कहा गया कि आप क्यों नहीं दीवारों पर लगे एलसीडी को देख कर अपडेट होते हैं. ऐसे में सवाल यह उठता है कि मैं एलसीडी को क्यों निहारता रहूं, जब मेरे बोर्डिंग पास पर गेट नंबर 50 लिखा हुआ है. बदलाव के बारे में किसी तरह का कोई एसएमएस भी मेरे फोन पर नहीं आया. ऐसा कहे जाने पर एयरलाइंस का बंदा मेरे साथ बहस करने लगा. जबकि उसे अपनी गलती माननी चाहिये थी. मुझे लगा कि मैं गलत पंगा ले रहा हूं. वो लोग काफी पावरफुल हैं. हो सकता है कि वो लोग मुझे फ्लाइंग ब्लैक लिस्ट में डाल दें. जिसके बाद मैं हवाई सफर कर ही नहीं सकूंगा. ऐसे में चुप रहने में ही भलाई है. यात्रियों को अपनी बात कहने का कोई हक नहीं है. जो हो रहा है होने देना चाहिये.

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इसके बाद मैंने अपने फोन के एसएमएस के इनबॉक्स को चेक किया. मुझे एयरलाइंस की तरफ से एक एसएमएस आया था. मजे की बात यह है कि एसएमएस 5.53 बजे रिसीव किया गया और कहा गया कि उड़ान के 15 मिनट पहले गेट बंद कर दिया जायेगा. उड़ान 6.00 बजे की थी. यानि मेरे पास उड़ान के सात मिनट पहले एसएमएस आता है कि 15 मिनट पहले गेट बंद कर लिया जायेगा. सच्चाई यह है कि एयरलाइंस वाले चाह रहे थे कि कुछ यात्री उड़ान ना भर सके. ऐसा होने पर वो दोबारा से उड़ान भरना चाहेंगे. जिससे एयरलाइंस कंपनी को मुनाफा होता. मैं यह सब इसलिए लिख रहा हूं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस बात की जानकारी हो और वो सतर्क रहें.

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एयरलाइंस को मेरा सुझाव

बॉस प्लीज हमारे स्वागत के लिए झूठे मुस्कान वाले चेहरे न रखा करो. अपने ग्राउंड स्टाफ को अच्छा व्यवहार करने को कहा और अच्छी ट्रेनिंग दो. अगर वो मैनेजमेंट टूल्स जैसे 6 Sigma, PERT, CPM आदि को कंट्रोल नहीं करना जानते हैं तो पब्लिक प्रेसर को कैसे कंट्रोल कर सकते हैं

हर्ष मंगला…

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