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यशवंत सिन्हा का धरना खत्म, फडणवीस से किसानों के मुद्दे पर मिला आश्वासन

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News Wing

Akola, 06 December : भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने किसानों के मुद्दे पर विदर्भ के अकोला में तीन दिनों से चल रहे प्रदर्शन को आज वापस ले लिया और कहा कि मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों को पूरा किया जाएगा. प्रदर्शन के दौरान 80 वर्षीय नेता को सोमवार को हिरासत में लिया गया था लेकिन उसी रात रिहा किए जाने के बाद वह धरना पर बैठ गए. उन्होंने कहा कि फडणवीस ने उनसे टेलीफोन पर बात की थी और उन्होंने मुख्यमंत्री को अपनी मांगों से अवगत करा दिया था.

हाल के समय में पार्टी से दरकिनार किए गए सिन्हा ने जिला पुलिस मुख्यालय में आंदोलन खत्म करने की घोषणा करते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने हमारी मांगों को स्वीकार कर लिया है लेकिन मैं इस आंदोलन को जीत या हार की दृष्टि से नहीं देखता. किसानों को फायदा होगा.’’ सिन्हा ने वहां मौजूद किसानों से अपील की, ‘‘मुझसे वादा कीजिए कि कोई भी किसान आत्महत्या नहीं करेगा.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने आज सुबह 11 बजे मुझसे बात की. हमारे बीच अच्छी चर्चा हुई. मैंने उन्हें किसानों की मांगों से अवगत कराया. उन्होंने मांगों को स्वीकार करने का आश्वासन दिया.’’ विदर्भ में किसानों के प्रति कथित ‘‘उदासीनता’’ के खिलाफ जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने के दौरान सिन्हा को सोमवार की शाम को हिरासत में ले लिया गया था. पूर्व वित्त मंत्री के विचार वर्तमान भाजपा नेतृत्व से मेल नहीं खाते हैं.

किसानों की सभी मांगें पूरी होने तक नेता ने प्रदर्शन स्थल से हटने से इंकार कर दिया था. सिन्हा ने सोमवार को कहा था कि सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने में गंभीर प्रतीत नहीं होती है. शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कल फोन पर भाजपा के वरिष्ठ नेता से बात की थी और उनसे किसानों के मुद्दे पर चर्चा की थी. भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में किसानों की मांगों के समर्थन में अपना धरना आज जारी रखा था. हालांकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनसे फोन पर बात की. किसानों के एक प्रदर्शन का नेतृत्व करने के दौरान सिन्हा को सोमवार की शाम को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था. उस समय वह विदर्भ के किसानों के प्रति राज्य सरकार की ‘उदासीनता’ के खिलाफ जिला कलेक्टर के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे.

पूर्व केंद्रीय मंत्री का भाजपा के मौजूदा नेतृत्व से टकराव चल रहा है.
उन्हें जिला पुलिस मुख्यालय ले जाया गया और बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था. हालांकि 80 वर्षीय नेता ने वहां से जाने से इनकार कर दिया था और पुलिस मैदान में ही धरने पर बैठ गए थे. उन्होंने कहा था कि वह किसानों की सभी मांगों को माने जाने तक अपनी जगह से नहीं हटेंगे.
सिन्हा ने तब कहा था कि सरकार किसानों की समस्याओं के हल के प्रति गंभीर नजर नहीं आती है.
एक अधिकारी ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘ फडणवीस और सिन्हा ने आज सुबह फोन पर बात की और किसानों की मांगों पर चर्चा की.’’ शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कल भाजपा के वरिष्ठ नेता से फोन पर बात की थी और किसानों के मुद्दों पर चर्चा की थी.

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जिला प्रशासन ने दावा किया कि कीड़ों की वजह से कपास किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए उन्हें मुआवजा देने, आनुवंशिक रूप से रूपांतरित नकली बीजों का निर्माण करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई, मूंग, उड़द और सोयाबीन के किसानों को फसल नुकसान पर 100 फीसदी की अदायगी समेत अधिकतर मांगों को मान लिया गया है. किसनों की मांग है कि बैंक अधिकारी और प्रशासन निजी तौर पर ग्राम पंचायत जा कर कर्ज माफी को अमल में लाए. कलेक्टर आस्तिक कुमार पांडे ने कल कहा था कि अधिकतम समर्थन मूल्य से संबंधित मांग को छोड़ सभी छह मांगों को मान लिया गया है. अधिकतम समर्थन मूल्य पर केंद्र सरकार को फैसला करना है. 

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